लखनऊ। अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए राजधानी लखनऊ में एक विशेष अवसर देखने को मिला। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला (Indira Gandhi Planetarium) में 'शनि ग्रह की प्रतियुति' (Saturn Opposition) के दुर्लभ खगोलीय अवसर पर एक विशेष रात्रि आकाश दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आमजन और आकाश प्रेमियों ने भारी संख्या में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और ब्रह्मांड के इस अद्भुत नजारे को निहारा।

​क्या है शनि ग्रह की प्रतियुति (Saturn Opposition)?

खगोल विज्ञान के अनुसार, शनि की प्रतियुति वह विशेष स्थिति होती है जब पृथ्वी, सूर्य और शनि ग्रह के ठीक बीच में आ जाती है। इस अवस्था में शनि ग्रह सूर्य के लगभग विपरीत दिशा में दिखाई देता है। चूँकि इस समय शनि पृथ्वी के अपेक्षाकृत सबसे करीब होता है, इसलिए इसे देखने का यह सबसे अनुकूल अवसर माना जाता है। इस दौरान शनि ग्रह और उसके छल्ले (Rings) काफी चमकीले और स्पष्ट दिखाई देते हैं।

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​प्रकाश प्रदूषण के कारण हुई देरी

लखनऊ शहर में बढ़ते प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) का सीधा असर इस खगोलीय घटना के अवलोकन पर भी पड़ा। अत्यधिक कृत्रिम रोशनी के कारण शाम के समय शनि ग्रह आकाश में अपेक्षाकृत देर से दिखाई दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग सायं 7:30 बजे के बाद ही शनि ग्रह का स्पष्ट अवलोकन संभव हो सका। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने दूरबीन के माध्यम से शनि ग्रह को देखा और इस दुर्लभ खगोलीय अवसर का पूरा आनंद उठाया।

​278 लोगों ने दूरबीन से किया अवलोकन

इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला परिसर से कुल 278 लोगों ने दूरबीन के जरिए शनि ग्रह का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान वहां मौजूद विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को शनि ग्रह, उसकी प्रतियुति और इस खगोलीय घटना के वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों ने शनि ग्रह के अलावा रात्रि आकाश के अन्य खगोलीय पिंडों के बारे में भी अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।

​वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की पहल

इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला समय-समय पर इस प्रकार के स्काई वॉचिंग (Sky Watching) और एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेशन कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता, विद्यार्थियों और युवाओं में खगोल विज्ञान के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। इस पूरे कार्यक्रम के सफल आयोजन में अनुराग अवस्थी, दीपशिखा, मोहम्मद अनस, अभिषेक और अनमोल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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