खबरीलाल न्यूज़ डेस्क / नई दिल्ली:
\r\n\r\nदेश की राजधानी दिल्ली सोमवार को एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक असंतोष का गवाह बनी। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आहूत 'संसद मार्च' के दौरान सोमवार को लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर भारी हंगामा, पुलिसिया लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का तांडव देखने को मिला। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि आंदोलनकारियों ने संसद भवन परिसर के भीतर घुसने का प्रयास किया, जिसके बाद आनन-फानन में संसद के मुख्य द्वार को बंद करना पड़ा।READ ALSO::-बिजनौर में रिश्तों का कत्ल: 13 साल की मासूम से सगे फुफेरे भाई ने किया दुष्कर्म, दरिंदगी के बाद आरोपी फरार
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एक तरफ सड़कों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हो रही थीं, तो दूसरी तरफ इस गतिरोध को सुलझाने के लिए राजनीतिक गलियारों में हाई-लेवल वार्ताओं का दौर भी शुरू हो गया। जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों के तेंट और मंच को पूरी तरह उखाड़ फेंका गया है, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार के रवैये पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। आइए, दिल्ली के इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी को विस्तार से समझते हैं।
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रणक्षेत्र बनी दिल्ली: बैरिकेड्स टूटे, दागे गए आंसू गैस के गोले
\r\n\r\nसोमवार सुबह 8:00 बजे से ही जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम प्रदर्शनकारियों का हुजूम जुटना शुरू हो गया था। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन सुबह करीब 10:00 बजे माहौल अचानक हिंसक हो उठा।
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संसद भवन के मेन गेट पर सुरक्षा घेरा टूटा
\r\n\r\nसुबह 10:00 बजे हजारों की संख्या में आंदोलनकारी जंतर-मंतर पर लगाए गए दिल्ली पुलिस के भारी-भरकम बैरिकेड्स को तोड़कर सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट (संसद मार्ग) की तरफ बढ़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई लेयर की सुरक्षा दीवार खड़ी की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों का आक्रोश भारी पड़ा। आंदोलनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए संसद भवन के बिल्कुल करीब पहुंच गए और परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश करने लगे।
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\r\n\r\n\r\nसंसद में हाई अलर्ट: जिस वक्त बाहर प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार पर दबाव बना रहे थे, उस समय सदन के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के तमाम बड़े सांसद और मंत्री मौजूद थे। सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संसद भवन का मेन गेट बंद कर दिया गया और वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।\r\n
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भीड़ को नियंत्रित करने और पीछे खदेड़ने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने लाठीचार्ज का सहारा लिया। इसके साथ ही हवा में आंसू गैस (Tear Gas) के कई गोले दागे गए। पुलिस के इस कड़े एक्शन के बाद चारों तरफ धुएं का गुबार छा गया और भगदड़ मच गई, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई हैं।
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जंतर-मंतर पूरी तरह खाली: मंच टूटा, टेंट उखड़े
\r\n\r\nसंसद मार्ग पर मचे बवाल के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर बने धरना स्थल पर एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने भारी बल प्रयोग करते हुए जंतर-मंतर से आंदोलनकारियों के मुख्य मंच को खाली करा लिया।
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वहां हफ्तों से लगे टेंट, लाउडस्पीकर और बैनरों को पुलिस ने उखाड़कर फेंक दिया। धरना स्थल पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर बाहर कर दिया गया है। सीजेपी के नेताओं ने दावा किया है कि उनके प्रमुख कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में ले लिया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से किसी भी तरह की हिरासत की बात से साफ इनकार किया है।
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दिल्ली पुलिस की अपील: अफवाहों से बचें
\r\n\r\nबढ़ते तनाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है:
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\r\n\r\n\r\n"हम सभी प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहें। संसद सत्र के चलते नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त है। आम जनता और प्रदर्शनकारी सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे शेयर करें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।"\r\n
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जेपी नड्डा से मुलाकात: सौहार्द्रपूर्ण माहौल में 4 घंटे चली चर्चा
\r\n\r\nजब सड़कों पर लाठियां चल रही थीं, उसी बीच राजनीतिक मोर्चे पर बातचीत का रास्ता भी खुला। सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के सामने बातचीत का औपचारिक प्रस्ताव रखा गया।
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वार्ता का पूरा टाइमलाइन:
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- \r\n सुबह 11:50 AM: कॉकरोच जनता पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation), जिसमें सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल थे, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पर पहुंचा।\r\n \r\n
- \r\n दोपहर तक मौखिक चर्चा: शुरुआती दौर में दोनों पक्षों के बीच सौहार्द्रपूर्ण माहौल में विस्तार से मौखिक चर्चा हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने अपनी चिंताओं से अवगत कराया।\r\n \r\n
- \r\n शाम 4:00 PM: प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा को अपनी मांगों का एक औपचारिक लिखित मांग पत्र (Petition) सौंपा।\r\n \r\n
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मुलाकात के बाद सीजेपी के नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जेपी नड्डा के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने अपनी मांगें मजबूती से रखी हैं। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे इस मुद्दे पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और सरकार के उचित स्तर पर चर्चा करेंगे, हालांकि अभी तक कोई लिखित या ठोस वादा नहीं किया गया है। सीजेपी के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने यह भी दावा किया कि जेपी नड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आस-पास अब पुलिस की ओर से कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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\r\n\r\n\r\nजेपी नड्डा का बयान: "आंदोलनकारियों के डेलीगेशन के साथ बहुत ही सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है। उन्होंने शाम 4 बजे मुझे अपनी लिखित याचिका सौंपी है। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से पुरजोर अनुरोध किया है कि वे देश की संसद की गरिमा का ध्यान रखते हुए अपने धरने को तुरंत समाप्त करें और दिल्ली में सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।"\r\n
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CJP की 3 सबसे बड़ी मांगें: जिन पर अड़ा है विपक्ष
\r\n\r\nकॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने जो लिखित मांग पत्र सौंपा है, उसमें देश के वर्तमान परिदृश्य से जुड़ी तीन बेहद संवेदनशील मांगें शामिल हैं:
\r\n\r\n| \r\n क्र.सं. \r\n | \r\n \r\n CJP की प्रमुख मांगें \r\n | \r\n
| \r\n 1. \r\n | \r\n \r\n जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तुरंत और बिना शर्त जेल से रिहा किया जाए। \r\n | \r\n
| \r\n 2. \r\n | \r\n \r\n देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें या प्रधानमंत्री उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त करें। \r\n | \r\n
| \r\n 3. \r\n | \r\n \r\n NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई धांधली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित अभ्यर्थियों के परिजनों को सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दे। \r\n | \r\n
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विपक्ष का तीखा हमला: "दुश्मन देश के नागरिकों जैसा बर्भाव"
\r\n\r\nदिल्ली में छात्रों और कार्यकर्ताओं पर हुए इस लाठीचार्ज को लेकर देश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। विपक्षी दलों ने संसद के भीतर और बाहर सरकार को तानाशाह रवैया अपनाने का दोषी ठहराया है।
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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस कार्रवाई पर बेहद तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
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\r\n\r\n\r\n"देश की राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और नागरिकों के साथ केंद्र सरकार ऐसा व्यवहार कर रही है, मानो वे हमारे अपने देश के लोग नहीं बल्कि किसी दुश्मन देश के नागरिक हों। अपने हक की आवाज उठाने वालों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई जा रही हैं, उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। यह पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करना क्या इस देश में अपराध हो गया है?"\r\n
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दिल्ली में इमरजेंसी बैठक: गृह सचिव, IB चीफ और कमिश्नर मुस्तैद
\r\n\r\nलुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने और संसद भवन के गेट तक भीड़ के पहुंचने की घटना को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गृह मंत्रालय के निर्देश पर नॉर्थ ब्लॉक में एक हाई-लेवल इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के चीफ व्यक्तिगत रूप से मौजूद हैं। बैठक में दिल्ली के ताजा सुरक्षा हालातों की समीक्षा की जा रही है और खुफिया इनपुट के आधार पर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) को तैनात करने की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि संसद सत्र के दौरान दोबारा ऐसी सुरक्षा चूक न हो।
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दिल्ली में फिलहाल एक नाजुक शांति बनी हुई है। सरकार ने बातचीत का हाथ बढ़ाकर आंदोलनकारियों से धरना खत्म करने की अपील की है, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और मुआवजे की अपनी तीन मांगों पर अड़ी हुई है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जेपी नड्डा द्वारा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद सरकार क्या कदम उठाती है। पल-पल बदलते इस घटनाक्रम की हर बड़ी अपडेट आप तक पहुंचती रहेगी।
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