साल 2025 अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है और दुनिया बाहें फैलाकर नए साल 2026 (New Year 2026) के स्वागत के लिए तैयार खड़ी है। दिसंबर का आखिरी हफ्ता यानी जश्न, रोशनी, संगीत और दोस्तों का साथ। कड़ाके की ठंड के बीच होटलों, पबों और क्लबों की भारी भीड़भाड़ और पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए, आजकल अधिकतर लोग 'हाउस पार्टी' (Home Party) का विकल्प चुन रहे हैं।
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घर की छत या ड्राइंग रूम में दोस्तों के साथ महफिल सजाना सुरक्षित और आरामदायक लगता है। लेकिन, इसी जश्न के शोर में एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी सवाल अक्सर दब जाता है—"क्या मेरे घर में रखी शराब की मात्रा कानून की नजर में जायज है?"
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जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n
शायद आपको यह जानकर झटका लगे कि आपके फ्रिज या कैबिनेट में रखी वह एक 'अतिरिक्त बोतल' (Extra Bottle) आपको नए साल की शुरुआत में ही अपराधी बना सकती है। भारत में शराब रखने के नियम इतने पेचीदा और सख्त हैं कि थोड़ी सी लापरवाही के चलते पुलिस रेड, भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल की सजा भी हो सकती है। जश्न मातम में न बदले, इसके लिए जरूरी है कि आप पार्टी प्लान करने से पहले अपने राज्य के आबकारी नियमों (Excise Rules) को बारीकी से समझ लें।
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संविधान और शराब: क्यों हर राज्य में बदल जाता है नियम?

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अक्सर लोग सवाल करते हैं कि "जब मैं टैक्स देकर शराब खरीद रहा हूं, तो उसे रखने पर पाबंदी क्यों?" इसका जवाब भारतीय संविधान में छिपा है। संविधान की सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत, शराब और उस पर लगने वाला उत्पाद शुल्क (Excise Duty) पूरी तरह से 'राज्य सूची' (State List) का विषय है।
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इसका सीधा मतलब यह है कि केंद्र सरकार शराब को लेकर कोई एक समान कानून नहीं बनाती। हर राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह अपने राजस्व, संस्कृति और कानून-व्यवस्था के हिसाब से नियम तय करे। यही कारण है कि:
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    एक राज्य में शराब पीना 'स्टेटस सिंबल' हो सकता है।
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  • \r\n
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    तो दूसरे राज्य (जैसे बिहार या गुजरात) में वही काम 'घोर अपराध' है।
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  • \r\n
  • \r\n
    दिल्ली में आप घर में 'मिनी बार' बना सकते हैं, लेकिन पड़ोसी उत्तर प्रदेश में वही मात्रा आपको जेल भिजवा सकती है।
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खतरे की घंटी: सीमा से ज्यादा शराब रखने पर क्या होगा?

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अगर आप सोचते हैं कि "घर के अंदर पुलिस कौन सा देखने आएगी", तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती है। पड़ोसियों की शिकायत या मुखबिर की सूचना पर अगर एक्साइज विभाग या पुलिस ने छापा मारा और तय सीमा से अधिक शराब मिली, तो इसे 'अवैध शराब की जमाखोरी' (Illegal Hoarding) और 'तस्करी' (Smuggling) की धाराओं के तहत दर्ज किया जा सकता है।
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इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं:

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  1. \r\n
    गैर-जमानती अपराध: कई राज्यों में यह गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    सरकारी नौकरी पर खतरा: अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो FIR दर्ज होने पर आपकी नौकरी पर आंच आ सकती है।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    भारी जुर्माना: शराब की कीमत से कई गुना ज्यादा जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    सामाजिक प्रतिष्ठा: पुलिस रेड और गिरफ्तारी से समाज में जो बदनामी होगी, वह अलग।
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रेड जोन (Red Zone): जहां 'एक बूंद' भी पहुंचा सकती है सलाखों के पीछे

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न्यू ईयर पार्टी की प्लानिंग करते समय सबसे पहले उन राज्यों की बात करते हैं जहां 'चीयर्स' कहना कानूनन जुर्म है। इन राज्यों को 'ड्राई स्टेट्स' (Dry States) कहा जाता है।
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  1. \r\n
    बिहार (Bihar): यहां अप्रैल 2016 से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्ण शराबबंदी लागू कर रखी है। बिहार में शराब पीना, पिलाना, बेचना, बनाना या घर में रखना—सब कुछ गंभीर अपराध है। यहां न्यू ईयर पार्टी में शराब का विचार भी आपको जेल पहुंचा सकता है। पुलिस यहां ड्रोन और ब्रेथ एनालाइजर से सख्त निगरानी करती है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    गुजरात (Gujarat): महात्मा गांधी की जन्मभूमि गुजरात में 1960 से ही शराबबंदी लागू है। हालांकि, यहां पर्यटकों (Tourists) और अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए परमिट सिस्टम है, जिसके तहत वे सीमित अवधि के लिए शराब खरीद और पी सकते हैं। लेकिन एक सामान्य स्थानीय निवासी के लिए घर में शराब रखना पूरी तरह वर्जित है। पकड़े जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है।
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  4. \r\n
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    अन्य प्रतिबंधित क्षेत्र:
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      नागालैंड: यहां 1989 से शराबबंदी है।
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      मिजोरम: यहां नियम बदलते रहते हैं, लेकिन वर्तमान में कड़े प्रतिबंध लागू हैं।
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    • \r\n
      लक्षद्वीप: यह केंद्र शासित प्रदेश भी शराब मुक्त है, हालांकि 'बंगाराम द्वीप' पर पर्यटकों को थोड़ी छूट मिलती है।
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दिल्ली (Delhi): पार्टी लवर्स के लिए 'जन्नत', लेकिन शर्तें लागू

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को अक्सर पार्टियों का गढ़ कहा जाता है। यहां के नियम देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले काफी उदार हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप 'गोदाम' बना लें।
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दिल्ली एक्साइज नियम (Delhi Excise Rules) क्या कहते हैं?
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    उम्र सीमा: शराब रखने वाला व्यक्ति 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र का होना चाहिए।
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  • \r\n
    अधिकतम सीमा (L-30 License के बिना): एक व्यक्ति अपने घर में कुल 18 लीटर तक शराब स्टोर कर सकता है। इस 18 लीटर में बीयर, वाइन और हार्ड लिकर (व्हिस्की, रम, वोदका) सब शामिल है।
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  • \r\n
    हार्ड लिकर की कैपिंग: ध्यान दें, आप 18 लीटर सिर्फ व्हिस्की नहीं रख सकते। नियमों के मुताबिक, हार्ड लिकर (Spirits) की सीमा 9 लीटर है। बाकी का कोटा आप बीयर या वाइन से पूरा कर सकते हैं।
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  • \r\n
  • \r\n
    एक घर, कई लोग: दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह सीमा 'प्रति व्यक्ति' है, न कि 'प्रति घर'। यानी अगर एक घर में तीन वयस्क (25+) रहते हैं, तो वे अपनी-अपनी अलग-अलग सीमा तक शराब रख सकते हैं, बशर्ते वह संयुक्त स्टॉक (Joint Stock) न लगे।
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  • \r\n
    चेतावनी: दिल्ली से बाहर (जैसे नोएडा या गुरुग्राम) जाते समय आप केवल 1 लीटर खुली हुई बोतल ही ले जा सकते हैं। 'बॉर्डर क्रॉसिंग' पर दिल्ली की शराब के साथ पकड़े जाना तस्करी माना जाता है।
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh): नोएडा-गाजियाबाद वाले खास ध्यान दें

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दिल्ली से सटा होने के बावजूद, उत्तर प्रदेश के नियम बिल्कुल अलग और काफी सख्त हैं। अक्सर नोएडा और गाजियाबाद के लोग दिल्ली से सस्ती शराब लाकर घर में जमा कर लेते हैं, जो कि गैरकानूनी है।
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यूपी के कड़े नियम:

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    बिना लाइसेंस सीमा: एक व्यक्ति अपने घर में निजी इस्तेमाल के लिए केवल 1.5 लीटर विदेशी शराब (IMFL) यानी 750 मिली की मात्र दो बोतलें ही रख सकता है।
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  • \r\n
    बीयर और वाइन: इसके अलावा आप 6 लीटर बीयर (लगभग 9-10 बोतलें) और 2 लीटर वाइन रख सकते हैं।
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    L-50 लाइसेंस (होम बार लाइसेंस): अगर आपकी पार्टी बड़ी है और आपको ज्यादा शराब रखनी है, तो योगी सरकार ने एक रास्ता दिया है। आप 12,000 रुपये सालाना फीस और कुछ सिक्योरिटी मनी जमा करके L-50 लाइसेंस ले सकते हैं।
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      इस लाइसेंस के बाद आप अपने घर में 7.5 लीटर तक विदेशी शराब (IMFL), 30 लीटर बीयर और 30 लीटर वाइन रख सकते हैं।
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    • \r\n
      बिना इस लाइसेंस के अगर घर में 2 बोतल से ज्यादा व्हिस्की मिली, तो धारा 60 और 63 के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है।
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हरियाणा (Haryana): 'जाम' के शौकीनों के लिए नियम

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गुरुग्राम और फरीदाबाद में कॉरपोरेट कल्चर के चलते हाउस पार्टीज बहुत आम हैं। हरियाणा के नियम दिल्ली और यूपी के बीच का रास्ता अपनाते हैं।
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अनुमति सीमा: 

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    देसी शराब: अधिकतम 6 बोतलें (750 मिली प्रत्येक)।
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    विदेशी शराब (IMFL): कुल 18 बोतलें (750 मिली वाली) रखी जा सकती हैं।
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    • \r\n
      पेंच: इस 18 बोतलों में से आयातित विदेशी शराब (Imported Foreign Liquor) की संख्या 6 बोतलों से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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  • \r\n
  • \r\n
    बीयर: 12 बोतलें (650 मिली वाली)।
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    वाइन: 12 बोतलें।
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    अन्य: रम, जिन, वोदका की कुल सीमा 6 बोतलें हैं।
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हरियाणा में भी यह नियम सख्ती से लागू है कि आप यहां की शराब दूसरे राज्य (जैसे दिल्ली) में नहीं ले जा सकते और न ही दूसरे राज्य की शराब यहां ला सकते हैं।
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अन्य प्रमुख राज्यों का 'लिमिट मीटर'

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भारत विविधताओं का देश है, और यह विविधता शराब के नियमों में भी दिखती है। आइए जानते हैं कुछ अन्य राज्यों का हाल:
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1. पंजाब (Punjab): पंजाब में शराब संस्कृति का हिस्सा मानी जाती है। यहां के नियमों के मुताबिक, आप घर में बिना किसी परमिट के:
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    IMFL (व्हिस्की/रम): 2 बोतलें।
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  • \r\n
    बीयर: 1 केस (12 बोतलें)।
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  • \r\n
    आयातित शराब: 2 बोतलें।
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  • \r\n
  • \r\n
    देसी शराब: 2 बोतलें।
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  • \r\n
  • \r\n
    शादियों या पार्टियों के लिए यहां विशेष L-50A परमिट लिया जा सकता है, जो 24 घंटे से लेकर कुछ दिनों के लिए वैध होता है।
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2. राजस्थान (Rajasthan): शाही राज्य राजस्थान में नागरिक अपने घर पर 12 बोतलें (IMFL) या लगभग 9 लीटर शराब रख सकते हैं। यह सीमा काफी हद तक दिल्ली जैसी है। हालांकि, यहां भी सार्वजनिक स्थानों पर पीना अपराध है।
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3. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh): पहाड़ी राज्य हिमाचल में पर्यटकों और ठंड को देखते हुए नियम उदार हैं।
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    बीयर: 48 बोतलें।
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    व्हिस्की/IMFL: 36 बोतलें। यह सीमा देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा है।
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4. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत:

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    आंध्र प्रदेश: यहां बिना परमिट 3 बोतल IMFL या विदेशी शराब और 6 बोतल बीयर की अनुमति है।
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    अरुणाचल प्रदेश: 18 लीटर से अधिक शराब रखने के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य है।
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  • \r\n
    पश्चिम बंगाल: 21 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति बिना लाइसेंस 6 बोतल IMFL और 18 बोतल बीयर रख सकता है।
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    केरल: साक्षरता में अव्वल केरल में शराब की खपत ज्यादा है, लेकिन नियम सख्त हैं। यहां 3 लीटर IMFL और 6 लीटर बीयर की अनुमति है।
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    गोवा: 'पार्टी कैपिटल' गोवा में शराब सस्ती है। यहां निवासी 12 बोतल IMFL, 24 बोतल बीयर और 18 बोतल देसी शराब रख सकते हैं। लेकिन याद रखें, गोवा की शराब राज्य से बाहर ले जाना तस्करी है।
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पार्टी होस्ट के लिए 'खबरीलाल' की चेकलिस्ट (Must Follow Tips)

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अगर आप इस न्यू ईयर पर होस्ट (Host) हैं, तो कानूनी पचड़ों से बचने के लिए इन बातों को गांठ बांध लें:
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  1. \r\n
    परमिट लें (Occasional License): अगर मेहमान ज्यादा हैं और शराब का स्टॉक सीमा से ऊपर जा रहा है, तो आबकारी विभाग की वेबसाइट से एक दिन का 'P-10' (दिल्ली में) या 'Occasional Bar License' (अन्य राज्यों में) जरूर बनवा लें। इसकी फीस 2,000 से 10,000 रुपये के बीच होती है, लेकिन यह आपको पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह सुरक्षित रखता है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    बॉर्डर क्रॉसिंग से बचें: कभी भी हरियाणा (गुरुग्राम) की शराब दिल्ली या दिल्ली की शराब नोएडा (यूपी) लाने की गलती न करें। न्यू ईयर पर बॉर्डर्स पर सघन चेकिंग होती है। चंद रुपये बचाने के चक्कर में आप अपनी गाड़ी और इज्जत दोनों गंवा सकते हैं।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    उम्र का ध्यान रखें (Legal Drinking Age):
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    • \r\n
      दिल्ली: 25 वर्ष।
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    • \r\n
    • \r\n
      हरियाणा: 25 वर्ष।
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    • \r\n
    • \r\n
      यूपी: 21 वर्ष।
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    • \r\n
    • \r\n
      राजस्थान/हिमाचल: 18 वर्ष।
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    • \r\n
    • \r\n
      केरल: 23 वर्ष। पार्टी में नाबालिगों को शराब परोसना कानूनन जुर्म है (Juvenile Justice Act)।
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    • \r\n
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  6. \r\n
  7. \r\n
    शोर-शराबा (Noise Pollution): रात 10 बजे के बाद लाउड म्यूजिक बजाना नियमों का उल्लंघन है। पड़ोसी पुलिस बुला सकते हैं, और पुलिस आने पर शराब का स्टॉक चेक हो सकता है।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    बिल संभाल कर रखें: आप जो भी शराब खरीदें, उसका पक्का बिल (Invoice) अपने पास जरूर रखें। चेकिंग के दौरान यह साबित करने में मदद करता है कि शराब वैध ठेके से खरीदी गई है।
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  10. \r\n
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निष्कर्ष: जिम्मेदारी में ही है असली मजा
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नया साल खुशियों का पैगाम लेकर आता है। इसे खुशियों के साथ ही मनाया जाना चाहिए, न कि थाने के चक्कर काटकर। शराब रखने की सीमाएं (Possession Limits) नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनाई गई हैं। एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि हम इन नियमों का पालन करें।
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इसलिए, इस 31 दिसंबर को पार्टी जमकर करें, लेकिन बोतलें उतनी ही खोलें जितनी कानून इजाजत देता है। खबरीलाल की तरफ से आप सभी पाठकों को आने वाले नए साल 2026 की अग्रिम शुभकामनाएं!
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(डिस्क्लेमर: आबकारी नियम (Excise Rules) राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर संशोधित किए जाते हैं। यह रिपोर्ट वर्तमान उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए, कृपया अपने राज्य के आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम नियमों की पुष्टि अवश्य कर लें। शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और ड्राइव करते समय इसका सेवन जानलेवा हो सकता है।)
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