दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को सुगम और तेज बनाने वाले दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Expressway) पर सफर करने वालों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। इस शानदार एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे पर पिछले एक महीने से जो मुफ्त (Free) सफर का आनंद वाहन चालक ले रहे थे, वह अब समाप्त हो गया है। गुरुवार सुबह आठ बजे से इस रूट पर विधिवत रूप से टोल टैक्स (Toll Tax) की वसूली शुरू कर दी गई है।Read also:-पीएम मोदी की अपील से सर्राफा बाजार में मची हलचल: 'नया सोना खरीदने से बचें, तिजोरी में रखे पुराने सोने को करें रीसाइकल'
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अब यदि आप इस एक्सप्रेस-वे पर अपनी कार या किसी अन्य वाहन से फर्राटा भरने की सोच रहे हैं, तो आपको अपनी जेब ढीली करनी होगी। एलिवेटेड सेक्शन पर शानदार और लग्जरी सफर का अनुभव अब प्रति किलोमीटर के हिसाब से रुपयों में चुकाना होगा। आइए जानते हैं कि इस नए टोल सिस्टम के तहत आपको किस रूट के लिए कितने रुपये चुकाने होंगे और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर क्या नए नियम लागू किए हैं।
\r\n\r\n

 

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n

काठा टोल प्लाजा बना वसूली का मुख्य केंद्र

\r\n\r\n
टोल वसूली के पहले ही दिन से बागपत जिले में स्थित काठा टोल प्लाजा (Katha Toll Plaza) पर जबरदस्त सक्रियता और हलचल देखने को मिल रही है। यह प्लाजा इस एक्सप्रेस-वे के 'फेज-1' का सबसे अहम नियंत्रण बिंदु है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
काठा टोल प्लाजा के मैनेजर अंकित धामा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के 'फेज-1' यानी बागपत के काठा से लेकर सहारनपुर के रसूलपुर तक के हिस्से में टोल टैक्स की नई दरें आधिकारिक रूप से लागू कर दी गई हैं। टोल प्लाजा पर फास्टैग (FASTag) स्कैनर पूरी तरह से काम कर रहे हैं, जिससे वाहन बिना रुके तेजी से गुजर सकें और जाम की स्थिति पैदा न हो।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कार चालकों के लिए टोल टैक्स की सूची (काठा टोल प्लाजा से)

\r\n\r\n
यदि आप कार, जीप या वैन जैसे हल्के मोटर वाहनों (LMV) से यात्रा कर रहे हैं, तो आपके लिए दूरी के हिसाब से अलग-अलग टोल दरें निर्धारित की गई हैं। दिल्ली की तरफ जाने वाले और सहारनपुर की तरफ जाने वाले दोनों ही रूट्स पर टोल चुकाना होगा:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
गंतव्य (रूट)
\r\n
\r\n
सिंगल जर्नी (एक तरफ का सफर)
\r\n
\r\n
रिटर्न जर्नी (24 घंटे में वापसी)
\r\n
\r\n
दिल्ली (Delhi)
\r\n
\r\n
₹240
\r\n
\r\n
-
\r\n
\r\n
करौंदा, शामली (Karaunda)
\r\n
\r\n
₹90
\r\n
\r\n
₹135
\r\n
\r\n
बंतीखेड़ा, शामली (Bantikheda)
\r\n
\r\n
₹110
\r\n
\r\n
₹165
\r\n
\r\n
ख्यावड़ी, थानाभवन (Khyavadi)
\r\n
\r\n
₹135
\r\n
\r\n
₹200
\r\n
\r\n
बड़ागांव से ननौता तक (Nanauta)
\r\n
\r\n
₹155
\r\n
\r\n
₹235
\r\n
\r\n
रसूलपुर, सहारनपुर (Rasulpur)
\r\n
\r\n
₹190
\r\n
\r\n
₹285
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
नोट: जो लोग रोजाना सफर करते हैं या 24 घंटे के भीतर वापस लौटते हैं, उनके लिए रिटर्न जर्नी के तहत कुछ छूट का प्रावधान रखा गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

व्यावसायिक और भारी वाहनों पर टैक्स की भारी मार

\r\n\r\n
एक्सप्रेस-वे के निर्माण और रखरखाव में सबसे ज्यादा खर्च भारी वाहनों की आवाजाही के कारण होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक वाहनों, बसों, ट्रकों और भारी मशीनरी ले जाने वाले वाहनों के लिए टोल की दरें काफी ऊंची (Higher Tax Slabs) रखी गई हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बस और ट्रक (Bus & Truck): काठा टोल प्लाजा से रसूलपुर (सहारनपुर) तक के सफर के लिए भारी वाहनों को एक तरफ (Single Journey) के लिए ₹645 का भुगतान करना होगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ओवर साइज व्हीकल (Over Sized Vehicles): बहुत बड़े व्यावसायिक वाहनों और भारी मशीनरी ले जाने वाले ट्रकों के लिए यह दर और भी अधिक है। ऐसे वाहनों को सिंगल जर्नी के लिए ₹1235 और रिटर्न जर्नी (वापसी) के लिए ₹1850 का भारी-भरकम टोल टैक्स चुकाना होगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इन वाहनों की एक्सप्रेस-वे पर है सख्त 'नो-एंट्री'

\r\n\r\n
एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार काफी तेज होती है, इसलिए सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और स्थानीय प्रशासन ने कुछ वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। टोल बैरियर शुरू होने के साथ ही इन नियमों को और अधिक सख्ती से लागू कर दिया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

प्रतिबंधित वाहनों की सूची:

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    दोपहिया वाहन (Two-wheelers - बाइक, स्कूटर)
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    थ्री-व्हीलर (Three-wheelers - ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा)
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    ट्रैक्टर-ट्रॉली (Tractor-Trolleys)
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    बैलगाड़ी और अन्य धीमी गति वाले वाहन
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रशासन का स्पष्ट रूप से मानना है कि टोल प्लाजा और बैरियर के पूरी तरह सक्रिय हो जाने से अब इन प्रतिबंधित वाहनों का एक्सप्रेस-वे पर चढ़ना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि भयानक सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

नियम तोड़ा तो खैर नहीं: 1 महीने में कटे 500 से ज्यादा चालान

\r\n\r\n
जहां एक ओर टोल वसूली शुरू हुई है, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) ने भी इस नए और चिकने हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है। अक्सर देखा जाता है कि नए और चौड़े हाईवे पर वाहन चालक अपनी कारों को ओवरस्पीड (Overspeeding) में दौड़ाने लगते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यातायात प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। उनके अनुसार, एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के बाद से पिछले एक महीने के भीतर, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले और निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) से अधिक तेज गाड़ी चलाने वाले लगभग 500 वाहनों के चालान काटे जा चुके हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि टोल टैक्स प्रणाली शुरू होने के बाद पूरे कॉरिडोर पर हाई-टेक कैमरों (CCTV & Speed Cameras) और इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए निगरानी और भी कड़ी कर दी गई है। जो भी वाहन चालक स्टंटबाजी करेगा, गलत दिशा (Wrong side) में चलेगा या ओवरस्पीडिंग करेगा, उसके सीधे ऑनलाइन चालान काटकर घर भेजे जाएंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्या टोल देना है फायदे का सौदा?

\r\n\r\n
भले ही वाहन चालकों को अब अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही हो, लेकिन अगर इसके फायदों पर नजर डालें, तो यह एक फायदे का सौदा ही नजर आता है। दिल्ली से सहारनपुर या देहरादून की तरफ जाने वाले यात्रियों को पहले भारी ट्रैफिक जाम, संकरी सड़कों और प्रदूषण का सामना करना पड़ता था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस नए ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर ने न केवल यात्रा के समय (Travel Time) को कई घंटों तक कम कर दिया है, बल्कि वाहनों के ईंधन (Fuel) की भी भारी बचत हो रही है। समय और पेट्रोल/डीजल की जो बचत इस हाईवे से हो रही है, वह चुकाए जा रहे टोल टैक्स की तुलना में कहीं अधिक मूल्यवान है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे जिलों के लिए यह एक्सप्रेस-वे एक बड़ी आर्थिक संजीवनी बनकर उभरा है, जिससे इन क्षेत्रों में व्यापार और कनेक्टिविटी को नए पंख मिले हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यदि आप इस रूट पर सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी का फास्टैग (FASTag) रिचार्ज हो और आप एक्सप्रेस-वे पर तय की गई गति सीमा और सभी यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। आपका सुरक्षित और सुखद सफर ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें