भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कमर कसते हुए पश्चिम बंगाल और केरल के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। BJP candidate list 2026 की इस पहली फेहरिस्त में बंगाल की 144 और केरल की 47 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। बंगाल की राजनीति में सबसे बड़ा धमाका सुवेंदु अधिकारी के नाम को लेकर हुआ है, जिन्हें पार्टी ने एक साथ दो हाई-प्रोफाइल सीटों—नंदीग्राम और भवानीपुर—से चुनावी मैदान में उतारा है। यह फैसला सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है।Read also:-मेरठ से मुंबई तक का 'फिल्मी' सफर: अपहरण के शक में कांप रही थी मां, कोरियन गानों की शौकीन बेटियां मुंबई के होटल में कर रही थीं ऑडिशन की तैयारी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बंगाल में सुवेंदु बनाम ममता: नंदीग्राम और भवानीपुर पर सबकी नज़रें

\r\n\r\n
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने अपनी पहली सूची में 144 उम्मीदवारों को जगह दी है। पार्टी के इस कदम ने राज्य की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। सुवेंदु अधिकारी, जो वर्तमान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, को पार्टी ने फिर से उनके गढ़ नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर सीट से भी उम्मीदवार बनाया है।
\r\n\r\n

 

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को एक बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। उस हार के बाद ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए भवानीपुर से उपचुनाव जीतना पड़ा था। अब भाजपा ने सुवेंदु को भवानीपुर में ममता बनर्जी के खिलाफ उतारकर इस लड़ाई को और भी दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दो सीटों पर होने वाला मुकाबला बंगाल चुनाव की दिशा और दशा तय करेगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

केरल में भाजपा की चुनौती: राजीव चंद्रशेखर पर फिर जताया भरोसा

\r\n\r\n
दक्षिण भारत के एकमात्र वामपंथी गढ़ केरल में भी भाजपा ने अपने 47 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। राज्य भाजपा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को तिरुवनंतपुरम की नेमोम (Nemom) सीट से टिकट दिया गया है। चंद्रशेखर को 2024 के लोकसभा चुनाव में तिरुवनंतपुरम सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पार्टी ने एक बार फिर उन पर बड़ा दांव खेला है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

केरल के अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं:

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    के. सुरेंद्रन: इन्हें मंजेश्वर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नव्या हरिदास: कोझिकोड नॉर्थ से चुनावी मैदान में होंगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    एडवोकेट जॉर्ज कुरियन: कंजि रापल्ली से चुनाव लड़ेंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    वी. मुरलीधरन: इन्हें काझाकूट्टम सीट से टिकट दिया गया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
केरल में 9 अप्रैल को मतदान होना है और पार्टी इस बार अपना खाता खोलने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। 2021 के चुनाव में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी, लेकिन हाल के लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के बढ़ते वोट शेयर ने उसके हौसले बुलंद किए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

चुनाव आयोग की तैयारी: 100 मिनट में शिकायतों का निपटारा

\r\n\r\n
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने रविवार को चार राज्यों—पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम—और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनावी बिगुल फूंका था। चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आयोग के अनुसार, चुनावी राज्यों में 5,173 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य किसी भी चुनावी शिकायत पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करना है। इसके अलावा, अवैध धन और शराब की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) भी तैनात की गई हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

चुनावी शेड्यूल: कब और कहां होगी वोटिंग?

\r\n\r\n
आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में मतदान की तारीखें इस प्रकार हैं:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
\r\n
\r\n
मतदान की तारीख
\r\n
\r\n
चरण
\r\n
\r\n
केरल
\r\n
\r\n
9 अप्रैल 2026
\r\n
\r\n
एक चरण
\r\n
\r\n
असम
\r\n
\r\n
9 अप्रैल 2026
\r\n
\r\n
एक चरण
\r\n
\r\n
पुडुचेरी
\r\n
\r\n
9 अप्रैल 2026
\r\n
\r\n
एक चरण
\r\n
\r\n
तमिलनाडु
\r\n
\r\n
23 अप्रैल 2026
\r\n
\r\n
एक चरण
\r\n
\r\n
पश्चिम बंगाल
\r\n
\r\n
23 और 29 अप्रैल 2026
\r\n
\r\n
दो चरण
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
सभी राज्यों के चुनावी नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। बंगाल में इस बार चरणों की संख्या को घटाकर दो कर दिया गया है, जो पिछली बार आठ चरणों में हुआ था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

राजनीतिक विश्लेषण: क्या केरल में टूटेगी 'सत्ता बदलने' की परंपरा?

\r\n\r\n
केरल की राजनीति ऐतिहासिक रूप से एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच घूमती रही है। हालांकि, 2021 में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर दशकों पुरानी परंपरा को तोड़ दिया था। इस बार कांग्रेस नीत यूडीएफ एंटी-इनकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) का लाभ उठाने की कोशिश में है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
वहीं भाजपा के लिए केरल हमेशा से एक कठिन चुनौती रहा है। पार्टी ने दिसंबर 2025 में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में जीत हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जिसे वह अब विधानसभा में सीटों में बदलना चाहती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
BJP candidate list 2026 के जारी होने के साथ ही बंगाल और केरल में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। सुवेंदु अधिकारी का दो सीटों से चुनाव लड़ना और केरल में राजीव चंद्रशेखर जैसे बड़े चेहरों को उतारना यह साफ करता है कि भाजपा इस बार किसी भी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती। बंगाल में ममता बनर्जी की सत्ता को चुनौती देना और केरल में अपनी पहली जीत दर्ज करना भाजपा के लिए इस साल की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अब 4 मई को आने वाले नतीजे ही बताएंगे कि जनता ने किस पर भरोसा जताया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल और केरल विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित कर दी है। बंगाल में सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर से टिकट देकर भाजपा ने ममता बनर्जी के खिलाफ बड़ी घेराबंदी की है, जबकि केरल में राजीव चंद्रशेखर को नेमोम से उतारा गया है। चुनाव आयोग ने पारदर्शी चुनाव के लिए हजारों फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं और मतदान 9 अप्रैल से शुरू होकर 29 अप्रैल तक चलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें