Bijnor Crime News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से वन विभाग और पुलिस से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। नजीबाबाद थाना पुलिस ने जंगलों से बेशकीमती खैर के पेड़ काटकर लकड़ी चोरी और तस्करी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्करों के कब्जे से करीब 45 हजार रुपये कीमत की खैर की लकड़ी और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक लग्जरी होंडा सिटी कार बरामद की गई है।
वन दरोगा को पिकअप से कुचलने का किया था प्रयास
यह पूरा मामला बीते 5 अक्टूबर 2026 का है। साहनपुर रेंज (Sahanpur Range) में तैनात वन उपनिरीक्षक (वन दरोगा) सार्थक ने थाना नजीबाबाद में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया था कि गश्त के दौरान एक अज्ञात पिकअप चालक ने उनकी मोटरसाइकिल में जानबूझकर टक्कर मारी और उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इस जानलेवा हमले में वन दरोगा के बाएं पैर में गंभीर चोट आई थी। हमलावर तस्कर जंगल से खैर के तीन पेड़ काटकर उनमें से दो पेड़ों की लकड़ी पिकअप वाहन में लादकर मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस के हत्थे चढ़े तीन शातिर तस्कर
वन विभाग के अधिकारी पर हुए हमले और लकड़ी चोरी की इस दुस्साहसिक घटना को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया। मामले की गहन विवेचना और सुरागरसी के दौरान पुलिस के सामने इस गिरोह से जुड़े कई संदिग्धों के नाम सामने आए। इसी क्रम में रविवार, 18 अक्टूबर को नजीबाबाद पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
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- बब्बू उर्फ बगड़
- सतनाम
- इकरार
होंडा सिटी कार और 45 हजार की लकड़ी बरामद
पुलिस को तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई खैर की लकड़ी का बड़ा जखीरा मिला है। इसमें करीब तीन फीट लंबाई के छह लट्ठे और डेढ़ फीट के तीन लट्ठों के दो टुकड़े शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में इस बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत लगभग 45 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने तस्करी और रेकी में इस्तेमाल की गई एक होंडा सिटी कार को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए करते थे।
दिन में रेकी और रात में पेड़ों की कटाई: एसपी सिटी
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बिजनौर के एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल (SP City Dr. Krishna Gopal) ने बताया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी दिन के उजाले में जंगलों में घूमकर वहां खड़े खैर, शीशम और सागवान जैसे कीमती पेड़ों की रेकी (चिन्हांकन) करते थे। इसके बाद रात के अंधेरे में आरी और अन्य उपकरणों से पेड़ों को काटकर लकड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
इतना ही नहीं, वन विभाग और पुलिस की गश्ती टीमों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गिरोह के कुछ साथियों को जंगल के बाहरी रास्तों पर आगे तैनात किया जाता था, ताकि खतरा होने पर वे तुरंत सूचना दे सकें।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपियों ने अवैध लकड़ी की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क और 5 अक्टूबर को वन दरोगा पर हुए हमले को लेकर कई अहम राज उगले हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मुकदमे में संबंधित गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी कर दी है। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों और लकड़ी खरीदने वाले माफियाओं की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.