उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद स्थित धामपुर (Dhampur) के प्रमुख शिक्षण संस्थान Dhampur Public School (धामपुर पब्लिक स्कूल) में प्रकाश व खुशियों का पर्व दीपावली बेहद हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को विद्यालय परिसर में त्योहारी रौनक और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा कक्षा 1 से लेकर कक्षा 11 तक के सभी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक और कलात्मक गतिविधियों (Creative Activities) का शानदार आयोजन किया गया।
इन विशेष गतिविधियों में स्कूली बच्चों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ प्रतिभाग किया और अपनी छिपी हुई कलात्मक प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
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कक्षावार बच्चों ने बिखेरी अपनी कला की छटा दीपावली के इस पावन पर्व को खास बनाने के लिए अलग-अलग कक्षाओं के छात्रों को उनकी आयु और कौशल के अनुसार रचनात्मक कार्य सौंपे गए थे। गतिविधियों के अंतर्गत:
कक्षा 1 व 2: इन नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने 'दीया कलरिंग' (Diya Coloring) गतिविधि में हिस्सा लिया और मिट्टी के दीयों को मनमोहक रंगों से सजाया।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›कक्षा 3: इस कक्षा के बच्चों ने रंग-बिरंगे कागजों का इस्तेमाल करते हुए बेहद सुंदर 'पेपर दीया' (Paper Diya Making) बनाए।
कक्षा 4 व 6: इन कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने घर के मुख्य द्वार पर सजने वाले पारंपरिक 'दिवाली तोरण' (Diwali Toran) का निर्माण किया।
कक्षा 5 व 11: सीनियर और जूनियर छात्रों ने मिलकर हवा में झूलने वाले बेहद आकर्षक 'लालटेन' (कंदील - Kandil) बनाकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।
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कक्षा 8: इस कक्षा के बच्चों ने अपनी कलात्मक सोच का उपयोग करते हुए बेहतरीन 'सजावटी लालटेन' (Decorative Lanterns) बनाए।
बच्चों द्वारा तैयार की गई इन हस्तनिर्मित कलाकृतियों से पूरा विद्यालय परिसर जगमगा उठा।

संस्कृति और परंपराओं से जुड़ते हैं बच्चे: प्रधानाचार्या कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती बबिता गुप्ता (Principal Babita Gupta) ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की सह-शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के भीतर न केवल रचनात्मकता (Creativity) और कलात्मक कौशल को निखारती हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास (Confidence) को भी बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे तीज-त्योहारों के माध्यम से ही बच्चों को अपनी जड़ों, समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जुड़ने का प्रत्यक्ष अवसर मिलता है। आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों का ज्ञान बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

अंत में, प्रधानाचार्या श्रीमती बबिता गुप्ता ने सभी विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और उनके उत्कृष्ट प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने समस्त विद्यालय परिवार, छात्रों और उनके अभिभावकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Sabse pehle comment karne wale banein.