उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जनपद में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक बहुत बड़े और शातिर खेल का भंडाफोड़ किया है। Bijnor Liquor Smuggling नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए चांदपुर थाना पुलिस ने एक ट्रक से 327 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस भारी-भरकम खेप को नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे। खबरीलाल के बिजनौर ब्यूरो चीफ शकील अहमद की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मौके से ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे सिंडिकेट की तलाश शुरू कर दी है।

नमक की आड़ में शराब तस्करी का खुलासा बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) के सख्त निर्देशन में जिले भर में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 4 नवंबर 2026 को चांदपुर थाना पुलिस बानपुरा पुलिस चौकी के बैरियर पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने 'UP 53 ET 8866' नंबर के एक ट्रक को रोककर उसकी गहन तलाशी ली। ट्रक में ऊपर की तरफ नमक के लगभग 650 कट्टे लदे हुए थे। लेकिन जब पुलिस ने नमक के कट्टों को हटाकर देखा, तो उनके नीचे चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की 327 पेटियां बेहद शातिराना तरीके से छिपाकर रखी गई थीं। पुलिस ने तुरंत शराब जब्त कर ट्रक चालक अनिल कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।

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पैसों के लालच में ड्राइवर बना तस्कर, कुशीनगर होते हुए बिहार थी मंजिल पुलिस की कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी चालक अनिल कुमार पांडेय ने तस्करी के पूरे नेटवर्क का राज उगल दिया। आरोपी ने बताया कि 'विकास' नाम के एक व्यक्ति ने उसे शराब से भरा यह ट्रक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर (Kushinagar) तक सुरक्षित पहुंचाने का टास्क दिया था। इस काम के लिए विकास ने उसे 20 हजार रुपये एडवांस देने का लालच दिया था। इसके अलावा, रास्ते के लिए 500 रुपये प्रतिदिन का खाने-पीने का खर्च और ट्रक को सही सलामत निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बाद 30 हजार रुपये अतिरिक्त देने का वादा किया गया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध शराब की अंतिम मंजिल बिहार (Bihar) राज्य थी, जहां शराबबंदी के चलते इसे ऊंचे दामों पर बेचा जाना था।

चंडीगढ़ में लोड हुई थी शराब, बनाए गए थे फर्जी कागजात आरोपी चालक ने खुलासा किया कि इस ट्रक में शराब की पेटियां चंडीगढ़ (Chandigarh) से भरवाई गई थीं। रास्ते में पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए तस्करों ने शराब की पेटियों के ऊपर नमक के कट्टे लाद दिए थे और नमक परिवहन के बिल्कुल फर्जी कागजात (Fake Documents) भी तैयार करा लिए थे। इस पूरे मामले में शीशपाल कुशवाहा नाम के एक ट्रक क्लीनर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

बिजनौर के एसपी ग्रामीण गौतम राय ने बताया कि बरामद की गई 327 पेटी शराब केवल 'चंडीगढ़ में बिक्री के लिए अनुमन्य' (For Sale in Chandigarh Only) थी। फिलहाल, चांदपुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अवैध शराब के इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य माफियाओं की धरपकड़ के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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