Bijnor Crime News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और खरीद-फरोख्त के खिलाफ पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कोतवाली शहर पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाले मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को चकमा देने के लिए शातिर आरोपी मरीजों को ढोने वाली 'एंबुलेंस' में पटाखों का जखीरा भरकर ले जा रहे थे। मंडावर चौराहे पर सघन चेकिंग के दौरान पुलिस ने इस सफेद एंबुलेंस को पकड़ते हुए उसमें से करीब 105 किलो 400 ग्राम अवैध पटाखे बरामद किए हैं और मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बैरियर लगाकर पुलिस ने रोकी भागती हुई एंबुलेंस
यह पूरा मामला 19 अक्टूबर का है। त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाली शहर पुलिस की टीम मंडावर चौराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर तंत्र से पुलिस को एक अहम सूचना मिली कि एक सफेद रंग की एंबुलेंस की आड़ में भारी मात्रा में विस्फोटक पटाखे भरकर ले जाए जा रहे हैं।
@Shakeel57767846 बिजनौर की कोतवाली शहर पुलिस ने दिवाली से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडावर चौराहे पर एक सफेद एंबुलेंस से 105 किलो 400 ग्राम अवैध पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से मुजफ्फरनगर के मीरापुर निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर एंबुलेंस को सीज कर दिया है। pic.twitter.com/WWS3YG00aA
— MK Vashisth (@vadhisth) October 20, 2026
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सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट हो गई। कुछ ही देर में जब संबंधित सफेद एंबुलेंस वहां आती दिखी, तो पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस को सामने देख एंबुलेंस चालक घबरा गया और उसने रफ्तार बढ़ाकर वाहन को मौके से भगाने की कोशिश की। लेकिन पहले से मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने तुरंत सड़क पर लोहे के बैरियर लगाकर घेराबंदी कर दी और एंबुलेंस को घेरकर रोक लिया।
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गत्ते की पेटियों में भरे थे रॉकेट और सुतली बम
पुलिस टीम ने जब एंबुलेंस के पिछले दरवाजे को खुलवाकर अंदर की तलाशी ली, तो वहां किसी मरीज के बजाय गत्ते की बड़ी-बड़ी पेटियां रखी मिलीं। पेटियों को खोलने पर उनके अंदर भारी मात्रा में अलग-अलग तरह के आतिशबाजी के पटाखे भरे हुए पाए गए।
- बरामद आतिशबाजी: जब्त किए गए पटाखों में तेज आवाज करने वाले सुतली बम, रॉकेट, अनार, फुलझड़ी और अन्य कई प्रकार के विस्फोटक पटाखे शामिल हैं।
- कुल वजन: पुलिस द्वारा कराई गई तौल में बरामद पटाखों का कुल वजन 105 किलोग्राम 400 ग्राम निकला।
जब पुलिस अधिकारियों ने एंबुलेंस में सवार युवकों से इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों की खरीद और परिवहन (Transport) से संबंधित वैध लाइसेंस और परमिट मांगे, तो वे कोई भी कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। आपातकालीन सेवा के वाहन (एंबुलेंस) में बिना किसी सुरक्षा मानक के इतना भारी विस्फोटक ले जाना एक बड़े हादसे को दावत दे सकता था।
मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं चारों गिरफ्तार आरोपी
वैध कागजात न दिखा पाने पर पुलिस ने तुरंत एंबुलेंस और पटाखों के जखीरे को जब्त कर लिया और मौके से चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए सभी आरोपी पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर के थाना मीरापुर क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- सचिन कुमार (पुत्र सतीश कुमार)
- अशोक कुमार (पुत्र ईश्वर सिंह)
- अभिषेक (पुत्र सुरेश कुमार)
- सनी उर्फ वंश (पुत्र धर्मवीर)
जलालाबाद से खरीदकर गांव में बेचने की थी योजना
पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ये सभी पटाखे बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग पर स्थित जलालाबाद की 'फायर क्रैकर्स' नामक दुकान से खरीदे थे। रास्ते में पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने एंबुलेंस का सहारा लिया, ताकि कोई उन पर शक न करे। वे इन पटाखों को मुजफ्फरनगर के अपने गांव ले जाकर दिवाली पर ऊंचे दामों में फुटकर बेचने की फिराक में थे। फिलहाल कोतवाली शहर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.