उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मंगलवार का दिन प्रलय बनकर टूटा। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इन दोनों राज्यों में अब तक कुल 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।READ ALSO:-मसूरी में 'जल प्रलय': सड़कें बहीं, होटल-घर तबाह, सैकड़ों पर्यटक फंसे; देहरादून से संपर्क पूरी तरह कटा
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उत्तराखंड: देहरादून बना आपदा का केंद्र, 15 की मौत
\r\n\r\nउत्तराखंड में बारिश का सबसे विनाशकारी रूप राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिला, जहाँ बादल फटने से अलग-अलग घटनाओं में कुल 13 लोगों की जान चली गई और 16 लोग लापता हैं।
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देहरादून में कहाँ-कहाँ हुआ कहर:
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- \r\n विकास नगर (8 मौतें, 4 लापता): यहाँ दोपहर के समय टोंस नदी में पानी का बहाव अचानक विकराल हो गया। मजदूरों को ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 4 अभी भी लापता हैं।\r\n \r\n
- \r\n मालदेवता (4 मौतें, 1 लापता): मालदेवता क्षेत्र में सोंग नदी के उफान में 5 लोग बह गए। बचाव दलों ने 4 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि एक व्यक्ति की तलाश जारी है।\r\n \r\n
- \r\n टपकेश्वर महादेव मंदिर (2 लापता): तमसा नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे वहां बनी कई दुकानें बह गईं। इस घटना में 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n कालसी (1 मौत): कालसी क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।\r\n \r\n

देहरादून के अलावा नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों से भी एक-एक मौत की खबर है, जिससे प्रदेश में बारिश से मरने वालों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है। आपदा के कारण मालदेवता रोड बह गया है, जिससे 500 से अधिक लोग, जिनमें किसान और छात्र शामिल हैं, अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं।
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मुख्यमंत्री धामी ने लिया जायजा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के केसरवाला और मालदेवता जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावितों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भूस्खलन वाले खतरनाक रास्तों पर पर्यटकों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश: मंडी में भूस्खलन और बाढ़ का तांडव, 4 की मौत
\r\n\r\nहिमाचल प्रदेश भी भारी बारिश से बेहाल है। मंडी जिले में अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई।
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- \r\n मंडी में मकान ढहा (3 मौतें): मंगलवार को मंडी में भूस्खलन के कारण एक मकान ढह गया। मलबे में एक ही परिवार के 5 लोग दब गए। बचाव दलों ने 2 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन 3 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।\r\n \r\n
- \r\n दरंग में 2 लोग बहे (1 मौत): मंडी के दरंग में सुबह मंदिर जा रहे दो लोग सुमा खड्ड (नदी) के तेज बहाव में बह गए। इनमें से एक का शव मिल गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।\r\n \r\n
- \r\n धर्मपुर बस स्टैंड में भरा मलबा: भारी बारिश के बाद धर्मपुर बस स्टैंड पूरी तरह मलबे से भर गया और बाढ़ के पानी में कई बसें बह गईं।\r\n \r\n
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महाराष्ट्र में भी बारिश का असर
\r\n\r\nसोमवार को महाराष्ट्र में भी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। मुंबई में रेलवे ट्रैक और सड़कों पर पानी भर गया था, जबकि बीड जिले में बाढ़ में फंसे 11 ग्रामीणों को बचाने के लिए भारतीय वायुसेना को एयरलिफ्ट ऑपरेशन चलाना पड़ा।
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Sabse pehle comment karne wale banein.