यूपी के चंदौली में 26 घंटे के भीतर 3 लोगों की कनपटी पर गोली मारकर हत्या करने वाले साइको किलर गुरप्रीत सिंह को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। पढ़ें चलती ट्रेन और अस्पताल में हुए इन खौफना
Published at : 12 May 2026, 06:22 AM IST
Updated : 09:25 PM IST
· 11 Sep 2026
UP Psycho Killer Encounter Gurpreet Singh killed in Chandauli
विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली/वाराणसी: उत्तर प्रदेश (UP Crime News) में पिछले दो दिनों से खौफ का दूसरा नाम बन चुके एक साइको किलर का आखिरकार पुलिस ने खात्मा कर दिया है। सोमवार देर रात चंदौली पुलिस, जीआरपी (GRP) और स्वाट (SWAT) टीम की संयुक्त कार्रवाई में 45 वर्षीय सीरियल किलर गुरप्रीत सिंह को एक मुठभेड़ (Chandauli Police Encounter) में मार गिराया गया। इस अकेले शख्स ने महज 26 घंटे के अंदर चलती ट्रेनों और एक निजी अस्पताल में घुसकर तीन निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। सभी वारदातों का पैटर्न एक ही था- शिकार के बिल्कुल करीब जाना और सीधे कनपटी (Temple) पर सटाकर गोली मार देना।READ ALSO:-यूपी में कुदरत के दो रंग: कहीं बरसे बादल तो कहीं 'बांदा' बना भट्टी; 38 जिलों में आंधी का अलर्ट, 45 डिग्री वाली लू के लिए हो जाएं तैयार
\r\n\r\n
\r\n\r\n
क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान हुआ एनकाउंटर
\r\n\r\n
चंदौली के एसपी (SP) आकाश पटेल ने इस पूरे एनकाउंटर की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि सोमवार रात करीब 12 बजे पुलिस और स्वाट की संयुक्त टीमें आरोपी गुरप्रीत को दरियापुर गांव के पास रेलवे लाइन के किनारे क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए ले गई थीं।
यह वही जगह थी, जहां उसने अपनी पहली हत्या के बाद शव को फेंका था। एसपी आकाश पटेल के मुताबिक, जांच की प्रक्रिया चल ही रही थी कि अचानक गुरप्रीत ने एक पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। इस अचानक हुए हमले में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस टीमों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। क्रॉस फायरिंग में आरोपी गुरप्रीत को एक गोली सीने में और एक सिर में लगी। खून से लथपथ आरोपी को तुरंत चंदौली के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और पूछताछ में सामने आया कि 45 साल का गुरप्रीत सिंह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था। वह कोई पेशेवर भाड़े का कातिल नहीं, बल्कि एक रिटायर फौजी था, जो मानसिक विक्षिप्तता का शिकार हो चुका था।
आर्मी से रिटायरमेंट और नौकरी छूटना: पीडीडीयू (DDU) नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गुरप्रीत छह साल पहले भारतीय सेना से रिटायर हुआ था। 29 अप्रैल को वह बिहार के आरा शहर में एक निजी गार्ड की नौकरी करने गया था।
\r\n
\r\n
\r\n
शराब की लत ने बनाया हिंसक: आरा में काम के दौरान उसकी अत्यधिक शराब पीने और हंगामा करने की आदत सामने आई, जिसके चलते उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
\r\n
\r\n
\r\n
"मैं मन का राजा हूं": जब अस्पताल में पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उससे महिला की हत्या का कारण पूछा, तो उसने निडर होकर जवाब दिया- "मैं मन का राजा हूं। शराब पीने के बाद मैं होश में नहीं रहता। घूम-घूमकर जो मन में आता है, करता हूं। एक नहीं, दो-तीन को मारकर आया हूं।" यह बेखौफ जवाब सुनकर खुद पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए थे।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
नौकरी जाने के बाद से वह दिमागी रूप से परेशान रहने लगा और 9 मई से ही अलग-अलग ट्रेनों में बिना किसी स्थायी ठिकाने के प्रयागराज, चंदौली समेत कई स्थानों पर घूम रहा था।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
26 घंटे का वह खौफनाक 'डेथ टाइमलाइन'
\r\n\r\n
साइको किलर गुरप्रीत ने 26 घंटे के भीतर जिन तीन वारदातों को अंजाम दिया, उसने पूरे पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी थी। सिलसिलेवार तरीके से समझिए कि उसने कैसे घटनाओं को अंजाम दिया:
पहली हत्या: पैसेंजर ट्रेन में युवक को मारी गोली (रविवार सुबह 7 बजे)
\r\n\r\n
रविवार की सुबह करीब 7 बजे गुरप्रीत सिंह पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन से डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ। यह ट्रेन सुबह 6:30 बजे रवाना हुई थी। कुचमन स्टेशन से पहले, गाजीपुर के जमानिया निवासी 34 वर्षीय मंगरू से उसकी किसी बात पर मामूली कहासुनी हो गई। मंगरू कर्नाटक से मछली पकड़ने का काम छोड़कर घर लौट रहा था। बहस इतनी बढ़ी कि गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। इसके बाद उसने चलती ट्रेन से शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया और ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होते ही कूदकर फरार हो गया।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
दूसरी हत्या: जम्मूतवी एक्सप्रेस में बाथरूम गए यात्री का मर्डर (रविवार रात 2 बजे)
\r\n\r\n
पहली हत्या के बाद यह साइको किलर करीब 9 किलोमीटर पैदल चलकर व्यासनगर गांव पहुंचा और वहां से जम्मूतवी एक्सप्रेस (Kolkata-Jammu Tawi Express) में सवार हो गया। रात करीब 2 बजे ट्रेन मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास थी। बिहार के गया जिले के रहने वाले 42 वर्षीय दिनेश साहू (जो अपनी पत्नी और परिवार के साथ नैमिषारण्य धाम जा रहे थे) कोच S-2 के बाथरूम से बाहर निकले। तभी गुरप्रीत ने बिना किसी विवाद के दिनेश की कनपटी पर गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर पत्नी दौड़ी, लेकिन तब तक दिनेश खून से लथपथ फर्श पर गिर चुके थे। ट्रेन धीमी होने का फायदा उठाकर गुरप्रीत एक बार फिर अंधेरे में गायब हो गया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
तीसरी हत्या: अस्पताल के बेड पर लेटी बुजुर्ग महिला का मर्डर (सोमवार सुबह 8:30 बजे)
\r\n\r\n
दूसरी हत्या के महज 6 घंटे बाद, सोमवार सुबह यह हत्यारा अलीनगर थाना क्षेत्र के जीवक अस्पताल जा पहुंचा। यहाँ बिहार के भभुआ की रहने वाली 55 वर्षीय लक्ष्मीना देवी भर्ती थीं, जिनका पिछले महीने पैर टूट गया था। गुरप्रीत (जिसने अपना मुंह बांध रखा था) इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह सीधे लक्ष्मीना देवी के बेड के पास गया और बिना कुछ कहे उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
एक ऑटो ड्राइवर की बहादुरी से पकड़ा गया कातिल
\r\n\r\n
अस्पताल में महिला की हत्या करने के बाद जैसे ही आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा, अस्पताल के बाहर मौजूद एक ऑटो चालक विनोद दुबे ने अदम्य साहस का परिचय दिया। एडीजी पीयूष मोर्डिया को दी गई जानकारी में विनोद ने बताया कि उसने भीड़ के चिल्लाने पर बदमाश को पकड़ने की कोशिश की। गुरप्रीत ने उस पर भी असलहा तान दिया, लेकिन विनोद ने फुर्ती दिखाते हुए उसके हाथ मरोड़ दिए, जिससे असलहा जमीन पर गिर गया।
\r\n— Chandauli Police (@chandaulipolice) May 12, 2026
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
इसके बाद वहां भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने उसे घेरकर उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए और उसकी जमकर पिटाई की (Mob Beating)। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे बमुश्किल भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ होश में आने के बाद उसने अपने खौफनाक जुर्म कबूल किए।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
कैसे जुड़ी तीनों हत्याओं की कड़ियां?
\r\n\r\n
शुरुआत में पुलिस इन तीन अलग-अलग वारदातों को अलग नजरिए से देख रही थी। लेकिन "कनपटी पर सटाकर गोली मारने" के एक ही पैटर्न ने पुलिस को चौंका दिया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n
वारदात का तरीका (Modus Operandi): तीनों हत्याओं में गोली बिल्कुल करीब से कनपटी पर मारी गई थी।
\r\n
\r\n
\r\n
चश्मदीद का बयान: पहली हत्या के वक्त ट्रेन में मौजूद गाजीपुर के प्रवेश कुमार यादव ने पुलिस को बताया था कि कातिल का कद करीब 6 फीट था और उसने सिर पर भगवा गमछा बांध रखा था।
\r\n
\r\n
\r\n
हुलिया का मिलान: जब अस्पताल में गुरप्रीत पकड़ा गया, तो उसका हुलिया प्रवेश कुमार के बताए गए विवरण से शत-प्रतिशत मेल खा गया। इसके बाद जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई, तो उसने पैसेंजर ट्रेन और एक्सप्रेस ट्रेन, दोनों में की गई हत्याओं को बिना किसी पछतावे के कबूल कर लिया।
\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
नौकरी छूटने की हताशा और शराब की लत ने एक रिटायर फौजी को एक ऐसे 'साइको किलर' में तब्दील कर दिया, जिसने रास्ते में जो मिला उसे मौत के घाट उतार दिया। चंदौली पुलिस (Chandauli Police) और एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई और एनकाउंटर से आखिरकार इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना ने रेलवे और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिनकी जांच अब आला अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.