उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सबसे बड़े राजनीतिक घराने, यानी मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के परिवार को लेकर हमेशा से ही लोगों में दिलचस्पी रही है। इसी परिवार के एक अहम सदस्य थे प्रतीक यादव (Prateek Yadav), जो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे। उत्तर प्रदेश की सियासत में जहां इस परिवार का हर सदस्य किसी न किसी रूप में राजनीति से जुड़ा रहा है, वहीं प्रतीक यादव ने हमेशा खुद को राजनीतिक चकाचौंध और सत्ता के गलियारों से दूर रखा। उनका हाल ही में हुआ दुखद निधन पूरे परिवार और प्रदेश के लिए एक बड़ा झटका है। महज 13 दिन के भीतर दो बार हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया है। READ ALSO:-सोने की कीमतों ने फिर पकड़ी रफ्तार, 1.61 लाख के पार पहुंचा 24 कैरेट गोल्ड; PM मोदी की देशवासियों से खास अपील- "विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 1 साल तक न खरीदें सोना"
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प्रतीक यादव का प्रारंभिक जीवन और मुलायम सिंह यादव से जुड़ाव

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प्रतीक यादव की कहानी आम राजनीतिक परिवारों के बच्चों से काफी अलग रही है। उनकी माता साधना गुप्ता की पहली शादी वर्ष 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता नामक व्यक्ति से हुई थी। इसके एक साल बाद, 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। हालांकि, यह वैवाहिक रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और 1990 में साधना गुप्ता और चंद्रप्रकाश गुप्ता का तलाक हो गया।
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इसी चुनौतीपूर्ण दौर में साधना गुप्ता और तत्कालीन दिग्गज राजनेता मुलायम सिंह यादव के बीच नजदीकियां बढ़ीं। वर्षों तक यह रिश्ता निजी रहा, लेकिन वर्ष 2003 में मुलायम सिंह यादव ने आधिकारिक तौर पर साधना गुप्ता से शादी कर ली और सार्वजनिक मंच से प्रतीक यादव को अपने बेटे के रूप में स्वीकार कर उन्हें बेटे का पूरा हक और सम्मान दिया। इस स्वीकृति ने प्रतीक के जीवन को एक नई दिशा दी, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को भुनाने का प्रयास नहीं किया।
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ब्रिटेन से पढ़ाई और बिजनेस में बनाई अपनी अलग पहचान

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राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद प्रतीक यादव का झुकाव कभी भी रैलियों, भाषणों या चुनावों की तरफ नहीं रहा। उन्होंने अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया और उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख किया। प्रतीक ने ब्रिटेन (Britain) की प्रतिष्ठित लीड्स यूनिवर्सिटी (Leeds University) से अपनी पढ़ाई पूरी की। विदेश से लौटने के बाद, जब हर किसी को उम्मीद थी कि वह भी परिवार के अन्य सदस्यों की तरह समाजवादी पार्टी का झंडा थामेंगे, तब उन्होंने अपना अलग रास्ता चुना।
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प्रतीक यादव को रियल एस्टेट (Real Estate) और फिटनेस (Fitness) के क्षेत्र में गहरी दिलचस्पी थी। उन्होंने इन्हीं क्षेत्रों को अपना करियर बनाया और एक सफल बिजनेसमैन के रूप में खुद को स्थापित किया। उनके जिम और फिटनेस सेंटर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहे। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान जब उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने अपना चुनावी हलफनामा (Affidavit) दाखिल किया था, तब उसमें अपर्णा और प्रतीक यादव की कुल चल-अचल संपत्ति 23 करोड़ रुपये बताई गई थी। यह उनके सफल व्यावसायिक करियर का एक स्पष्ट प्रमाण था। 
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लग्जरी कारें, सुपरबाइक्स और बॉडीबिल्डिंग का शौक

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प्रतीक यादव अपनी शानदार और বিলাসবহুল (लग्जरी) लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे। उन्हें महंगी कारों (Luxury Cars) और सुपरबाइक्स (Superbikes) का बेहद शौक था। उनके गैरेज में कई शानदार गाड़ियां मौजूद थीं, जो अक्सर लखनऊ की सड़कों पर लोगों का ध्यान खींचती थीं। इसके साथ ही, वे बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस के प्रति अत्यधिक जुनूनी थे। सोशल मीडिया पर वे अक्सर अपने वर्कआउट और मस्कुलर बॉडी की तस्वीरें साझा करते थे, जो युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करती थीं।
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अपर्णा यादव से लव मैरिज और वो 9 दिन का विवाद

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प्रतीक यादव की निजी जिंदगी भी काफी सुर्खियों में रही। उन्होंने करीब 14 साल पहले अपर्णा बिष्ट (अब अपर्णा यादव) से लव मैरिज की थी। इन दोनों की प्रेम कहानी काफी चर्चित रही थी और उनके परिवार में दो प्यारी बेटियां भी हैं। अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन प्रतीक ने हमेशा उन्हें अपना समर्थन दिया और खुद पर्दे के पीछे रहे।
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 प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद रहीं। दोनों ने भी पिता की चिता पर लकड़ी रखी।

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हालांकि, इस वैवाहिक जीवन में हाल ही में एक बड़ा तूफान तब आया, जब प्रतीक ने 19 जनवरी को अचानक अपनी पत्नी अपर्णा से तलाक (Divorce) लेने का सार्वजनिक ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में यह कहकर खलबली मचा दी थी कि "अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी है।" इस पारिवारिक विवाद ने राजनीतिक और मीडिया गलियारों में भूचाल ला दिया था। लेकिन यह मनमुटाव ज्यादा दिन नहीं टिका। महज 9 दिन बाद ही दोनों के बीच सुलह हो गई। प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर अपर्णा के साथ एक मुस्कुराती हुई तस्वीर शेयर की और कैप्शन में लिखा- ‘All is Good’ (यानी सब अच्छा है)। इस तस्वीर ने सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया था।
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 अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया।

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जिंदगी की आखिरी रात और 13 दिन में दो हार्ट अटैक

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तलाक के विवाद के सुलझने के बाद लगा था कि सब कुछ सामान्य हो गया है, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। फिटनेस फ्रीक होने के बावजूद प्रतीक यादव का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने लगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें महज 13 दिन के भीतर दो बार हार्ट अटैक (Heart Attack) का सामना करना पड़ा।
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प्रतीक की आखिरी रात की कहानी बेहद दर्दनाक रही। बताया जाता है कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इतनी कम उम्र और इतने फिट शरीर के बावजूद हार्ट अटैक से उनका निधन, मेडिकल साइंस और फिटनेस के प्रति लोगों को सोचने पर मजबूर कर देता है। 
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 प्रतीक की डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर शव वाहन पर लगाई गई।

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अखिलेश यादव का दुख और परिवार को नुकसान

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भले ही अखिलेश यादव और प्रतीक यादव की माताएं अलग थीं, लेकिन मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद परिवार को एकजुट रखने की कोशिशें हमेशा होती रहीं। प्रतीक के निधन पर अखिलेश यादव ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिलेश यादव ने इस क्षति को परिवार का एक बड़ा नुकसान बताया है। राजनीति से दूर रहकर भी प्रतीक ने परिवार के व्यावसायिक मोर्चे को जिस तरह से संभाला था, वह उनके कौशल को दर्शाता है। उनका इस तरह अचानक चले जाना यादव परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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प्रतीक यादव का जीवन इस बात का सटीक उदाहरण है कि एक बड़े और प्रभावशाली राजनीतिक परिवार में जन्म लेने के बावजूद कोई व्यक्ति अपनी अलग और स्वतंत्र पहचान कैसे बना सकता है। उन्होंने राजनीति की दलदल से खुद को दूर रखा और अपने जुनून (फिटनेस और कारों) को जिया। अपर्णा यादव के साथ उनका रिश्ता, व्यापार में उनकी सफलता और उनका अचानक दुनिया से चले जाना, यह सब एक ऐसी कहानी के रूप में याद रखा जाएगा जो जितनी शानदार थी, उतनी ही दुखद भी। समाज और उनके चाहने वाले उन्हें एक राजनेता के बेटे के तौर पर नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसमैन और फिटनेस आइकॉन के रूप में हमेशा याद रखेंगे।
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समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया है। ब्रिटेन से उच्च शिक्षा प्राप्त प्रतीक ने खुद को हमेशा राजनीति से दूर रखा और रियल एस्टेट व फिटनेस के क्षेत्र में सफल बिजनेस खड़ा किया। उन्हें महंगी कारों और बॉडीबिल्डिंग का खासा शौक था। हाल ही में पत्नी अपर्णा यादव से तलाक के ऐलान और फिर 9 दिन बाद सुलह को लेकर वे चर्चा में आए थे। दुर्भाग्यवश, महज 13 दिनों के भीतर दो बार हार्ट अटैक आने से उनका आकस्मिक निधन हो गया, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश और यादव परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है।
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