Meta Description: क्या आपको भी हाईवे पर मुफ्त पेट्रोल मिलने का मैसेज मिला है? NHAI ने इस वायरल दावे को फर्जी बताया है। जानें 1033 हेल्पलाइन का सच और पूरी जानकारी।
Published at : 08 Jul 2026, 09:43 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 02:03 AM
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NHAI Denies Free Petrol Claim on Highways Tells Truth About 1033 Helpline
खबरीलाल डेस्क (Khabreelal.com विशेष रिपोर्ट): आज के डिजिटल युग में, जहां सूचनाएं पलक झपकते ही दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच जाती हैं, वहीं भ्रामक और फर्जी खबरों (Fake News) का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। स्मार्टफोन और इंटरनेट की सुलभता ने 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी' और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी अफवाहों का मुख्य अड्डा बना दिया है। पिछले कुछ समय से फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और व्हाट्सएप पर एक मैसेज बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि यदि आप राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर सफर कर रहे हैं और अचानक आपकी गाड़ी का ईंधन (पेट्रोल या डीजल) खत्म हो जाता है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। दावा यह है कि आप अपनी टोल रसीद दिखाकर नजदीकी टोल प्लाजा से मुफ्त में पेट्रोल या डीजल प्राप्त कर सकते हैं।READ ALSO:-मेरठ में नगर निगम की लापरवाही का दिखा खौफनाक मंजर: उफनाते नाले में समा गई Flipkart डिलीवरी बॉय की बाइक, बाल-बाल बची जान
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इस आकर्षक दावे ने लाखों वाहन चालकों का ध्यान अपनी ओर खींचा और लोग इसे सच मानकर धड़ल्ले से शेयर करने लगे। लेकिन क्या वाकई सरकार या NHAI ऐसी कोई सुविधा दे रही है? जब यह मामला बहुत ज्यादा तूल पकड़ने लगा, तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को खुद सामने आकर इस मामले पर संज्ञान लेना पड़ा।
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🚧 Know Your National Highways | #MythvsFact \r\n \r\nToday’s myth addresses a common misconception that toll plazas provide free petrol or diesel to stranded highway users. \r\n \r\nIn reality, toll plazas do not provide free fuel. However, National Highway Patrol and emergency response teams… pic.twitter.com/IH6aHqZz7W
NHAI ने किया साफ: मुफ्त ईंधन का दावा पूरी तरह निराधार वायरल हो रहे इस दावे की गंभीरता को देखते हुए, NHAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (Twitter) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा, हाईवे पेट्रोलिंग टीम या किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा मुफ्त में पेट्रोल या डीजल देने का कोई भी नियम या प्रावधान नहीं है।
NHAI के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही यह खबर पूरी तरह से भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार है। आम जनता को ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। प्राधिकरण ने कहा कि टोल प्लाजा का मुख्य उद्देश्य सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए शुल्क वसूलना और यात्रियों को बुनियादी सुरक्षित सफर देना है, न कि मुफ्त ईंधन बांटना।
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इमरजेंसी में मिलेगी मदद, लेकिन खर्च होगा आपका अपना अब सवाल यह उठता है कि अगर सच में हाईवे पर किसी सुनसान जगह पर गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो जाए, तो चालक क्या करे? NHAI के नियमों के मुताबिक, अगर किसी आपातकालीन स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी वाहन का ईंधन समाप्त हो जाता है या गाड़ी खराब हो जाती है, तो हाईवे पेट्रोलिंग टीम चालक की पूरी सहायता करेगी।
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हाईवे पर तैनात ये गश्ती टीमें मानवीय आधार, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वाहन चालक के लिए पेट्रोल या डीजल की व्यवस्था करवा सकती हैं। इसके अलावा, यदि गाड़ी खराब है, तो उसे टो करके (क्रेन से खिंचवाकर) सुरक्षित स्थान, नजदीकी गैराज या फ्यूल स्टेशन तक पहुंचाया जा सकता है। लेकिन यहाँ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में खरीदे गए पेट्रोल या डीजल का पूरा भुगतान और क्रेन (Towing) का वास्तविक खर्च वाहन चालक को खुद अपनी जेब से ही करना होगा। NHAI का काम सिर्फ आप तक मदद पहुंचाना है, खर्च उठाना नहीं।
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मुसीबत का साथी: 1033 हेल्पलाइन नंबर सड़क हादसों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए NHAI ने वाहन चालकों की सुविधा के लिए एक नेशनल इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किया हुआ है। यदि आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर कर रहे हैं और किसी भी तरह की परेशानी में फंसते हैं, तो आप 24×7 काम करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर बेझिझक कॉल कर सकते हैं।
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यह हेल्पलाइन नंबर कई स्थितियों में संजीवनी का काम करता है:
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सड़क दुर्घटना (Road Accidents): किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत एंबुलेंस और पुलिस सहायता के लिए।
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वाहन का खराब होना (Breakdown): गाड़ी का टायर फटने, इंजन सीज होने या अन्य यांत्रिक खराबी पर मैकेनिक या क्रेन की मदद।
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मेडिकल इमरजेंसी: यात्रा के दौरान किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने पर।
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ईंधन खत्म होना (Out of Fuel): पेट्रोल, डीजल या सीएनजी खत्म होने पर।
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कैसे मिलती है 1033 से ईंधन की मदद? इस टोल-फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से NHAI की पेट्रोल डिलीवरी सेवा या गश्ती दल आपकी लाइव लोकेशन को ट्रैक करता है। सूचना मिलने के बाद, वे आपकी लोकेशन पर 5 से 10 लीटर तक पेट्रोल या डीजल (जरूरत के अनुसार) डिलीवर करवा सकते हैं। इसके लिए आपको मौके पर ही डिजिटल मोड (UPI/Card) या कैश में उस ईंधन का बाजार मूल्य चुकाना होगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई मामूली सर्विस चार्ज है, तो वह भी देय हो सकता है।
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टोल प्लाजा पर वास्तव में कौन सी सुविधाएं हैं मुफ्त? भले ही पेट्रोल मुफ्त न मिलता हो, लेकिन यह जानना हर जागरूक नागरिक के लिए जरूरी है कि टोल टैक्स चुकाने के बाद आपको कौन सी सुविधाएं मुफ्त पाने का अधिकार है:
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प्राथमिक चिकित्सा (First Aid): हर टोल प्लाजा पर एक फर्स्ट एड किट और बेसिक मेडिकल सुविधा मौजूद होती है।
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पीने का साफ पानी: यात्रियों के लिए ठंडे और साफ पीने के पानी की व्यवस्था होती है।
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शौचालय (Washrooms): टोल प्लाजा के दोनों ओर साफ-सुथरे शौचालयों का इस्तेमाल आप बिना कोई पैसा दिए कर सकते हैं।
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रेस्ट एरिया: लंबे सफर की थकान मिटाने के लिए कई बड़े टोल प्लाजा पर सुरक्षित रेस्ट एरिया बनाए गए हैं।
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एंबुलेंस सेवा: गंभीर दुर्घटना होने पर टोल प्लाजा से जुड़ी एंबुलेंस सेवा मुफ्त में मरीज को नजदीकी अस्पताल तक छोड़ती है।
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खबरीलाल की पाठकों से अपील किसी भी लंबी यात्रा, खासकर नेशनल या एक्सप्रेस हाईवे पर निकलने से पहले अपनी गाड़ी का अच्छे से मुआयना जरूर करें। वाहन का फ्यूल टैंक फुल रखें, टायरों में हवा (Air Pressure) का स्तर जांच लें, स्टेपनी (Spare Tyre) की स्थिति देख लें और गाड़ी के कागजात हमेशा साथ रखें। इसके अलावा, अपने मोबाइल फोन में 1033 और यूपी-112 जैसे आपातकालीन नंबर जरूर सेव करके रखें। सोशल मीडिया पर आने वाले ऐसे किसी भी लुभावने और बिना सिर-पैर के मैसेज पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। सही जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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