​नई दिल्ली। त्यौहारों के मौसम और छुट्टियों में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अपने दशकों पुराने टिकटिंग सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। ट्रेन टिकट पर दर्ज होने वाला 10 अंकों का PNR (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड) नंबर अब एक नए अवतार में नजर आएगा। दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह से देश की सभी ट्रेनों में माइग्रेटेड पीएनआर (Migrated PNR) व्यवस्था पूरी तरह से लागू हो जाएगी।

​क्या हुआ है पीएनआर (PNR) नंबरों में बदलाव?

अब तक जब भी आप टिकट बुक करते थे, तो PNR नंबर की शुरुआत हमेशा सम (Even Numbers: 2, 4, 6, 8) से होती थी। यह नंबर इस बात पर निर्भर करता था कि ट्रेन किस डेटाबेस सेंटर से जुड़ी है (जैसे दिल्ली के लिए 2, चेन्नई के लिए 4, कोलकाता के लिए 6 और मुंबई के लिए 8)।

​लेकिन अब यह पुरानी परंपरा खत्म हो रही है। दिसंबर 2026 से जब भी आप टिकट बुक करेंगे, तो PNR की शुरुआत विषम (Odd Numbers) यानी 1, 3, 5 या 7 अंकों से होगी। रेलवे ने इसे बतौर पायलट प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के लखनऊ से चलने वाली ट्रेन संख्या 14210 में लागू भी कर दिया है, जहां अब PNR की शुरुआत 500 सीरीज से हो रही है।

​क्यों किया गया यह बदलाव और क्या हैं 4 बड़े फायदे?

सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) ने अपने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को 'नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम' में अपग्रेड किया है। पुराने सिस्टम के कारण नए सुपरफास्ट सॉफ्टवेयर को चलाने में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, इसलिए PNR सीरीज को माइग्रेट किया गया है। इस नए सिस्टम से यात्रियों को निम्नलिखित फायदे होंगे:

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  • ​सुपरफास्ट बुकिंग: काउंटर हो या IRCTC ऐप, अब टिकट बुकिंग की रफ्तार काफी तेज हो जाएगी।
  • ​आसान करेक्शन: टिकट बनाते समय नाम में कोई गलती होने पर, तुरंत एक क्लिक पर सुधार (Correction) संभव होगा।
  • ​सटीक जानकारी: लोअर बर्थ की सटीक पोजीशन और सही किराये की जानकारी तुरंत स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • ​रियल-टाइम अपडेट: सीटों की उपलब्धता (Seat Availability) अब बिना किसी देरी के चुटकियों में अपडेट होगी।

​एडवांस टिकट बुक कराने वालों के लिए जरूरी चेतावनी

अगर आपने नए सिस्टम के पूरी तरह लागू होने से पहले ही एडवांस में टिकट बुक करवा रखा है, तो आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यदि आप अपनी यात्रा की तारीख, नाम या क्लास में कोई बदलाव (Modification) करवाना चाहते हैं, तो नए सिस्टम में वह पुराना टिकट मॉडिफाई नहीं होगा। ऐसे मामलों में आपको अपना पुराना टिकट कैंसिल करके नए सिरे से टिकट बुक करना पड़ेगा।

​रेलवे का यह 'नेक्स्ट जेनरेशन अवतार' यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित होगा। इसलिए, अगली बार जब आपके टिकट का PNR 1, 3, 5 या 7 से शुरू हो, तो समझ जाएं कि आप रेलवे के नए हाई-टेक युग का हिस्सा बन चुके हैं।

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