दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ (Delhi-Ghaziabad-Meerut) रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर पर दौड़ने वाली नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) ने दैनिक यात्रियों के सफर को बेहद आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है। यही कारण है कि इस आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेन प्रणाली को लोगों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में इस ट्रेन से प्रतिदिन सफर करने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 1.10 लाख के पार पहुंच गई है। लेकिन, ट्रेन की बढ़ती उपयोगिता और लोकप्रियता के साथ ही अब दैनिक यात्रियों की जरूरतें भी बढ़ने लगी हैं। प्रतिदिन नौकरी व व्यापार के लिए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की ओर सफर करने वाले यात्रियों ने अब नमो भारत ट्रेन के संचालन का समय बढ़ाने और भारतीय रेलवे की तर्ज पर मासिक पास (Monthly Pass) जारी करने की मांग तेज कर दी है।
वर्तमान समय सारिणी और यात्रियों की नई मांग वर्तमान समय सारिणी के अनुसार, दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन का परिचालन सुबह 6:00 बजे से शुरू होकर रात 10:00 बजे तक ही होता है। दूसरी तरफ, अगर हम राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की बात करें, तो वह आमतौर पर प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से लेकर रात 11:30 बजे तक अपनी सेवाएं देती है।
बड़ी संख्या में मेरठ, गाजियाबाद और मोदीनगर के लोग प्रतिदिन नौकरी और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इसी ट्रेन से दिल्ली और एनसीआर (NCR) के अन्य शहरों की तरफ जाते हैं। अब इन दैनिक यात्रियों ने पुरजोर मांग की है कि दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर ही नमो भारत ट्रेन का संचालन भी सुबह 5:00 बजे से रात 11:30 बजे तक किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, यात्रियों के एक वर्ग ने तो इस ट्रेन को 24 घंटे संचालित करने का भी सुझाव दिया है, ताकि किसी भी समय सफर करने वालों को असुविधा न हो।
समय बढ़ाने की मांग के पीछे क्या हैं मुख्य कारण? यात्रियों ने नमो भारत ट्रेन का समय बढ़ाने के पीछे कई तार्किक और व्यावहारिक कारण गिनाए हैं, जिनका वे प्रतिदिन सामना करते हैं:
गुरुग्राम और नोएडा के नौकरीपेशा लोगों की परेशानी: गुरुग्राम और नोएडा में नौकरी करने वाले अधिकांश लोग अब जाम से बचने के लिए अपनी कार या निजी वाहन के बजाय नमो भारत ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं, क्योंकि यह उन्हें बिल्कुल तय समय पर गंतव्य तक पहुंचा देती है। हालांकि, ऑफिस से घर लौटते समय यदि किसी काम में या मीटिंग में थोड़ी भी देरी हो जाती है, तो वे रात 10 बजे तक किसी भी सूरत में सराय काले खां (Sarai Kale Khan) या आनंद विहार स्टेशन नहीं पहुंच पाते। दिल्ली, नोएडा व गुरुग्राम से लौटने वाले लोग अक्सर देरी से रवाना होते हैं, ऐसे में रात 11 बजे तक संचालन उचित रहेगा।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →दिल्ली मेट्रो के समय से होने वाला कन्फ्यूजन: दिल्ली मेट्रो की रात में अंतिम ट्रेन अमूमन 11:00 या 11:30 बजे के आसपास मिलती है। ऐसे में कई यात्री इसी समय को अपने दिमाग में रखते हैं और यह भूल जाते हैं कि नमो भारत की अंतिम ट्रेन रात 10 बजे ही निकल जाती है। इस असमंजस और गलतफहमी के कारण अक्सर कई यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है और उन्हें रात के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शिफ्ट में काम करने वालों की समस्या: आज के कॉर्पोरेट दौर में बहुत से यात्री अलग-अलग शिफ्ट के हिसाब से कार्य करते हैं, जिनकी ड्यूटी देर रात खत्म होती है। ऐसे यात्रियों को रात 10 बजे के बाद ट्रेन की सुविधा न मिलने से उनका सफर मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का सुझाव है कि देर रात के समय (10 बजे से 11:30 बजे तक) ट्रेन को आधे घंटे (30 मिनट) के अंतराल पर चलाया जा सकता है, जिससे यात्रियों को सुविधा भी मिलेगी।
मासिक पास के लिए सांसदों और मंत्रियों से की अपील संचालन का समय बढ़ाने के साथ-साथ, दैनिक यात्रियों की एक और प्रमुख मांग नमो भारत ट्रेन में मासिक पास शुरू करने की है। जो यात्री पहले भारतीय रेलवे की ट्रेनों में मासिक पास पर सफर करते थे, वे अब नमो भारत में भी उसी तरह की सुविधा चाहते हैं ताकि उनका दैनिक यात्रा खर्च कुछ कम हो सके।
अपनी इन अहम मांगों को अमलीजामा पहनाने के लिए दैनिक यात्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजनीतिक स्तर पर भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। यात्रियों ने राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी (Dr. Laxmikant Bajpai) तथा मेरठ के सांसद अरुण गोविल (Arun Govil) से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया है। इसके अलावा, यात्रियों की ओर से केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को भी एक विस्तृत पत्र भेजा गया है, जिसमें जनहित को ध्यान में रखते हुए समय विस्तार और मासिक पास लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की गई है।
Sabse pehle comment karne wale banein.