मेरठ: जिन स्मार्ट मीटरों को बिजली व्यवस्था में सुधार लाने का जरिया बताया गया था, अब वही आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। मेरठ में इन स्मार्ट मीटरों के कारण बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ऊर्जा भवन पर धरना देकर सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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डबल हुए बिजली बिल, आम आदमी परेशान
\r\n\r\nप्रदर्शन कर रहे सपा नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। नेता धर्मेंद्र चपराना और विनोद जटाव ने कहा कि जो बिल पहले 700-800 रुपये आता था, वह अब 2500 से 3000 रुपये तक आ रहा है। यह बढ़ोतरी गरीब और नौकरीपेशा लोगों के मासिक बजट को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। नेताओं ने कहा कि बिजली की दरों में यह मनमानी वृद्धि बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
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महंगे हो गए कनेक्शन, मिल रही कम बिजली
\r\n\r\nकार्यकर्ताओं ने इस बात पर भी गुस्सा जताया कि बिजली कटौती के बावजूद उन्हें भारी भरकम बिल भरने पड़ रहे हैं। उनका कहना था कि जब शहरों में भी 5-6 घंटे तक बिजली कट रही है, तो बिल ग्रामीण दरों पर लिए जाने चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने नए बिजली कनेक्शनों पर बढ़े हुए शुल्क का मुद्दा भी उठाया। सपा के नेताओं ने आरोप लगाया कि 1 किलोवाट के कनेक्शन का शुल्क ₹1032 से बढ़कर ₹6166 और 5 किलोवाट का शुल्क ₹7057 से बढ़कर ₹15470 हो गया है।
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इन मांगों को लेकर सपा के जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी, महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, सम्राट मलिक सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता ऊर्जा भवन पहुंचे और अपनी आवाज बुलंद की।
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Sabse pehle comment karne wale banein.