मेरठ। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावों के बीच, मेरठ में एक शर्मनाक घटना सामने आई है जिसने पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। SP सिटी आयुष विक्रम सिंह के आवास से चंद कदमों की दूरी पर, एक ई-रिक्शा में बैठी छात्रा के साथ युवक ने सरेआम छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें कीं। इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक साहसी महिला युवक को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर चप्पलों से पीटती नजर आ रही है।READ ALSO:-सांसद चंद्रशेखर का 'धमकी' पर बड़ा बयान: "मेरी लोकसभा सदस्यता समाप्त कराने की दी जा रही धमकी"
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घटना का पूरा विवरण:
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- \r\n छेड़छाड़ और त्वरित प्रतिक्रिया: मवाना क्षेत्र के तिरगी गांव का रहने वाला हर्ष नाम का युवक ई-रिक्शा में छात्रा के सामने बैठकर छेड़छाड़ कर रहा था। छात्रा ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए उसे पाँच सेकंड में पाँच थप्पड़ मारे।\r\n \r\n
- \r\n महिला की बहादुरी: घटना के दौरान कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अपनी बेटी को प्रैक्टिस कराने आई मोहनपुरी की एक महिला ने छात्रा की मदद की। महिला ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आरोपी हर्ष को पकड़ा और चप्पलों से जमकर पिटाई की। करीब आधे घंटे तक सड़क पर यह हंगामा चलता रहा।\r\n \r\n
- \r\n वीडियो वायरल: मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जिसमें महिला आरोपी को ई-रिक्शा से खींचकर जमीन पर गिराती और फिर उसे दौड़ा-दौड़ाकर चप्पलों से पीटती दिख रही है।\r\n \r\n

पुलिस की कार्रवाई और विवाद:
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- \r\n पुलिस मौके पर: हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी हर्ष को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी खुद को बी-फार्मा का छात्र बता रहा है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n छात्रा का इनकार: हैरानी की बात यह है कि जिस छात्रा से छेड़छाड़ हुई, उसने पुलिस को तहरीर (शिकायत) देने से इनकार कर दिया।\r\n \r\n
- \r\n महिला से अभद्र व्यवहार: इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब छात्रा की मदद करने वाली महिला सिविल लाइन थाने पहुंची। वहाँ हेड मोहर्रिर ने उससे अभद्र व्यवहार किया और कहा, "ठेकेदार तो सब बनते हैं, लेकिन तहरीर कोई नहीं देता"। इस व्यवहार से नाराज महिला ने पुलिसकर्मी को थाने में ही खरी-खोटी सुनाई।\r\n \r\n

पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल:
\r\n\r\nयह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है:
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- \r\n पुलिस की गैर-मौजूदगी: घटना SP सिटी आवास के ठीक सामने हुई, और जब पुलिस मौके पर पहुंची तब तक करीब आधे घंटे तक सड़क पर हंगामा होता रहा था।\r\n \r\n
- \r\n कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी: जिस समय यह घटना हुई, यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह चंद कदमों की दूरी पर सर्किट हाउस में रुके हुए थे, इसके बावजूद चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी नदारद थी।\r\n \r\n
- \r\n 'मिशन शक्ति' की धरातली स्थिति: महिला ने थाने में पुलिसकर्मी से कहा कि मिशन शक्ति के लिए खूब प्रचार-प्रसार हो रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य है।\r\n \r\n
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यह मामला न केवल छेड़छाड़ की घटना को उजागर करता है, बल्कि महिला सुरक्षा के लिए बनी नीतियों और उनके जमीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई को भी दर्शाता है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण, खासकर मदद करने वाली महिला के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच करनी चाहिए।
Sabse pehle comment karne wale banein.