उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में फांसी की सजा पाए दोषियों रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में अपनी सजा के खिलाफ पैरवी का मौका मिला है। हाईकोर्ट ने दोनों दोषियों की ओर से दाखिल 133 पन्नों की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। Meerut Snake Murder Case में सजा रद्द करने और मृत्युदंड (Death Penalty) पर रोक लगाने की मांग वाली इस याचिका पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच 14 दिसंबर को सुबह 10 बजे अंतिम सुनवाई करेगी।

यह महत्वपूर्ण सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की पीठ में हुई। पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपील को विचारार्थ स्वीकार कर लिया।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

सत्र अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा मेरठ की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत (ADJ Court 12) के जज जयवीर सिंह नागर ने 7 अक्टूबर 2026 को रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराया था। इसके बाद 16 अक्टूबर 2026 को अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' (Rare of Rare Case) श्रेणी का मानते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ-साथ साक्ष्य छिपाने के जुर्म में 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई थी। जज ने फैसला सुनाते समय सती-सावित्री और करवाचौथ के पावन व्रत का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की थी कि पत्नी का यह कृत्य अक्षम्य है। इसके बाद जज ने अपना पेन तोड़ दिया था।

क्या था सांप के डसने से हत्या का पूरा मामला? यह सनसनीखेज मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र स्थित अकबरपुर सादात गांव का है। 12 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अपने पति अमित कश्यप की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी।

शातिर दिमाग आरोपियों ने हत्या को प्राकृतिक या आकस्मिक मौत का रूप देने के लिए अमित के शव के पास बिस्तर पर एक जिंदा सांप छोड़ दिया था। 13 अप्रैल की सुबह परिजनों को अमित का शव मिला और उसके शरीर पर सांप के काटने के निशान भी थे। शुरुआत में परिवार ने इसे सर्पदंश से हुई मौत माना और सांप पकड़ने के लिए सपेरे को बुलाया गया था।

पोस्टमॉर्टम और कॉल डिटेल्स से खुला था राज पुलिस ने जब शव का पोस्टमॉर्टम कराया, तो डॉक्टरों की रिपोर्ट में मौत का असली कारण 'दम घुटना' (Strangulation) सामने आया। इसके बाद पुलिस ने हत्याकांड की जांच शुरू की।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की खंगाल में पता चला कि वारदात वाली रात रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के बीच 50 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर दोनों को गिरफ्तार किया, जिसके आधार पर सत्र अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। अब 14 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस फैसले की वैधता पर अंतिम सुनवाई होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें