मेरठ/हस्तिनापुर: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र में स्थित मखदुमपुर गंगा घाट पर शुक्रवार दोपहर जो हादसा हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक परिवार जो पहले ही अपनी वयोवृद्ध सदस्या के निधन के शोक में डूबा था, उस पर अचानक दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अपनी 102 वर्षीय दादी भगवती देवी के अंतिम संस्कार के बाद स्नान करते वक्त गंगा की तेज धार में बहे चार युवकों में से तीन के शव शनिवार को बरामद कर लिए गए हैं।READ ALSO:-आगरा में 'हैलो सर! आपके क्रेडिट कार्ड के 10 हजार रिवॉर्ड पॉइंट एक्सपायर हो रहे हैं...' कहकर खाते साफ करने वाले 10 नटवरलाल गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़
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इस दुखद खबर के मिलते ही इंचौली थानाक्षेत्र के जलालपुर गांव में मातम का सन्नाटा पसर गया है। एक ही परिवार के तीन होनहार चिरागों के बुझने से पूरे गांव की आंखें नम हैं। नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ - NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें अभी भी हार नहीं मानी हैं और चौथे लापता युवक हिमांशु की तलाश के लिए महा-अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।
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NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन: 5 घंटे में मिले 3 शव

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शुक्रवार देर रात अंधेरे और खराब मौसम के कारण रोके गए सर्च अभियान को शनिवार सुबह पौ फटते ही दोबारा शुरू कर दिया गया था। गोताखोरों, पीएसी (PAC), स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में एनडीआरएफ की विशेष टीम ने आधुनिक उपकरणों और स्टीमर बोट्स के जरिए गंगा के गहरे और तेज बहाव वाले हिस्सों को खंगालना शुरू किया।
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रेस्क्यू ऑपरेशन की सिलसिलेवार टाइमलाइन:

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    सुबह 11:00 बजे (पहली कामयाबी): सुबह से चल रहे भारी प्रयासों के बाद लगभग 11 बजे एनडीआरएफ की टीम को पहली कामयाबी मिली। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद अभिषेक का शव गंगा से बाहर निकाला। अभिषेक की उम्र करीब 27 वर्ष थी और वह एलएलबी (LLB) की पढ़ाई कर रहा था।
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    दोपहर 3:30 बजे (दूसरा शव मिला): पहले शव के मिलने के बाद टीम ने अपना दायरा और बढ़ा दिया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एनडीआरएफ ने थाना पुलिस के साथ मिलकर स्टीमर और अत्याधुनिक डीप-वॉटर सर्च उपकरणों की मदद से दीपांशु का शव भी बरामद कर लिया।
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    शाम 4:15 बजे (तीसरा शव बरामद): लगातार बिना रुके चल रहे गोताखोरों के प्रयासों के बीच शाम सवा चार बजे के करीब रेस्क्यू टीम ने तीसरे युवक प्रियांशु के शव को भी गंगा की गहराइयों से बाहर निकाल लिया।
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जैसे-जैसे शव पानी से बाहर आ रहे थे, घाट के किनारे पिछले 24 घंटों से टकटकी लगाए बैठे परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था। चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। प्रशासन ने तुरंत तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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चौथे युवक हिमांशु की तलाश में जुटे गोताखोर

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तीन शव मिलने के बाद भी प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने राहत की सांस नहीं ली है। गंगा की तेज लहरों में लापता हुए चौथे युवक हिमांशु की तलाश अभी भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी है।
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अधिकारियों का मानना है कि गंगा का अंदरूनी बहाव (Undercurrent) काफी तेज था, जिसके कारण हो सकता है कि चौथा युवक घटनास्थल से बहकर काफी आगे निकल गया हो। एनडीआरएफ की टीम गंगा में कई किलोमीटर आगे तक जाल फेंककर और मोटर बोट्स के जरिए हर संभावित स्थान पर गहन तलाशी अभियान चला रही है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर कैंप किए हुए हैं और परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
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शोक से मातम में कैसे बदला सफर: एक नजर शुक्रवार के हादसे पर

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यह पूरा दर्दनाक वाकया शुक्रवार का है। इंचौली थानाक्षेत्र की लावड़ चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम जलालपुर की रहने वाली 102 वर्षीय बुजुर्ग महिला भगवती देवी का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार के लिए पूरा परिवार और रिश्तेदार मखदुमपुर गंगा घाट पहुंचे थे। दोपहर करीब 3 बजे चिता को मुखाग्नि देने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, भगवती देवी के भांजे के बच्चे अभिषेक और हिमांशु अपने चचेरे भाइयों दीपांशु, प्रियांशु और प्रदीप के साथ परंपरा के अनुसार गंगा में स्नान करने उतरे थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ये पांचों युवक नहाते-नहाते उस जगह पहुंच गए जहां पानी गहरा था। गंगा का जलस्तर और बहाव तेज होने के कारण पांचों युवक अचानक अपना संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में डूबने लगे।
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राहुल का अदम्य साहस: मौत के मुंह से एक को खींच लाया

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जब यह हादसा हो रहा था, घाट पर काफी लोग मौजूद थे लेकिन तेज धारा को देखकर कोई आगे नहीं आ सका। तभी युवकों को डूबता देख मौके पर मौजूद उनके रिश्तेदार राहुल ने अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। राहुल ने उफनती नदी में छलांग लगा दी। वह तैरकर उनके करीब पहुंचा और डूब रहे प्रदीप के बाल पकड़कर उसे किसी तरह खींचते हुए सुरक्षित बाहर ले आया। हालांकि, राहुल के सामने ही अभिषेक, हिमांशु, दीपांशु और प्रियांशु तेज धारा में बह गए और ओझल हो गए।
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जलालपुर गांव में नहीं जले चूल्हे

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इस घटना ने पूरे जलालपुर गांव को एक गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव के लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि कल जो नौजवान अपने पैरों पर चलकर दादी को विदा करने गए थे, आज वे कफन में लिपटकर वापस आ रहे हैं। पूरे गांव में मातम का सन्नाटा है और किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है। अब सभी की निगाहें और प्रार्थनाएं केवल इस बात पर टिकी हैं कि लापता हिमांशु के बारे में भी जल्द से जल्द कोई खबर मिले। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे गंगा घाटों पर स्नान करते समय निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का उल्लंघन न करें और गहरे पानी में जाने से बचें।
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