Meerut Farmers Protest: उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में चल रहे इस Meerut Farmers Protest के दौरान किसान दिल्ली में चल रहे CJP के धरने का समर्थन करने और स्थानीय मुद्दों को उठाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

पुलिस से नोकझोंक और कलेक्ट्रेट में पंचायत जिलाधिकारी (DM) डॉ. वीके सिंह को ज्ञापन सौंपने जा रहे किसानों को पुलिस ने कलेक्ट्रेट गेट पर बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच करीब 10 मिनट तक भारी नोकझोंक और खींचतान हुई। इसके बाद आक्रोशित किसान बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर दाखिल हो गए।

परिसर में पहुंचते ही किसानों ने अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खाट और अन्य सामान उतारा और वहीं पंचायत शुरू कर दी। धरने के बीच कुछ किसान ताश खेलते भी नजर आए। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक जिलाधिकारी उनसे आकर वार्ता नहीं करेंगे, वे वहां से नहीं उठेंगे।

गन्ने का रेट 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग भाकियू (टिकैत) ने इस प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य रूप से गन्ना किसानों का मुद्दा उठाया है। उनकी सबसे प्रमुख मांग गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने चुनाव में वोटों की कथित गड़बड़ी और जिले स्तर की अन्य स्थानीय समस्याओं को भी अपने ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल किया है।

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अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, काशी टोल पर भी हंगामा कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे किसानों को मनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। दो दिन पहले ही चार्ज संभालने वाले एडीएम सिटी आदित्य प्रजापति और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले सुबह से ही मौके पर मौजूद रहकर किसानों से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे भाकियू के कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर रोक लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज किसान टोल प्लाजा पर ही सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगे। किसान नेताओं ने पुलिस के इस कदम पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और कहा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना समर्थन देने जा रहे थे।

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