मेरठ. उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित Meerut Blue Drum Case में एक नया मोड़ आ गया है। पति सौरभ राजपूत की हत्या के आरोप में मेरठ जिला अदालत से फांसी की सजा पा चुके पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। शनिवार को दोनों दोषियों की तरफ से मृत्युदंड के खिलाफ याचिका दायर की गई।

589 दिन और 126 सुनवाइयों के बाद मिली थी सजा पुलिस की ओर से इस मामले में लगभग 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी। सौरभ राजपूत की हत्या के 589 दिन बाद, 126 अदालती सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाया गया था। 30 सितंबर 2026 को मेरठ की अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या करने और शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में छिपाने का दोषी करार दिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों को सजा-ए-मौत दी थी। सजा सुनाते वक्त जज ने सख्त टिप्पणी की थी कि ऐसे अपराध समाज में डर पैदा करते हैं और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम करते हैं।

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जेल में जन्मी बेटी, पितृत्व पर उठा सवाल कानूनी लड़ाई के साथ-साथ इस मामले में एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है। जब मुस्कान को मेरठ की चौधरी चरण सिंह जेल लाया गया था, तब उसका शुरुआती प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आया था। हालांकि, कुछ दिन बाद तबीयत बिगड़ने पर पता चला कि वह गर्भवती है। नौ महीने बाद उसने जेल में एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम 'राधा' रखा गया है। बच्ची के जन्म के बाद यह सवाल उठने लगा कि उसका असली पिता कौन है।

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सौरभ के परिवार ने रखी DNA टेस्ट की शर्त मुस्कान की एक बड़ी बेटी भी है, जो फिलहाल सौरभ के माता-पिता के साथ ही रह रही है। जेल में जन्मी दूसरी बेटी राधा के बारे में जानकारी मिलने पर सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत ने अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वे मुस्कान की इस बच्ची को तभी अपने परिवार का हिस्सा मानेंगे, जब डीएनए (DNA) टेस्ट के जरिए यह वैज्ञानिक रूप से साबित हो जाए कि वह सौरभ का ही खून है।

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