मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए दो बहुचर्चित हत्याकांडों (नीले ड्रम कांड और सांपकांड) में फांसी की सजा पाए चारों दोषियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। जेल प्रशासन ने इन Meerut Death Penalty Convicts को मेरठ से आगरा और लखनऊ भेजने के लिए महानिदेशक (डीजी) जेल, लखनऊ को औपचारिक पत्र भेजा है।
मुस्कान और रविता लखनऊ, साहिल और अमरदीप जाएंगे आगरा मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक, महिला दोषियों को लखनऊ और पुरुष दोषियों को आगरा भेजा जाएगा। सौरभ राजपूत हत्याकांड (नीले ड्रम कांड) की दोषी मुस्कान और अमित कश्यप हत्याकांड (सांपकांड) की दोषी रविता को लखनऊ की महिला जेल में रखा जाएगा। वहीं, दोनों मामलों के पुरुष दोषियों— साहिल और अमरदीप को आगरा जेल में शिफ्ट करने की योजना है। जेल प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह शिफ्टिंग संबंधित जेलों में जगह खाली होने और प्रतीक्षा सूची के नियमों का पालन करने के बाद ही की जाएगी।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶दोषियों ने हाईकोर्ट में दाखिल की अपील जिला अदालत से मृत्युदंड मिलने के बाद चारों दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी है। जानकारी के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने निजी वकील सुशील शुक्ला को नियुक्त किया है, जबकि रविता और अमरदीप की ओर से अधिवक्ता निधि त्रिवेदी और रविकेंद्र प्रताप सिंह अदालत में पक्ष रखेंगे। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) केके चौबे ने बताया कि नियमों के तहत फांसी की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया है। हाईकोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है।
2025 में हुए थे दोनों खौफनाक हत्याकांड मेरठ में साल 2025 में हुए इन दोनों हत्याकांडों ने समाज को झकझोर कर रख दिया था। नीले ड्रम कांड में मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की चाकू से हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के चार टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट के घोल के साथ बंद कर दिया था। इस मामले में 14 अक्टूबर को फांसी की सजा सुनाई गई थी। वहीं, सांपकांड में रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने अमित को नशीला दूध पिलाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को प्राकृतिक मौत साबित करने के लिए शव के पास 'घोड़ा पछाड़' सांप छोड़ दिया था। इस मामले में अदालत ने 16 अक्टूबर को मृत्युदंड का आदेश दिया था।
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