मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही Meerut Air Pollution खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के बुलेटिन में शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 301 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सर्वाधिक रहा। रात आठ बजे तक प्रदूषण का यह स्तर 388 तक पहुंच गया, जिससे शहरवासियों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिनभर बदलता रहा वायु गुणवत्ता का स्तर शहर में शुक्रवार को पूरे दिन हवा की गुणवत्ता में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह 10 बजे AQI 261 था, जो दोपहर 2 बजे तक बढ़कर 292 हो गया। शाम ढलते ही स्थिति और बिगड़ गई। शाम 6 बजे यह आंकड़ा 322 और रात 8:01 बजे अपने उच्चतम स्तर 388 पर पहुंच गया। हालांकि, रात 9 बजे तक इसमें मामूली सुधार हुआ और यह 313 पर आ गया।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶नाला क्षेत्र की हवा सबसे अधिक जहरीली शहर के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, नाला क्षेत्र (काली नदी पूर्वी) की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही, जहां AQI 371 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गांधी नगर में 317, कसेरू बक्सर में 292, मेरठ कैंट में 279 और लाजपत बाजार में 254 AQI दर्ज हुआ। मोदीपुरम इलाके में वायु गुणवत्ता तुलनात्मक रूप से सबसे बेहतर (207) रही।
मौसम और धीमी हवा बनी प्रदूषण का कारण क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि हवा की धीमी गति और शुष्क मौसम प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में गिरावट, वाहनों के धुएं और निर्माण कार्यों की धूल के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण के निचले हिस्से में जमा हो रहे हैं। नाला क्षेत्र में पीएम 2.5 का स्तर 260 तक पहुंच गया है, जो सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी हवा के जहरीले होने का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हवा में फैले प्रदूषण से आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी की शिकायतें बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि प्रदूषण का स्तर अधिक रहने पर लोग खुले में व्यायाम करने से बचें और सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.