मेरठ, 3 अक्टूबर 2025:
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश की औद्योगिक विकास की कहानी में मेरठ एक नया और सुनहरा अध्याय लिखने जा रहा है। यहां एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) अब सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि हकीकत बनने की राह पर तेजी से दौड़ पड़ा है। इस प्रोजेक्ट को देश-विदेश की 1000 से भी ज्यादा कंपनियों से मिले निवेश प्रस्तावों का ऐसा जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है कि उत्साहित सरकार ने जमीन अधिग्रहण पूरा होने का इंतजार किए बिना ही इसका 'मास्टर प्लान' यानी लेआउट बनाने का काम शुरू कर दिया है।READ ALSO:-टक्कर मामूली, बवाल 'हाई प्रोफाइल'! मेरठ में वकील और होटल मालिक के बेटे में बीच सड़क पर दंगल, थाने में भी हुआ हंगामा
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निवेश की सुनामी: क्यों पहली पसंद बना मेरठ?
\r\n\r\nयूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) प्रदेश में 27 स्थानों पर ऐसे गलियारे बना रहा है, लेकिन मेरठ निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। बेहतरीन कनेक्टिविटी, दिल्ली से निकटता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह देसी-विदेशी कंपनियों की पहली पसंद बन गया है। 1000 से अधिक प्रस्ताव मिलना इस बात का सबूत है कि निवेशक मेरठ के भविष्य पर बड़ा दांव लगाने को तैयार हैं।
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सरकार 'फास्ट-ट्रैक मोड' पर: क्या है प्रगति?
\r\n\r\nसरकार इस सुनहरे मौके को भुनाने में कोई देरी नहीं करना चाहती।
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- \r\n प्रोजेक्ट का पैमाना: दो चरणों में 500 हेक्टेयर (लगभग 1250 एकड़) से भी बड़े क्षेत्रफल में एक नई 'इंडस्ट्रियल सिटी' बसाई जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n जमीन अधिग्रहण: पहले चरण की 214 हेक्टेयर में से 165 हेक्टेयर जमीन किसानों की सहमति से खरीदी जा चुकी है।\r\n \r\n
- \r\n लेआउट प्लान शुरू: कंसलटेंट एजेंसी 'चैतन्या प्रोजेक्ट्स एंड ट्रांसलिक इंफ्रास्ट्रक्चर' ने मौके पर सर्वे और प्लानिंग का काम शुरू कर दिया है।\r\n \r\n
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जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया, "निवेशकों के उत्साह को देखते हुए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। लेआउट प्लान और बची हुई जमीन की खरीद का काम समानांतर रूप से चल रहा है।"
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भविष्य का ब्लूप्रिंट: कैसा होगा यह औद्योगिक गलियारा?
\r\n\r\nयह सिर्फ फैक्ट्रियों का झुंड नहीं, बल्कि एक सुनियोजित औद्योगिक शहर होगा। लेआउट प्लान में इन बातों पर फोकस है:
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- \r\n इंडस्ट्रियल प्लॉट्स: उत्पादन इकाइयों के लिए हर आकार के प्लॉट।\r\n \r\n
- \r\n लॉजिस्टिक हब: सामान की आवाजाही के लिए वेयरहाउस और ट्रांसपोर्ट नगर।\r\n \r\n
- \r\n वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर: चौड़ी सड़कें, 24 घंटे बिजली-पानी की सप्लाई, अग्निशमन केंद्र।\r\n \r\n
- \r\n सपोर्ट सर्विसेज: बैंक, प्रशासनिक भवन, स्वास्थ्य सुविधाएं और कामगारों के लिए सुविधाएं।\r\n \r\n
- \r\n ग्रीन जोन: पर्यावरण का ध्यान रखते हुए पार्क और हरित पट्टियों का निर्माण।\r\n \r\n
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यूपीडा ने प्रोजेक्ट में किसी भी बाधा को तुरंत दूर करने के लिए अधिकारियों की एक विशेष समिति भी बनाई है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मेरठ का यह सपना जल्द से जल्द धरातल पर उतरे।
Sabse pehle comment karne wale banein.