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मेरठ (खबरीलाल क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। पिछले दिनों मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में शराब पीने से हुई तीन लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआत में जिस घटना को 'जहरीली शराब' का कहर माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी खौफनाक साजिश और तिहरा हत्याकांड (Triple Murder) निकला।READ ALSO:-बिजनौर की 'खूनी सड़क': कीरतपुर रोड पर अज्ञात वाहन ने ली 2 युवकों की जान, तड़पते रहे घायल पर मर गई इंसानियत
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पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि शराब जहरीली नहीं थी, बल्कि उसमें जानबूझकर घातक जहर मिलाया गया था। इस दिल दहला देने वाली वारदात की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतकों में से एक की सगी बहन निकली। उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, क्योंकि उसका भाई उनके अवैध संबंधों के बीच रोड़ा बन रहा था। आइए 'खबरीलाल' की इस विस्तृत रिपोर्ट में सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं इस पूरे हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी।
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प्यार में अंधी बहन ने रची मौत की साजिश
\r\n\r\nपुलिस द्वारा किए गए खुलासे के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की जड़ में अवैध प्रेम प्रसंग (Illicit Affair) था। आरोपी बहन अलका (38 वर्ष) का अपने ही गांव के रहने वाले पवन उर्फ पोली (36 वर्ष) के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अलका अपने भाई अंकित उर्फ दौलत (32 वर्ष) के साथ ही रहती थी। अंकित की पत्नी करीब 12 साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से दोनों भाई-बहन एक ही घर में रह रहे थे।
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पूछताछ में आरोपी अलका ने कुबूल किया कि वह पवन से बेइंतहा प्यार करती थी, लेकिन यह बात उसके भाई अंकित को पता चल गई थी। अंकित को अपनी बहन का यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं था। वह अलका को पवन से बात करने और मिलने-जुलने से सख्ती से रोकता था। इसी बात को लेकर दोनों भाई-बहन के बीच आए दिन तीखी नोकझोंक और झगड़े होते रहते थे। जब अंकित किसी भी तरह से नहीं माना, तो प्यार में अंधी हो चुकी अलका ने अपने प्रेमी पवन के साथ मिलकर अपने ही सगे भाई को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना डाला।
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ऐसे दिया गया खौफनाक वारदात को अंजाम
\r\n\r\nयोजना के मुताबिक, अंकित की हत्या के लिए जहर का सहारा लिया गया। पुलिस पूछताछ में अलका ने बताया कि उसका भाई अंकित शराब पीने का आदी था। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए साजिश रची गई। प्रेमी पवन बाजार से शराब की एक बोतल खरीद कर लाया और अलका को दे दी। इसके बाद अलका ने उस शराब की बोतल में घातक जहर मिला दिया और उसे घर में ऐसी जगह रख दिया जहां से अंकित उसे आसानी से ले सके।
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3 अप्रैल की शाम को अंकित घर आया और वही जहर मिली शराब की बोतल लेकर पार्टी करने के लिए निकल गया। अलका का इरादा सिर्फ अपने भाई अंकित को मौत के घाट उतारने का था, लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी इस साजिश की कीमत दो अन्य बेगुनाहों को भी अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
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पार्टी बनी मौत का बुलावा: तड़प-तड़प कर गई 3 जानें
\r\n\r\nसरस्वती कॉलोनी में रहने वाले 60 वर्षीय बाबूराम किराने और तेल का व्यापार करते थे। उन्हीं की दुकान में दयानंदपुरी निवासी 45 वर्षीय जितेंद्र काम करता था। अंकित का घर बाबूराम की दुकान के बिल्कुल पास ही था, इसलिए तीनों के बीच अच्छी जान-पहचान और दोस्ती थी। शुक्रवार (3 अप्रैल) की शाम अंकित सरसों का तेल निकलवाने के लिए बाबूराम की चक्की पर गया था। वहां उसने बाबूराम और जितेंद्र के साथ बैठकर शराब पीने का मन बनाया।
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तीनों ने जैसे ही वह जहर मिली शराब पी, कुछ ही मिनटों में उसका असर शुरू हो गया। सबसे पहले तीनों के पेट में असहनीय दर्द उठने लगा। इसके बाद उन्हें भयंकर उल्टियां होने लगीं और देखते ही देखते तीनों बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास से गुजर रहे लोगों ने जब तीनों की यह हालत देखी, तो तुरंत उन्हें पास के आर्यावर्त अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद जितेंद्र और अंकित को मृत घोषित कर दिया। बाबूराम की हालत बेहद नाजुक थी, उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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जहरीली शराब के शक में मचा हड़कंप और प्रशासन की कार्रवाई
\r\n\r\nएक साथ तीन लोगों की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया। शुरुआत में यह अफवाह तेजी से फैली कि मौतें 'जहरीली शराब' (Spurious Liquor) पीने से हुई हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मेरठ के डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की सभी देसी शराब की दुकानों को बंद करा दिया और शराब के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए। लेकिन प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल यह था कि जिस ब्रांड की शराब मृतकों ने पी थी, उसके लगभग 400 टेट्रा पैक उस दिन इलाके में बिके थे। अगर शराब में खराबी होती, तो मौतों या बीमार पड़ने वालों का आंकड़ा बहुत बड़ा होता। लेकिन केवल उन्हीं तीन लोगों की मौत हुई थी, जिन्होंने एक साथ बैठकर वह विशिष्ट बोतल पी थी।
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फॉरेंसिक रिपोर्ट और अलका के ड्रामे ने खोला राज
\r\n\r\nशनिवार शाम को जब शराब के सैंपल की फॉरेंसिक रिपोर्ट आई, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। रिपोर्ट में साफ हो गया कि शराब जहरीली नहीं थी, बल्कि उसमें ऊपर से किसी ने जहर (Poison) मिलाया था। अब पुलिस के सामने सवाल था कि आखिर जहर मिलाया किसने?
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पुलिस की जांच की सूई सबसे पहले परिवार वालों पर घूमी। पुलिस ने नोटिस किया कि अपने सगे भाई की दर्दनाक मौत के बावजूद बहन अलका के चेहरे पर दुख का कोई भाव नहीं था। इसके विपरीत, वह पुलिस के सामने लगातार बयान बदल रही थी और मनगढ़ंत कहानियां सुनाकर जांच को भटकाने की कोशिश (Police Investigation) कर रही थी। अंकित के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद, पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए अलका को हिरासत में ले लिया।
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जब महिला पुलिसकर्मियों ने अलका से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने प्रेमी पवन के साथ मिलकर रची गई इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमी पवन उर्फ पोली को भी गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
\r\n\r\nइस सनसनीखेज खुलासे पर मेरठ पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला ने अपने भाई की हत्या की साजिश बेहद शातिराना तरीके से रची थी। वह लगातार ड्रामा रचकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रही थी। लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों (Forensic Evidence) और सख्ती से हुई पूछताछ के सामने उसका सारा झूठ पकड़ा गया।
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फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों (अलका और पवन) को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ हत्या (Murder) और आपराधिक साजिश रचने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आज पुलिस इस पूरे मामले का प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक और विस्तृत खुलासा कर सकती है। इस घटना ने पूरे मेरठ शहर को स्तब्ध कर दिया है कि कैसे एक अवैध रिश्ते ने तीन हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए बर्बाद कर दिया।
Sabse pehle comment karne wale banein.