हापुड़/मेरठ: दौलत की हवस इंसान को किस हद तक गिरा सकती है, इसका एक दिल दहला देने वाला उदाहरण उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सामने आया है। यहां एक शख्स पर अपने ही परिवार की एक-एक कर हत्या करने का आरोप लगा है, ताकि वह उनके नाम पर कराए गए करोड़ों रुपये के बीमा का पैसा हड़प सके। आरोपी बेटे ने पहले अपनी मां की हत्या की, फिर पिता को मौत के घाट उतारा और हर बार इसे एक सामान्य सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। उसकी पत्नी की मौत भी अब शक के गहरे बादलों से घिर गई है।READ ALSO:-भाई ही निकला भाई का कातिल: जिस कंबल में सोता था, वही बना दिव्यांग मोनू की मौत का फंदा
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यह सनसनीखेज मामला मेरठ के रहने वाले विशाल सिंघल का है, जिसे पुलिस ने अपने ही पिता मुकेश सिंघल की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।
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₹39 करोड़ के लालच ने बनाया कातिल
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इस खूनी खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब विशाल ने इसी साल 27 मार्च को अपने पिता मुकेश सिंघल की मौत को सड़क हादसा बताकर ₹50 से ज्यादा बीमा कंपनियों से ₹39 करोड़ का क्लेम मांगा। एक बीमा कंपनी 'निवा बूपा' को विशाल के दावों पर शक हुआ। कंपनी की जांच में यह बात सामने आई कि मृतक की सालाना आय केवल ₹12 से ₹15 लाख थी, जबकि उनके जीवन पर ₹39 करोड़ का बीमा कराया गया था, जो किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं था।
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जब खुली पुरानी फाइलों की परतें
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बीमा कंपनी ने जब विशाल का रिकॉर्ड खंगाला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि विशाल के परिवार में हादसों का एक लंबा इतिहास रहा है।
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    साल 2017: विशाल की मां प्रभा देवी की मौत एक "सड़क हादसे" में हुई थी, जिसके बाद विशाल ने ₹22 लाख का बीमा क्लेम वसूला था।
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    साल 2020: विशाल की पत्नी की भी एक "हादसे" में मौत हो गई, जिसके बदले उसे ₹80 लाख मिले थे।
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एक ही परिवार में बार-बार हो रहे इन "हादसों" ने एक बड़ी साजिश की ओर इशारा किया।
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एक झूठ और खुल गया हर राज
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मामले की तह तक जाने के लिए बीमा कंपनी ने पिता के अस्पताल रिकॉर्ड और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की, जिसमें जमीन-आसमान का फर्क मिला। अस्पताल के कागजात में चोटें कुछ और थीं, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कुछ और ही बताई गई थी, जिसका सड़क हादसे से कोई लेना-देना नहीं था। इसके अलावा, विशाल ने गवाहों को पैसे देकर झूठे बयान दिलवाए थे और जांच में सहयोग करने के बजाय अधिकारियों को रिश्वत देने की भी कोशिश की थी।
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पुख्ता सबूतों के आधार पर बीमा कंपनी ने हापुड़ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने जब विशाल को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपने माता-पिता की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब उसकी चार शादियों और पत्नी की मौत के मामले की भी नए सिरे से जांच कर रही है ताकि इस मौत के सौदागर के हर गुनाह का हिसाब किया जा सके।
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