मेरठ: मेरठ में रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण ने एक बड़ी समस्या को जन्म दिया है, लेकिन अब उसी से एक बड़ा समाधान भी निकल रहा है। जगदीश मंडप से ट्रांसपोर्ट नगर मोड़ तक दिल्ली रोड, जो पहले से ही व्यस्त था, अब कॉरिडोर के चलते और भी संकरा हो गया है। इस समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है: ₹60 करोड़ की लागत से 70 दुकानों और भवनों का अधिग्रहण कर सड़क को चौड़ा किया जाएगा, जिससे शहर को सालों पुराने जाम से मुक्ति मिलेगी।READ ALSO:-उत्तराखंड में बादल फटा, दिल्ली तक हलचल: NGT ने धराली आपदा पर केंद्र, UP और उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब
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क्या है पूरा मामला?
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दिल्ली से मेरठ में प्रवेश करते समय, रैपिड रेल कॉरिडोर जगदीश मंडप के पास भूमिगत हो रहा है। इस निर्माण के कारण सड़क का यह हिस्सा काफी संकरा हो गया है, जिससे यहाँ हमेशा भारी जाम लगा रहता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, प्रशासन ने सड़क को दोनों तरफ से तीन-तीन मीटर चौड़ा करने का निर्णय लिया है।
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    अधिग्रहण की प्रक्रिया: इस चौड़ीकरण के लिए कुल 70 दुकानों और अन्य भवनों की ज़मीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।
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    ₹60 करोड़ का भुगतान: इस भूमि के मालिकों को मुआवज़े के तौर पर कुल ₹60 करोड़ का भुगतान किया जाना है। जिला प्रशासन ने यह राशि भुगतान के लिए एनसीआरटीसी (National Capital Region Transport Corporation) से मांगी है।
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    जल्द कार्रवाई: ज़िलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने बताया कि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अब एक सप्ताह के भीतर भूमि मालिकों को भुगतान करके ज़मीन पर कब्ज़ा लेने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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व्यापारियों की मांग और पुनर्वास
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इस अधिग्रहण में छह दुकानें पूरी तरह से खत्म हो जाएंगी। इन दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें रैपिड रेल स्टेशन में ही प्राथमिकता के आधार पर दुकान आवंटित की जाए। प्रशासन ने भी इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा है कि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी और मंडलायुक्त से इसकी अनुमति भी मिल गई है।
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सड़क के चौड़ीकरण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि इस क्षेत्र में व्यापार और आवागमन भी आसान हो जाएगा। यह कदम मेरठ की शहरी अव्यवस्था को दूर करने और भविष्य के लिए एक सुचारु परिवहन व्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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