पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजधानी और क्रांतिधरा के नाम से मशहूर मेरठ (Meerut) शहर की चमक-दमक के पीछे एक काला सच छिपा हुआ था, जिसका मंगलवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। शहर की शांत और पॉश कॉलोनियों के बीचों-बीच, शॉपिंग मॉल्स की चहल-पहल के साये में 'वेलनेस' और 'रिलैक्सेशन' के नाम पर एक ऐसा घिनौना कारोबार (Sex Racket) फल-फूल रहा था, जिसकी भनक लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।READ ALSO:-बिजनौर पुलिस की बड़ी कामयाबी: आवास विकास में हुई लाखों की चोरी का खुलासा; 2 महिलाओं समेत 3 गिरफ्तार, भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर बरामद
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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त और गुप्त कार्रवाई में शहर के चार नामी स्पा सेंटरों (Spa Centers) पर एक साथ 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तर्ज पर छापेमारी की गई। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 20 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया है। पकड़ी गई युवतियों में वह चार महिला मैनेजर भी शामिल हैं, जो इस पूरे काले साम्राज्य की 'रानी' बनकर धंधे को संचालित कर रही थीं।
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इस एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक मुखबिर की सूचना ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया, कैसे वॉट्सऐप (WhatsApp) के जरिए ग्राहकों की 'बोली' लगती थी, और पुलिस के हाथ लगे उस संदिग्ध रजिस्टर में किन रसूखदारों के नाम छिपे हो सकते हैं।
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ऑपरेशन 'क्लीन स्वीप' की पटकथा
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मंगलवार की शाम, समय: लगभग 4:00 बजे।
\r\n\r\nमेरठ पुलिस लाइन और एसपी सिटी कार्यालय में एक अजीब सी गहमागहमी थी। आम दिनों की तरह फाइलों का काम नहीं हो रहा था, बल्कि एक बड़े ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह (IPS Ayush Vikram Singh) और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी के पास कुछ पुख्ता इनपुट्स थे। पिछले कई हफ्तों से पुलिस के खुफिया तंत्र और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) को शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के कुछ विशिष्ट इलाकों में स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं।
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सूचना क्या थी?
\r\n\r\nमुखबिरों ने पुलिस को बताया था कि मंगल पांडेय नगर, गढ़ रोड और दिल्ली रोड स्थित कुछ मॉल्स में शाम होते ही रईसजादों की गाड़ियां रुकने लगती हैं। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता है—शीशे के दरवाजों पर 'स्पा एंड सैलून' (Spa & Salon) के बोर्ड लगे हैं, रिसेप्शन पर मुस्कुराते हुए चेहरे हैं—लेकिन अंदर के केबिनों में कहानी कुछ और ही है। वहां मसाज के नाम पर देह व्यापार का धंधा होता है।
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टीम का गठन और गोपनीयता:
\r\n\r\nइस ऑपरेशन की सबसे खास बात इसकी गोपनीयता थी। पुलिस अधिकारियों को पता था कि अगर भनक लगी, तो आरोपी सतर्क हो जाएंगे या रसूखदार लोग मामले को दबाने की कोशिश करेंगे। इसलिए, एसपी सिटी ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को साथ लिया। महिला पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टीम तैयार की गई, ताकि मौके पर मिलने वाली युवतियों से पूछताछ की जा सके और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा सके।
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जब पुलिस ने एक साथ चार दरवाजों पर दी दस्तक
\r\n\r\nशाम ढलते ही पुलिस की गाड़ियां अलग-अलग दिशाओं में निकलीं। सायरन बंद थे, ताकि किसी को कानो-कान खबर न हो। रणनीति यह थी कि शहर के अलग-अलग कोनों में स्थित चारों ठिकानों पर एक ही समय (Simultaneous Raids) पर धावा बोला जाए, ताकि एक जगह की खबर सुनकर दूसरे सतर्क न हो पाएं।
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लोकेशन 1: मंगल पांडेय नगर (दो स्पा सेंटर)
\r\n\r\nमंगल पांडेय नगर मेरठ का एक बेहद पॉश और रिहायशी इलाका है। यहाँ बड़े-बड़े डॉक्टर्स, व्यवसायी और अधिकारी रहते हैं। इसी इलाके में दो अलग-अलग इमारतों में स्पा सेंटर चल रहे थे। जैसे ही सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी की टीम वहां पहुंची, वहां हड़कंप मच गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस को देखते ही स्पा सेंटर का गेटकीपर अंदर भागने लगा। पुलिस तेजी से सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंची। अंदर केबिनों में अंधेरा था और धीमी रोशनी में संगीत बज रहा था। पुलिस ने जब लाइटें जलाईं, तो वहां कई युवक और युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले।
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लोकेशन 2: गढ़ रोड
\r\n\r\nशहर की लाइफलाइन कही जाने वाली गढ़ रोड पर स्थित एक अन्य सेंटर पर दूसरी टीम ने कार्रवाई की। यह सेंटर एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में था। यहाँ भी पुलिस को अंदर प्रवेश करने में मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि अंदर से दरवाजे लॉक कर दिए गए थे। कड़ी चेतावनी के बाद जब दरवाजे खुले, तो अंदर का नजारा पुलिस के इनपुट की तस्दीक कर रहा था।
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लोकेशन 3: दिल्ली रोड स्थित शॉपिंग मॉल
\r\n\r\nसबसे चौंकाने वाली कार्रवाई दिल्ली रोड स्थित एक नामी शॉपिंग मॉल में हुई। मॉल्स को आमतौर पर सुरक्षित और पारिवारिक जगह माना जाता है। यहाँ लोग अपने बच्चों और परिवार के साथ शॉपिंग और मूवी के लिए आते हैं। लेकिन मॉल के एक फ्लोर पर चल रहे स्पा सेंटर के अंदर गंदगी परोसी जा रही थी। पुलिस जब मॉल में दाखिल हुई, तो वहां मौजूद ग्राहक भी सहम गए। पुलिस सीधे स्पा सेंटर में घुसी और वहां मौजूद स्टाफ और लड़कियों को हिरासत में ले लिया।
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बंद कमरों का सच और भागम-भाग
\r\n\r\nरेड के दौरान स्पा सेंटरों के अंदर का माहौल किसी हिंदी क्राइम थ्रिलर फिल्म जैसा था।
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- \r\n अफरा-तफरी: पुलिस को देखते ही वहां मौजूद युवतियां चीखने लगीं और इधर-उधर भागने लगीं। कई लड़कियों ने वॉशरूम में खुद को बंद कर लिया। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।\r\n \r\n
- \r\n चेहरा छिपाने की होड़: पकड़े जाने के डर से लड़कियां अपने चेहरे दुपट्टे, हाथों और वहां पड़े तौलियों से ढकने लगीं।\r\n \r\n
- \r\n युवक की कोशिश: एक स्पा सेंटर में मौजूद एक युवक ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पूरी इमारत की घेराबंदी कर रखी थी। उसे सीढ़ियों पर ही दबोच लिया गया।\r\n \r\n
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तलाशी में क्या मिला?
\r\n\r\nपुलिस ने जब सेंटरों की तलाशी ली, तो वहां से मसाज के तेल और क्रीम के अलावा भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री (Objectionable Items) बरामद हुई। इसके अलावा, कई इस्तेमाल किए गए और बिना इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक वस्तुएं कूड़ेदानों और दराजों में मिलीं, जो यह साबित करने के लिए काफी थीं कि यहाँ केवल 'मसाज' नहीं हो रही थी।
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वॉट्सऐप वाली 'डीलिंग' और डिजिटल दलाली
\r\n\r\nइस पूरे रैकेट का सबसे हैरान करने वाला पहलू इसका हाई-टेक संचालन था। यह पुराने जमाने का कोठा नहीं था, जहाँ ग्राहक सीधे आते थे। यहाँ सब कुछ 'डिजिटल पर्दे' के पीछे होता था। पुलिस ने मौके से जो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, उनकी शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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1. वॉट्सऐप कैटलॉग (WhatsApp Catalog):
\r\n\r\nजांच में सामने आया है कि स्पा सेंटर के मैनेजरों के पास सैकड़ों ग्राहकों के नंबर सेव थे। एक विशेष 'ब्रॉडकास्ट लिस्ट' या ग्रुप के जरिए ग्राहकों को नई लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। इन तस्वीरों के साथ उनका कद-काठी और रेट कार्ड भी कोड वर्ड में भेजा जाता था।
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2. बुकिंग और टोकन सिस्टम:
\r\n\r\nग्राहक फोटो देखकर अपनी पसंद बताता था। इसके बाद रेट तय होता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डील 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये या उससे अधिक तक होती थी। ग्राहक को टाइम स्लॉट दिया जाता था, ताकि एक समय पर ज्यादा भीड़ न हो और किसी को शक न हो।
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3. ऑनलाइन पेमेंट और लोकेशन:
\r\n\r\nकई बार एडवांस पेमेंट ऑनलाइन वॉलेट (UPI) के जरिए लिया जाता था। पेमेंट कन्फर्म होने के बाद ही ग्राहक को स्पा सेंटर की सटीक लोकेशन या फ्लोर नंबर बताया जाता था। पुलिस अब इन ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगाल रही है, जिससे कई ग्राहकों की पहचान उजागर हो सकती है।
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हिरासत में 20 'चेहरे' और 4 'मास्टरमाइंड'
\r\n\r\nपुलिस ने कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया है। इन्हें पुलिस की गाड़ी में बैठाकर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के थाने लाया गया।
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- \r\n 20 युवतियां: हिरासत में ली गई लड़कियों में से कई की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इनमें से कई लड़कियां मेरठ की नहीं, बल्कि दिल्ली, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और यहां तक कि नेपाल और पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। उन्हें अच्छी कमाई का लालच देकर यहाँ बुलाया गया था।\r\n \r\n
- \r\n 4 लेडी मैनेजर्स (The Lady Bosses): पुलिस के लिए सबसे बड़ी सफलता उन 4 महिला मैनेजरों की गिरफ्तारी है, जो इन चारों स्पा सेंटरों को चला रही थीं। ये मैनेजर्स ही ग्राहकों से बात करती थीं, लड़कियों को कंट्रोल करती थीं और पैसों का हिसाब रखती थीं। पुलिस का मानना है कि ये मैनेजर्स ही इस रैकेट की असली कड़ी हैं, जो पुलिस को रैकेट के मुख्य मालिकों (Owners) तक पहुंचा सकती हैं।\r\n \r\n
- \r\n 1 युवक: मौके से पकड़ा गया युवक ग्राहक है या स्पा सेंटर का कर्मचारी, इसकी अभी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।\r\n \r\n
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'लाल रजिस्टर' का रहस्य - क्या खुलेंगे सफेदपोशों के नाम?
\r\n\r\nछापेमारी के दौरान पुलिस ने काउंटर और मैनेजर के केबिन से कुछ डायरी और रजिस्टर बरामद किए हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो ये साधारण रजिस्टर नहीं हैं। इनमें उन ग्राहकों का पूरा ब्योरा दर्ज है जो यहाँ नियमित रूप से आते थे।
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- \r\n ग्राहकों के नाम और नंबर: रजिस्टर में ग्राहकों के नाम (कई बार कोड नेम), मोबाइल नंबर और उनके आने-जाने का समय लिखा है।\r\n \r\n
- \r\n लेनदेन का हिसाब: किस ग्राहक ने कितने पैसे दिए, किस लड़की को कितना कमीशन मिला, इसका पूरा हिसाब-किताब इन पन्नों में कैद है।\r\n \r\n
- \r\n वीआईपी कनेक्शन की आशंका: दबी जुबान में चर्चा है कि इन रजिस्टरों में शहर के कई रसूखदार, व्यापारी और सफेदपोश लोगों के नंबर हो सकते हैं। अगर पुलिस ने इन नंबरों की कॉल डिटेल (CDR) निकाली, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल इन रजिस्टरों को सबूत के तौर पर सील कर जांच कर रही है।\r\n \r\n
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फर्जीवाड़े का खेल - 'मसाज पार्लर' का दिखावा
\r\n\r\nजब पुलिस ने हिरासत में ली गई मैनेजरों से स्पा सेंटर के दस्तावेज मांगे, तो वे बगले झांकने लगीं।
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- \r\n लाइसेंस नदारद: चारों में से किसी भी स्पा सेंटर के पास नगर निगम या स्वास्थ्य विभाग का वैध लाइसेंस नहीं मिला।\r\n \r\n
- \r\n फर्जी सर्टिफिकेट: एक सेंटर पर दीवार पर टंगा एक सर्टिफिकेट मिला, जिस पर 'मसाज पार्लर ट्रेनिंग' जैसा कुछ लिखा था। पुलिस अधिकारियों ने जब इसे गौर से देखा, तो वह प्रथम दृष्टया फर्जी (Fake) प्रतीत हुआ। यह केवल पुलिस और प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगाया गया था।\r\n \r\n
- \r\n गाइडलाइंस का उल्लंघन: नियमानुसार, स्पा सेंटरों में क्रॉस-जेंडर मसाज (पुरुष द्वारा महिला की या महिला द्वारा पुरुष की मसाज) पर कई जगहों पर प्रतिबंध है या सख्त नियम हैं। इसके अलावा, स्पा सेंटर के दरवाजों में कुंडी नहीं होनी चाहिए और पारदर्शिता होनी चाहिए। लेकिन यहाँ बंद कमरों में दरवाजे लॉक करके गतिविधियां चल रही थीं, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।\r\n \r\n
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पुलिस अधिकारियों का बयान और आगे की कार्रवाई
\r\n\r\nइस बड़े खुलासे के बाद एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने मीडिया को संबोधित किया। उनका बयान बेहद नपा-तुला लेकिन सख्त था।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"मेरठ पुलिस को विभिन्न स्रोतों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि शहर के मेडिकल, नौचंदी और ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्रों में कुछ स्पा सेंटर अनाधिकृत रूप से संचालित हो रहे हैं। सूचना यह थी कि स्पा और मसाज की आड़ में वहां अनैतिक देह व्यापार (Immoral Trafficking) का धंधा कराया जा रहा है। इसी सूचना को सत्यापित करने के बाद आज सीओ सिविल लाइन और एएचटीयू (AHTU) की टीम ने संयुक्त रूप से चार स्थानों पर छापेमारी की है। मौके से 20 युवतियां और एक युवक को पकड़ा गया है। हमें वहां से कई रजिस्टर और मोबाइल फोन भी मिले हैं, जिनमें वॉट्सऐप के जरिए डीलिंग के सबूत और आपत्तिजनक फोटो मिले हैं। सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।"\r\n
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कानूनी धाराएं:
\r\n\r\nपुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 (PITA - Prevention of Immoral Traffic Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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- \r\n स्पा संचालकों पर वेश्यालय चलाने (Running a Brothel) का आरोप लगेगा।\r\n \r\n
- \r\n मैनेजरों पर दलाली खाने और अनैतिक कार्य को बढ़ावा देने का आरोप लगेगा।\r\n \r\n
- \r\n स्पा सेंटरों को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।\r\n \r\n
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समाज पर असर और सवाल
\r\n\r\nमेरठ जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर में रिहायशी इलाकों के बीच ऐसे अड्डों का चलना समाज के लिए गहरी चिंता का विषय है।
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1. पड़ोसियों की सुरक्षा:
\r\n\r\nमंगल पांडेय नगर जैसे इलाके, जहाँ परिवार रहते हैं, बच्चे खेलते हैं, वहां ऐसे सेंटर का चलना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। अक्सर ऐसे स्थानों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे छेड़छाड़ और अन्य अपराधों का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे देर रात तक गाड़ियां आने-जाने से परेशान थे, लेकिन डर के मारे कुछ नहीं कहते थे।
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2. युवाओं को फंसाने का जाल:
\r\n\r\nस्पा सेंटर अक्सर युवाओं को आसान शिकार बनाते हैं। 'मसाज' और 'फ्रेंडशिप' के लुभावने विज्ञापनों और वॉट्सऐप मैसेजों के जरिए कॉलेज जाने वाले छात्रों को आकर्षित किया जाता है। एक बार वहां जाने के बाद वे ब्लैकमेलिंग या नशे के जाल में फंस सकते हैं।
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3. मॉल कल्चर की डार्क साइड:
\r\n\r\nदिल्ली रोड स्थित मॉल में हुई छापेमारी ने यह साबित कर दिया है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी अपराधी कितने बेखौफ हो सकते हैं। मॉल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या मॉल के सुरक्षा गार्डों और मैनेजमेंट को पता नहीं था कि उनकी बिल्डिंग के अंदर क्या चल रहा है? पुलिस को मॉल प्रबंधन से भी जवाब तलब करना चाहिए।
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क्या अब रुकेगा यह 'गंदा खेल'?
\r\n\r\nमेरठ पुलिस का यह एक्शन निश्चित रूप से सराहनीय है। इसने देह व्यापार के सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। लेकिन इतिहास गवाह है कि ऐसे धंधे अक्सर पुलिस की सख्ती कम होते ही दोबारा नए नाम और नई जगह से शुरू हो जाते हैं।
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यह महज चार स्पा सेंटरों की कहानी नहीं है। शहर में अभी भी दर्जनों ऐसे सेंटर हो सकते हैं जो पुलिस की रडार से बाहर हैं। जरूरत है कि पुलिस यह अभियान जारी रखे। साथ ही, उन मकान मालिकों और बिल्डिंग मालिकों पर भी सख्त कार्रवाई हो जो थोड़े से ज्यादा किराये के लालच में बिना वेरिफिकेशन के अपनी जगह ऐसे लोगों को दे देते हैं।
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हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि एक जिम्मेदार नागरिक बनें। अगर आपके आस-पास, मोहल्ले या बिल्डिंग में कोई ऐसी गतिविधि चल रही है जो संदिग्ध लगती है, तो आंखें मूंदने के बजाय पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना किसी लड़की को इस दलदल से निकाल सकती है और समाज को अपराध मुक्त बना सकती है। (पुलिस हेल्पलाइन: 112, वूमन पावर लाइन: 1090)।
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मेरठ स्पा सेंटर रेड (एक नज़र में)
\r\n\r\n| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n जानकारी \r\n | \r\n
| \r\n घटना की तारीख \r\n | \r\n \r\n 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) \r\n | \r\n
| \r\n कुल गिरफ्तारियां \r\n | \r\n \r\n 21 (20 युवतियां, 1 युवक) \r\n | \r\n
| \r\n मुख्य आरोपी \r\n | \r\n \r\n 4 महिला मैनेजर (संचालक) \r\n | \r\n
| \r\n रेड की जगहें \r\n | \r\n \r\n मंगल पांडेय नगर (2), गढ़ रोड (1), दिल्ली रोड (1) \r\n | \r\n
| \r\n बरामद सबूत \r\n | \r\n \r\n मोबाइल (वॉट्सऐप चैट), ग्राहक रजिस्टर, आपत्तिजनक वस्तुएं, नकद \r\n | \r\n
| \r\n नेतृत्व \r\n | \r\n \r\n एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीओ अभिषेक तिवारी \r\n | \r\n
| \r\n शामिल टीम \r\n | \r\n \r\n सिविल लाइन पुलिस, नौचंदी पुलिस, मेडिकल पुलिस, AHTU \r\n | \r\n
| \r\n आरोपों की धारा \r\n | \r\n \r\n PITA Act (अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम) \r\n | \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.