उत्तर प्रदेश के शामली जिले स्थित थानाभवन में इन दिनों आस्था और साधना का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां के प्रसिद्ध स्वयंभू शिवलिंग श्री महादेव कचोरीनाथ मंदिर के महंत योगी सतीश नाथ महाराज भीषण गर्मी में 9 धूनों (अग्नि कुंडों) के बीच कठोर तपस्या कर रहे हैं। देश, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए की जा रही उनकी यह 21 दिवसीय साधना पूरे इलाके में आकर्षण और चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।READ ALSO:-बिजनौर आत्महत्या मामला: पारिवारिक क्लेश में युवक ने उठाया खौफनाक कदम, खेत किनारे पेड़ से लटका मिला शव
\r\n\r\n\r\n\r\n
21 दिवसीय अनुष्ठान के 16 दिन हुए पूरे
\r\n\r\nमंदिर से जुड़े अनुयायियों ने बताया कि महंत जी ने 21 दिनों की विशेष और कठिन तपस्या का संकल्प लिया है। इस अनूठे धार्मिक अनुष्ठान के अब तक सफलतापूर्वक 16 दिन पूर्ण हो चुके हैं।
\r\n\r\n
यह तपस्या शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन मानी जाती है। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक महाराज अग्नि से प्रज्ज्वलित 9 धूनों के ठीक बीच में बैठकर ध्यान साधना करते हैं। इस दौरान वे पूरी तरह से ईश्वर की भक्ति में लीन रहते हैं।
\r\n\r\n
भीषण गर्मी में योगी सतीश नाथ महाराज की कठिन साधना
\r\n\r\nइन दिनों पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और तेज लू की चपेट में है। आम इंसान के लिए ऐसे मौसम में घरों से बाहर निकलना भी बेहद मुश्किल हो रहा है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
ऐसे कठिन समय में धधकती आग के बीच बैठना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसी तपिश के बीच योगी सतीश नाथ महाराज अपनी धूनी रमाए बैठे हैं। लोगों का कहना है कि अग्नि के बीच बैठकर साधना करना उनकी दृढ़ संकल्प शक्ति का प्रतीक है।
\r\n\r\n
देश और समाज की सुख-समृद्धि है मुख्य उद्देश्य
\r\n\r\nसनातन धर्म में संतों की तपस्या हमेशा जनकल्याण के उद्देश्य से जुड़ी होती है। मंदिर के भक्तों का कहना है कि यह कठोर अनुष्ठान विशेष रूप से देश, समाज और पूरे क्षेत्र की शांति व समृद्धि के लिए किया जा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि ऐसे सिद्ध साधु-संतों की तपस्या से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जनकल्याण की भावना को एक नया बल मिलता है।
\r\n\r\nखबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें Join ›
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
दर्शन और परिक्रमा के लिए पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु
\r\n\r\nयोगी सतीश नाथ महाराज की इस अनोखी साधना की खबर अब पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैल चुकी है। मंदिर में रोजाना भक्तों का तांता लग रहा है। थानाभवन ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी लोग दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
तपस्या के समय श्रद्धालु महाराज के चारों ओर पूरी श्रद्धा के साथ परिक्रमा करते हैं। लोग दूर से ही जलती हुई धूनों के बीच बैठे महाराज को नमन करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अनुष्ठान पूर्ण होने पर होगा विशाल भंडारे का आयोजन
\r\n\r\nयह पहली बार नहीं है जब महाराज ने इतनी कठिन तपस्या का संकल्प लिया हो। अनुयायियों के अनुसार, योगी सतीश नाथ महाराज इससे पहले भी लोककल्याण के लिए इस तरह के कई कठोर अनुष्ठान सफलतापूर्वक पूरे कर चुके हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि 21 दिवसीय तपस्या के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण करेंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मंदिर व्यवस्था में जुटे हैं कई मुख्य सेवादार
\r\n\r\nइस पूरे 21 दिवसीय अनुष्ठान के दौरान मंदिर की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई भक्त दिन-रात निष्काम सेवा में जुटे हुए हैं। भीड़ नियंत्रण से लेकर अन्य धार्मिक कार्यों में इनका अहम योगदान है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इनमें मुख्य रूप से आदेश चंचल नाथ, अर्जुन नाथ, अजय नाथ, सतपाल नाथ, सोनी नाथ, भूतनाथ और गोपाल सैनी सहित अन्य सेवादार शामिल हैं। ये सभी भक्त मिलकर मंदिर परिसर में व्यवस्था संभालते हुए अपना पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
निष्कर्ष के तौर पर, थानाभवन में चल रही यह साधना भारत की प्राचीन तपस्वी परंपरा का एक जीवंत उदाहरण है। योगी सतीश नाथ महाराज की यह 9 धूनों वाली कठिन तपस्या न केवल भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह दिखाती है कि संत समाज जनकल्याण के लिए स्वयं कितने कष्ट सहन कर सकता है। श्रद्धालुओं को अब तपस्या पूर्ण होने और विशाल भंडारे का बेसब्री से इंतजार है।
Sabse pehle comment karne wale banein.