गाजियाबाद पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जॉब सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। B.Tech पास मास्टरमाइंड प
Published at : 15 Jul 2026, 02:13 PM
Updated at : 11 Sep 2026, 01:48 PM
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Fake Call Center Busted Job Fraud of Crores With Youths For Gulf
देशभर में बेरोजगारी की समस्या का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लगातार युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने एक ऐसे ही बेहद शातिर Fake Job Racket (फर्जी जॉब रैकेट) का भंडाफोड़ किया है, जिसने देश के कई राज्यों में अपना जाल फैला रखा था। यह गिरोह विशेष रूप से उन युवाओं को अपना शिकार बनाता था, जो विदेशों में, खासकर खाड़ी देशों में नौकरी करने का सपना देखते थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह Fake Job Racket अब तक 400 से 500 बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा चुका है। इस बड़े खुलासे ने न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि आम जनता को भी हैरान कर दिया है।READ ALSO:-गाजियाबाद में खौफनाक 'लव जिहाद': शंभू बनकर 3 साल तक लूटी आबरू, शादी के बाद भी धर्म बदलने का दबाव; बीच सड़क मारे चाकू
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कैसे काम करता था यह Fake Job Racket?
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पुलिस के अनुसार, इस Fake Job Racket का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद पेशेवर और शातिर था। गिरोह के सरगनाओं ने बाकायदा एक कॉल सेंटर खोल रखा था। इस कॉल सेंटर के जरिए वे विभिन्न जॉब पोर्टल्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से बेरोजगार युवाओं का डेटा (Data) चुराते थे या खरीदते थे। इसके बाद, युवाओं को कॉल करके दुबई (Dubai) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में शानदार सैलरी पैकेज वाली नौकरी का लालच दिया जाता था।
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स्वाट टीम, क्राईम ब्रान्च व थाना साहिबाबाद पुलिस टीम कमिश्नरेट गाजियाबाद की संयुक्त कार्यवाही में नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 20 अभियुक्त गिरफ्तार। कब्जे से भारी मात्रा में साइबर अपराध में प्रयुक्त उपकरण व दस्तावेज बरामद। \r\nबाइट- श्री धवल… https://t.co/4mS3HS8HlNpic.twitter.com/RC2gRqSwMM
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\r\n— POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD (@ghaziabadpolice) July 15, 2026
गिरोह के सदस्य युवाओं को फर्जी ऑफर लेटर (Fake Offer Letter) भेजते थे, जो हूबहू असली कंपनियों के दस्तावेजों जैसे दिखते थे। जब युवा उनके झांसे में आ जाते, तो उनसे रजिस्ट्रेशन, वीज़ा प्रोसेसिंग (Visa Processing), मेडिकल जांच और सिक्योरिटी मनी के नाम पर 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की ठगी की जाती थी। पैसे मिलने के बाद गिरोह के सदस्य अपना नंबर बंद कर लेते थे।
इस Fake Job Racket ने दिल्ली समेत देश के कई राज्यों के युवाओं को अपना निशाना बनाया है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल उनके पास 24 पीड़ितों की लिखित शिकायतें आ चुकी हैं, जिनके आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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अब तक की जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने युवाओं से लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क किया जाएगा, वैसे-वैसे ठगी का यह आंकड़ा और पीड़ितों की संख्या में भारी इजाफा होने की पूरी आशंका है। कई युवा बदनामी और पुलिस के पचड़े में पड़ने के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिसका फायदा यह Fake Job Racket उठा रहा था।
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परिवार को भी रखा धोखे में: खुद को बताती थीं 'सॉफ्टवेयर इंजीनियर'
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इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों से जुड़ा है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस Fake Job Racket के कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती थीं और तकनीकी रूप से काफी जानकार थीं।
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ये युवतियां न केवल बेरोजगार युवाओं को मीठी बातों में फंसाकर ठगती थीं, बल्कि उन्होंने अपने परिवार और आस-पड़ोस के लोगों को भी भारी धोखे में रखा हुआ था। वे अपने घर वालों को यही बताती थीं कि वे किसी बड़ी आईटी कंपनी में 'सॉफ्टवेयर इंजीनियर' (Software Engineer) के पद पर काम करती हैं और उनका काम विदेशी क्लाइंट्स को हैंडल करना है। परिवार वालों को भनक तक नहीं थी कि उनकी बेटियां दरअसल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के Fake Job Racket का हिस्सा हैं और मासूम बेरोजगारों की गाढ़ी कमाई लूट रही हैं।
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छापेमारी में भारी मात्रा में बरामद हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
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पुलिस टीम ने जब इस Fake Job Racket के ठिकाने पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा किसी कॉर्पोरेट ऑफिस से कम नहीं था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी भरकम सेटअप बरामद किया है।
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बरामद किए गए सामानों की सूची इस प्रकार है:
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12 लेटेस्ट मॉडल के लैपटॉप (Laptops)
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23 स्मार्टफोन (Smartphones)
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12 कीपैड मोबाइल (कॉलिंग के लिए)
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47 फर्जी सिम कार्ड (SIM Cards)
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विभिन्न बैंकों के 16 डेबिट कार्ड (Debit Cards)
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10 फर्जी मुहरें (विदेशी कंपनियों और सरकारी विभागों के नाम की)
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8 बैंक चेकबुक
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बड़ी संख्या में फर्जी वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज
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2 हाई-क्वालिटी प्रिंटर (फर्जी ऑफर लेटर छापने के लिए)
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12 पावर एडॉप्टर और 7 पेन ड्राइव (डेटा स्टोर करने के लिए)
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एक लग्जरी ऑडी कार (Audi Car), जो ठगी के पैसों से खरीदी गई थी।
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यह भारी-भरकम बरामदगी साबित करती है कि यह Fake Job Racket कितने सुनियोजित और बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा था।
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पुलिस की वित्तीय जांच और साइबर ठगी के नए खुलासे की उम्मीद
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फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इस पूरे नेटवर्क की गहराई से वित्तीय जांच (Financial Investigation) कर रही है। पुलिस उन सभी बैंक खातों (Bank Accounts) को फ्रीज कर रही है, जिनसे डेबिट कार्ड और चेकबुक जुड़े हुए हैं।
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आशंका जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान इस Fake Job Racket के तार हवाला कारोबारियों और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों से भी जुड़ सकते हैं। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो इन ठगों को जॉब पोर्टल्स से युवाओं का डेटा मुहैया कराते थे। डेटा ब्रोकर्स की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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Fake Job Racket से कैसे बचें? (जरूरी टिप्स)
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युवाओं को ऐसी साइबर ठगी और Fake Job Racket से बचने के लिए बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों और पुलिस द्वारा कुछ अहम सुझाव दिए गए हैं:
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पैसों की मांग पर सतर्क हों: कोई भी प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी या जेनुइन प्लेसमेंट एजेंसी नौकरी देने के लिए उम्मीदवारों से पैसे नहीं मांगती है। यदि कोई रजिस्ट्रेशन या वीज़ा के नाम पर अग्रिम राशि मांगता है, तो समझ लें कि यह एक Fake Job Racket है।
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ऑफर लेटर की जांच करें: ऑफर लेटर मिलने पर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और उनके एचआर (HR) विभाग से सीधे संपर्क कर उस लेटर की सत्यता प्रमाणित करें।
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सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंसियों का ही सहारा लें: विदेश में नौकरी के लिए हमेशा विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा मान्यता प्राप्त और रजिस्टर्ड रिक्रूटमेंट एजेंसियों (Recruitment Agencies) के माध्यम से ही आवेदन करें।
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पुलिस द्वारा इस Fake Job Racket का भंडाफोड़ किया जाना एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन यह घटना उन लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक सख्त चेतावनी भी है जो जल्दी नौकरी पाने की चाहत में शॉर्टकट अपनाते हैं। 500 युवाओं की मेहनत की कमाई को लूटने वाले इस गिरोह के मास्टरमाइंड जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे। युवाओं को समझना होगा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर दिखने वाला हर आकर्षक विज्ञापन सच नहीं होता। अपनी सतर्कता और जागरूकता से ही ऐसे Fake Job Racket और साइबर अपराधियों के नापाक मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है।
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