गाजियाबाद, 20 सितंबर, 2025: गाजियाबाद में एक 12 वर्षीय बच्चे की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि बच्चे की हत्या उसके ही चचेरे भाई ने 60 लाख रुपये की संपत्ति के लालच में की थी। आरोपी ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए एक महीने तक साजिश रची और छह दिनों तक दिल्ली के रास्तों की रेकी की।READ ALSO:-बेंगलुरु से बनारस आ रही फ्लाइट में हड़कंप: यात्रियों ने कॉकपिट खोलने की कोशिश की, हाईजैक की आशंका से पायलट ने गेट किया लॉक
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 घर से निकल कर जाता हुआ लक्ष्य सीसीटीवी में दिखाई दिया था। इसी से पुलिस को क्लू मिला।

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क्राइम की पूरी कहानी, आरोपी की जुबानी
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पुलिस पूछताछ में आरोपी युवराज ने इस पूरी वारदात का खुलासा किया:
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    हत्या की प्लानिंग: युवराज ने बताया कि वह एक महीने से लक्ष्य की हत्या की साजिश रच रहा था। उसका पहला प्लान लक्ष्य को यमुना नदी में धक्का देकर मारने का था, लेकिन लक्ष्य की मां की वजह से यह प्लान फेल हो गया।
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    रेकी और तैयारी: उसने 6 दिनों तक दिन-रात गाजियाबाद से दिल्ली तक बाइक से चार बार रेकी की। उसने हर रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान की। उसने देखा कि रात में भीड़ कम होती है, तो यही समय चुना।
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    वारदात का दिन: 16 सितंबर की रात पौने 10 बजे वह लक्ष्य को बाइक से फिल्म दिखाने के बहाने दिल्ली ले गया। वह उसे लक्ष्मीनगर के एक पार्क में ले गया, जहां उसने पीछे से गला दबाकर उसे बेहोश कर दिया।
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    पहचान मिटाने की कोशिश: लक्ष्य की मौत सुनिश्चित करने के लिए उसने एक ईंट से उसके चेहरे और सिर पर 20 बार वार किए, ताकि उसकी पहचान न हो सके।
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    संदेह से परे रहने का प्रयास: हत्या के बाद भी, वह एक घंटे तक लाश के पास बैठा रहा, यह देखने के लिए कि कहीं सांस तो नहीं चल रही। इसके बाद उसने शव को झाड़ियों में फेंक दिया और खुद फिल्म देखने चला गया।
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घर के बाहर तिराहे पर अपने तहेरे भाई युवराज का इंतजार करता लक्ष्य।
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पुलिस ने ऐसे सुलझाया केस
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    लापता होने की रिपोर्ट: 16 सितंबर को लक्ष्य के लापता होने के बाद, उसके माता-पिता ने 18 सितंबर को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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    सीसीटीवी से खुलासा: पुलिस ने घर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें लक्ष्य को युवराज की बाइक पर बैठते देखा गया।
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    120 कैमरे खंगाले: पुलिस ने 12 किलोमीटर के रास्ते के 120 सीसीटीवी कैमरे देखे, जिनमें हर जगह लक्ष्य और युवराज एक साथ दिखे। जहां कैमरे लगे थे, वहां युवराज लक्ष्य को बाइक से उतार देता था, जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ।
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    गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस ने युवराज को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर दिल्ली के पार्क से लक्ष्य का शव बरामद किया। हत्या में इस्तेमाल ईंट, खून से सनी मिट्टी और कपड़ा भी बरामद किया गया।
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क्यों की हत्या?
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युवराज ने बताया कि उसने अपने चाचा मनवीर के 25 गज के मकान का सौदा 25 लाख में कराया था, जिसमें से उसने एडवांस के 3 लाख रुपये बिटक्वाइन में लगा दिए थे। जब चाचा बार-बार पैसे मांगने लगे, तो उसने सोचा कि अगर वह लक्ष्य की हत्या कर दे तो चाचा की सारी संपत्ति का वारिस बन जाएगा और उसे पैसे भी नहीं लौटाने पड़ेंगे।
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मृतक की मां बबीता और पिता मनवीर ने बताया कि वे युवराज पर बहुत भरोसा करते थे। मनवीर ने कहा, "मेरा वही सहारा था, वह भी उसने छीन लिया।" यह घटना दोनों परिवारों के लिए एक गहरा सदमा है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि इस पूरे मामले को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुलझाया गया है।
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