खबरीलाल (Khabreelal) विशेष राजनीतिक रिपोर्ट: नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था की खामियों, लगातार हो रहे पेपर लीक (Paper Leaks) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। इसी बीच, इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और कानूनी कदम उठाने का ऐलान कर दिया है।READ ALSO:-सहारनपुर में तबाही का मंजर: पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 4 मजदूरों की मौत की आशंका, धमाके की गूंज से दहला 2 किलोमीटर का इलाका
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सीजेपी (CJP) ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई (Police Lathicharge) को लेकर एक नया देशव्यापी अभियान शुरू किया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों ने वर्दी की आड़ में छात्रों के साथ बर्बरता और दुर्व्यवहार किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आइए, खबरीलाल की इस रिपोर्ट में जानते हैं कि CJP का यह नया 'डिजिटल हथियार' क्या है और यह कैसे काम करेगा।
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'हर लाठी का हिसाब होगा': CJP लॉन्च करेगी स्पेशल वेबसाइट

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CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 20 जुलाई का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काले दिन के रूप में दर्ज हो गया है। उस दिन जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के लाठियां बरसाईं। कई प्रदर्शनकारियों, विशेषकर छात्राओं के साथ गंभीर रूप से मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
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सौरव दास ने इस पुलिसिया ज्यादती पर पलटवार करते हुए एक बड़ी घोषणा की:

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"हम केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेंगे। आंदोलन के दौरान जिन भी पुलिसकर्मियों ने अपनी हदों को पार किया है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए CJP जल्द ही एक 'समर्पित वेबसाइट' (Dedicated Website) लॉन्च करने जा रही है। यह वेबसाइट उन पुलिस अधिकारियों को बेनकाब करने का काम करेगी, जिन्होंने सत्ता के नशे में मासूम छात्रों पर डंडे बरसाए हैं।"
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छात्रों से अपील: 'अपने मोबाइल के फोटो-वीडियो हमें भेजें'

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इस वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य उन सबूतों (Evidences) को एक जगह इकट्ठा करना है जो पुलिस की बर्बरता को साबित कर सकें। सौरव दास ने देशभर के छात्रों और 20 जुलाई को प्रदर्शन में मौजूद रहे लोगों से एक खास अपील की है।
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कैसे काम करेगा यह अभियान?

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    सबूतों की अपलोडिंग: प्रस्तावित वेबसाइट लाइव होने के बाद, कोई भी प्रदर्शनकारी अपने मोबाइल से खींचे गए फोटो, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग या अन्य कोई भी दस्तावेजी साक्ष्य (Evidence) सीधे उस पोर्टल पर अपलोड कर सकेगा।
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    CJP की लीगल टीम करेगी जांच: वेबसाइट पर आने वाले सभी फोटो और वीडियो की CJP की एक विशेष टीम (जिसमें कानूनी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे) द्वारा बारीकी से जांच (Verification) की जाएगी।
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    चेहरों की पहचान: इन वीडियो और तस्वीरों के आधार पर उन पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के चेहरों की पहचान (Facial Identification) की जाएगी, जो छात्रों के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार करते हुए नजर आ रहे हैं।
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'FIR नहीं लिखी, तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे'

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सीजेपी (CJP) का यह कदम केवल सबूत जुटाने तक सीमित नहीं है। पार्टी ने एक पूरी कानूनी रूपरेखा (Legal Framework) तैयार कर ली है। सौरव दास ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में वीडियो या फोटो के रूप में पर्याप्त और पुख्ता साक्ष्य (Solid Evidence) उपलब्ध होंगे, उन मामलों में चिन्हित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नामजद शिकायत (Complaint) दर्ज कराई जाएगी।
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कोर्ट जाने की चेतावनी: प्रवक्ता ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) अपने ही महकमे के लोगों को बचाने की कोशिश करती है और उनकी शिकायतों पर FIR दर्ज नहीं करती है, तो CJP सीधे न्यायालय (Court) का रुख करेगी।
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"देश के अलग-अलग राज्यों के कई नामी वकील (Advocates) इस कानूनी लड़ाई में हमारे संगठन का निशुल्क सहयोग कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर हम माननीय न्यायालय से गुहार लगाएंगे कि वह संबंधित और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज करने के सख्त निर्देश जारी करे।"
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जवाबदेही (Accountability) तय होने तक जारी रहेगा संघर्ष

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CJP का मानना है कि पुलिस प्रशासन अक्सर ऐसी घटनाओं में 'अज्ञात' या 'भीड़ को नियंत्रित करने' का बहाना बनाकर बच निकलता है। लेकिन इस बार पार्टी का मुख्य उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक शिकायत दर्ज कराना नहीं है, बल्कि सिस्टम में 'जवाबदेही' (Accountability) तय कराना है।
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सौरव दास ने कहा कि जब तक दोषी अधिकारियों को उनके किए की सजा नहीं मिल जाती और मामले को उचित न्यायिक प्रक्रिया (Judicial Process) के जरिए अंजाम तक नहीं पहुंचाया जाता, तब तक यह अभियान रुकने वाला नहीं है।
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आंदोलन जारी रखने का ऐलान: प्रेस वार्ता के अंत में CJP ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पुलिस की लाठियों और मुकदमों से डरकर छात्र पीछे हटने वाले नहीं हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली (NTA) में सुधार की मांग को लेकर यह आंदोलन आगे भी शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। पार्टी ने साफ किया है कि 20 जुलाई की घटना को लेकर न्याय मिलने तक सड़क से लेकर अदालत तक यह संघर्ष बदस्तूर जारी रहेगा।
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CJP द्वारा वेबसाइट लॉन्च कर सबूत जुटाने का यह फैसला भारतीय राजनीति और छात्र आंदोलनों में एक नया और 'डिजिटल' प्रयोग है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जब छात्र पुलिस के खिलाफ सबूतों का अंबार लगा देंगे, तो सरकार और प्रशासन इस कानूनी चक्रव्यूह से कैसे निपटेंगे।
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