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बिजनौर (शकील अहमद ब्यूरो चीफ बिजनौर)

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बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक बार फिर सड़क दुर्घटना से कोहराम मच गया है। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित रामगंगा नदी के पुल पर रविवार (16 नवंबर 2025) की शाम एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल गन्ने से भरी एक बुग्गी (चारा बुग्गी) में जा घुसी, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक बिजनौर रामगंगा पुल हादसा में मृतक की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।READ ALSO:-सऊदी अरब में भीषण सड़क हादसा: मक्का से मदीना जा रही बस और टैंकर की टक्कर, 42 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत की आशंका

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शेरकोट से लौट रहे थे दंपति, बुग्गी बनी काल

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब धामपुर इलाके के मोहड़ा गांव निवासी अंकित कुमार (साला) अपने जीजा हरिराज सिंह (निवासी शाहपुर जमाल, अफजलगढ़) और बहन (हरिराज की पत्नी) को शेरकोट इलाके में हुई एक शादी या सामाजिक समारोह से वापस घर छोड़ने जा रहा था।
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शाम करीब 7:30 बजे जब उनकी मोटरसाइकिल अफजलगढ़-शेरकोट मार्ग पर भूतपुरी गांव के पास रामगंगा नदी के पुल को पार कर रही थी, तभी तेज रफ्तार के कारण बाइक अनियंत्रित होकर आगे चल रही गन्ने/चारे से लदी बुग्गी (ट्रॉली) में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और जीजा हरिराज सिंह तथा साला अंकित कुमार दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
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घायल पत्नी अस्पताल में भर्ती, पुलिस ने शव किए जब्त

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इस बिजनौर रामगंगा पुल हादसा में मोटरसाइकिल पर सवार हरिराज सिंह की पत्नी (नाम अज्ञात) गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अफजलगढ़ और शेरकोट थाने की पुलिस टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
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घायल महिला को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) धामपुर भेजा गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा सकता है। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
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वहीं, पुलिस ने दोनों मृतक, हरिराज सिंह और अंकित कुमार के शवों को कब्जे में ले लिया है। दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं और बुग्गी चालक की तलाश की जा रही है, जो दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया था। 
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पुल पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

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रामगंगा पुल का यह क्षेत्र पहले भी कई सड़क दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है। घने कोहरे, स्ट्रीट लाइट की कमी और भारी वाहनों (जैसे बुग्गी) के अनियंत्रित परिचालन के कारण यह पुल अक्सर खतरनाक साबित होता रहा है। इस दर्दनाक बिजनौर रामगंगा पुल हादसा ने एक बार फिर रामगंगा पुल पर सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर कर दिया है।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि अक्सर इस पुल पर चेतावनी संकेत और पर्याप्त रोशनी नहीं होती, जिससे रात के समय दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। पुलिस को यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और रात में चलने वाले कृषि वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की जा रही है। 
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बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र में रामगंगा पुल पर हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दो परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। जीजा-साले की मौत और पत्नी का घायल होना, सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही बुग्गी चालक को पकड़ा जाएगा।
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