Viksit Bharat Yojana Bijnor के तहत शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी (DM) उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना रहा। बैठक के दौरान डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 12 अक्टूबर को प्रस्तावित 'विशेष रोजगार सृजन दिवस' को हर हाल में प्रभावी ढंग से संपन्न कराया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद श्रमिकों को उनके गांव में ही काम मिल सके।
क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य?
बैठक में 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' की प्रगति के साथ-साथ इसके मुख्य उद्देश्यों पर भी विस्तार से मंथन हुआ। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का गारंटीशुदा मजदूरी रोजगार देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसके तहत गांवों की जरूरत के हिसाब से सार्वजनिक संपत्तियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, खेती के व्यस्त मौसम में कृषि श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए कृषि कार्य और मजदूरी के बीच बेहतर तालमेल रखा जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए इस पूरी प्रक्रिया में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Biometric Authentication), रियल टाइम एमआईएस (Real Time MIS) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ग्राम पंचायतों की धीमी प्रगति पर डीएम की चेतावनी
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, बिजनौर जनपद में कुल 1,123 ग्राम पंचायतें हैं। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि इनमें से 739 पंचायतों में विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन 384 ग्राम पंचायतों की प्रगति बेहद असंतोषजनक है। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देशित किया कि जहां काम धीमा है, वहां तत्काल विशेष ध्यान देकर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इसके अलावा, जिले में श्रमिकों के ई-केवाईसी (e-KYC) का काम 96.92 फीसदी पूरा हो चुका है, जिसे जल्द शत-प्रतिशत करने के आदेश दिए गए। बैठक में विकासखंडों के 520 तालाबों की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
आवास योजनाओं को गति देने के कड़े निर्देश
रोजगार सृजन के अलावा, बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' और 'मुख्यमंत्री आवास योजना' की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत जिले को 2,764 घरों का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष अब तक सिर्फ 111 आवास ही स्वीकृत किए जा सके हैं। जिलाधिकारी ने इस धीमी गति का संज्ञान लेते हुए आवास योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों को शासन की मंशा के अनुरूप जल्द लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इस अहम प्रशासनिक बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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