नई दिल्ली: बीजेपी प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया एक टीवी न्यूज डिबेट के दौरान हुए एक अजीब वाकये के बाद सोशल मीडिया पर फैली आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे हैं। इस मामले में उन्होंने समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के कई नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है।READ ALSO:-रणबीर कपूर और आर्यन खान के शो 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' पर FIR का आदेश: ई-सिगरेट सीन पर NHRC का कड़ा रुख
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क्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nहाल ही में एक न्यूज चैनल पर डिबेट शो के दौरान, गौरव भाटिया कथित तौर पर बिना पतलून के, सिर्फ कुर्ता पहने हुए दिखाई दिए। कैमरे में उनका शरीर का निचला हिस्सा भी दिख गया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने इस पर तरह-तरह के कमेंट किए, जिनमें से कई बेहद आपत्तिजनक थे।
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कोर्ट में भाटिया की दलील
\r\n\r\nमंगलवार को जस्टिस अमित बंसल की कोर्ट में सुनवाई हुई। गौरव भाटिया के वकील राघव अवस्थी ने दलील दी कि भाटिया ने शॉर्ट्स पहने हुए थे और यह सिर्फ कैमरामैन की गलती थी जिसने उनके शरीर का निचला हिस्सा दिखाया। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट उनकी निजता का उल्लंघन करते हैं और आपत्तिजनक टिप्पणियों को हटाया जाना चाहिए।
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व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद गौरव भाटिया ने भी दलील दी कि सोशल मीडिया पर उन्हें "नंगा" जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, "प्रतिष्ठा दशकों में अर्जित की जाती है।"
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हाई कोर्ट का रुख
\r\n\r\nजस्टिस अमित बंसल ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि वे भाटिया के निजी अंगों आदि से जुड़ी मानहानिकारक सामग्री को हटाने का आदेश देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना से संबंधित व्यंग्यात्मक या व्यंग्यात्मक सामग्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, क्योंकि भाटिया एक सार्वजनिक हस्ती और राजनेता हैं और उन्हें इस तरह की आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए।
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कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनीं और कहा कि वह कंटेंट की जांच करेगा और गुरुवार को इस पर आदेश जारी करेगा। वहीं, गूगल ने कोर्ट को बताया कि जिन लिंक्स को हटाने की मांग की गई है, उनका घटना से सीधा संबंध नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एकतरफा फैसला लेने से पहले वह सावधानी बरतेगा।
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Sabse pehle comment karne wale banein.