छिंदवाड़ा/भोपाल (4 अक्टूबर 2025): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत का मामला अब देश की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बन गया है। शनिवार को एक और बच्चे की मौत के साथ कुल मृतक बच्चों की संख्या 10 हो गई है। इस मामले में सबसे बड़ा और भयावह खुलासा तमिलनाडु सरकार की जांच रिपोर्ट से हुआ है, जिसने पुष्टि की है कि कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप में 48.6% डाईथाइलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीला केमिकल मिला हुआ है।READ ALSO:-मेरठ के PWD दफ्तर में गरजे सपा विधायक अतुल प्रधान, बोले- "UP में दंगे कराना चाहती है सरकार, अफसर AC कमरों से बाहर निकलें"
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यह वही जहरीला केमिकल है जिसने पहले भी दुनिया के कई देशों में बच्चों की जान ली है। इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल एक्शन लेते हुए Coldrif और Nextro-DS सिरप समेत इसे बनाने वाली कंपनी श्री सन फार्मा के सभी उत्पादों पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगा दिया है।
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मौत की पुष्टि: जांच में मिला 'जहर'
\r\n\r\nयह मामला तब और गंभीर हो गया जब तमिलनाडु खाद्य एवं औषधि प्रशासन की लैब रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि सिरप में मिले जहर से हुई है।
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- \r\n जहरीला केमिकल: डाईथाइलीन ग्लाइकॉल (DEG) एक मीठा स्वाद वाला औद्योगिक विलायक (Industrial Solvent) है जो इंसानों के लिए बेहद जहरीला होता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी किडनी फेलियर और मौत का कारण बन सकती है।\r\n \r\n
- \r\n दसवीं मौत: शनिवार को दीघावानी के 4 वर्षीय विकास यदुवंशी ने नागपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी भी मौत किडनी फेल होने से हुई।\r\n \r\n
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सरकार का एक्शन: पूरे प्रदेश में लगा बैन
\r\n\r\nमामले की गंभीरता और जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़े कदम उठाए हैं।
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- \r\n कंपनी पर बैन: कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित निर्माता कंपनी 'श्री सन फार्मा' के सभी उत्पादों की बिक्री पर मध्यप्रदेश में तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n SIT का गठन: पूरे मामले की राज्य स्तरीय जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा, जो हर पहलू की जांच करेगी।\r\n \r\n
जानलेवा लापरवाही: नियमों की उड़ाई गईं धज्जियां
\r\n\r\nयह पूरी त्रासदी सिर्फ एक जहरीली दवा का मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर लापरवाही की कहानी भी है।
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- \r\n चेतावनी को किया नजरअंदाज: भारत सरकार के ड्रग कंट्रोलर ने 18 दिसंबर 2023 को ही एक पत्र जारी कर 4 साल से कम उम्र के बच्चों को क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट + फिनाइलेफ्राइन (कोल्ड्रिफ का फॉर्मूला) देने पर रोक लगा दी थी।\r\n \r\n
- \r\n डॉक्टरों की बड़ी गलती: इस स्पष्ट निर्देश के बावजूद, छिंदवाड़ा में डॉक्टरों द्वारा छोटे बच्चों को यह सिरप लिखा जाता रहा। मरने वाले 10 बच्चों में से अधिकांश की उम्र 4 साल या उससे भी कम थी।\r\n \r\n
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मौत का 'सप्लाई चेन': जबलपुर से छिंदवाड़ा तक
\r\n\r\nजांच में यह भी सामने आया है कि इस जानलेवा सिरप की सप्लाई सिर्फ छिंदवाड़ा में ही हो रही थी।
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- \r\n जबलपुर का डीलर: महाकौशल क्षेत्र के लिए जबलपुर का 'कटारिया फार्मास्यूटिकल' इस कंपनी का एकमात्र डीलर है।\r\n \r\n
- \r\n सिर्फ छिंदवाड़ा में डिमांड: हैरानी की बात है कि पूरे महाकौशल में इस सिरप की मांग सिर्फ छिंदवाड़ा से ही आती थी।\r\n \r\n
- \r\n मौत की खेप: डीलर ने सितंबर में 660 बोतलें मंगवाई थीं, जिनमें से 594 बोतलें छिंदवाड़ा की तीन दवा दुकानों (आयुष फार्मा, न्यू अपना फार्मा, जैन मेडिकल) को भेजी गईं।\r\n \r\n
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अब केंद्र और राज्य की कई टीमें इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं कि यह लापरवाही किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
Sabse pehle comment karne wale banein.