नई दिल्ली/लखनऊ (Khabreelal News Desk): यदि आप आज घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो जरा ठहरिए और आसमान की तरफ देख लीजिए। जुलाई महीने के इस दूसरे पखवाड़े में मानसून अपने सबसे रौद्र और खतरनाक रूप में आ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बेहद डराने वाला और सख्त बुलेटिन जारी किया है। 18 जुलाई 2026 की यह तारीख कई राज्यों के लिए भारी मुसीबत लेकर आ रही है। IMD के ताजा और सबसे बड़े अपडेट के अनुसार, अगले 14 से 24 घंटों के भीतर देश के 15 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश, भयंकर आंधी-तूफान और आसमानी बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।READ ALSO:-यूपी में शहरों में रहना होगा महंगा: योगी सरकार कर रही है हाउस टैक्स बढ़ाने की बड़ी तैयारी, नगर निगमों की खाली तिजोरी भरने का बना मेगा प्लान
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो किसी छोटे चक्रवात से कम नहीं है। इतनी तेज रफ्तार हवाओं में कच्चे मकानों के ढहने, पुराने पेड़ों के उखड़ने और बिजली के तारों के टूटने का सीधा खतरा बना रहता है। इस आसमानी आफत को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रभावित होने वाले सभी राज्यों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट (Orange and Yellow Alert) जारी कर दिया है और राज्य सरकारों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टैंडबाय पर रहने को कहा है।
\r\n\r\n

 

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n

आखिर क्यों इतना खूंखार हो गया है मौसम? (वैज्ञानिक कारण)

\r\n\r\n
आम जनता के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि अचानक मौसम इतना भयानक क्यों हो गया है? मौसम वैज्ञानिकों और सैटेलाइट इमेजरी के गहन विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में भारत के ऊपर कई खतरनाक मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय (Active) हो गए हैं। पहला बड़ा कारण यह है कि मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से नीचे की ओर खिसक गया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और उत्तरी हरियाणा के आसमान में एक बहुत ही मजबूत 'ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण' (Cyclonic Circulation) बन गया है। मानो इतना ही काफी नहीं था, गंगा के मैदानी इलाकों—विशेषकर पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर एक बहुत ही गहरा 'कम दबाव का क्षेत्र' (Low Pressure Area) बन गया है। जब ये सभी मौसमी प्रणालियां आपस में टकरा रही हैं, तो यह एक भयंकर तूफानी सिस्टम को जन्म दे रही हैं, जो अगले 14 घंटों तक पूरे उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में कहर बरपाने वाला है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

किन 15 राज्यों पर मंडरा रहा है यह खतरा?

\r\n\r\n
IMD द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, जिन 15 राज्यों में भयंकर बारिश और तूफान का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र (विशेषकर कोंकण और मुंबई का इलाका), गोवा, गुजरात और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड। इन सभी राज्यों के जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों (NDRF/SDRF) को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

दिल्ली-NCR: राजधानी में जलभराव और ट्रैफिक जाम का अलर्ट

\r\n\r\n
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद) के लिए 18 जुलाई का दिन काफी भारी साबित होने वाला है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। राजधानी और उसके आसपास के सैटेलाइट शहरों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहने का अनुमान है। दिल्ली की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह चेतावनी दी गई है कि इस भारी बारिश के कारण व्यस्त सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में भयंकर जलभराव हो सकता है। विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सकती है और लंबा ट्रैफिक जाम लगने की पूरी आशंका है। लोगों को सलाह दी गई है कि ऑफिस या जरूरी काम से निकलते समय अतिरिक्त समय लेकर चलें और जलभराव वाले रास्तों से बचें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

उत्तर प्रदेश: 70 की स्पीड से आंधी, 25 से अधिक जिलों में अलर्ट

\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश, जो भारत का सबसे बड़ा और घनी आबादी वाला राज्य है, वहां इस मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। राजधानी लखनऊ, नोएडा, मेरठ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, बरेली और गोरखपुर सहित 25 से अधिक जिलों में मौसम विभाग ने 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से भयानक आंधी चलने का अनुमान जताया है। इतनी तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचा सकती है। प्रशासन ने खास तौर पर किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे अपनी खुले में रखी फसलों और मवेशियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। कच्चे मकानों और टिन शेड वाले घरों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और तेज आंधी के दौरान पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बिहार: 21 जिलों में 'वज्रपात' (आसमानी बिजली) का खौफ

\r\n\r\n
बिहार के लिए यह अलर्ट केवल बारिश का नहीं, बल्कि जानलेवा 'वज्रपात' (Lightning) का भी है। मौसम विभाग ने पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास और पूर्णिया समेत 21 जिलों में वज्रपात और अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बिहार में हर साल आसमानी बिजली गिरने से सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है। इसी ऐतिहासिक खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जब आसमान में काले बादल छाएं और बिजली कड़क रही हो, तो भूलकर भी खेतों में काम न करें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल भी खड़े न हों। आंधी-तूफान के समय तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित इमारत की शरण लें। मोबाइल फोन का इस्तेमाल खुले आसमान के नीचे न करने की भी सख्त हिदायत दी गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर): पहाड़ों पर सफर मतलब साक्षात मौत

\r\n\r\n
पहाड़ी राज्यों में मानसून हमेशा से ही एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन आज का यह अलर्ट डराने वाला है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले और निचले इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली के साथ-साथ हिमाचल के मंडी और शिमला जैसे क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Flood) का भारी खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ों पर हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण गंगा, यमुना, ब्यास और उनकी सभी सहायक नदियां उफान पर आ गई हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे फिलहाल अपनी यात्राएं टाल दें। लोगों को नदी-नालों के किनारों, झरनों और कच्ची ढलानों से बिल्कुल दूर रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। हाईवे पर पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए रात के समय सफर करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बचाव के लिए प्रशासन की अहम एडवाइजरी (Safety Tips)

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    तेज हवा और बारिश के दौरान घरों के खिड़की-दरवाजे मजबूती से बंद रखें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    घर की छतों, बालकनी या जर्जर इमारतों के आसपास खड़े होने से बचें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अगर आप वाहन चला रहे हैं, तो भारी बारिश में गाड़ी की स्पीड धीमी रखें और पेड़ या खंभे के नीचे गाड़ी पार्क न करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग बारिश और बिजली कड़कने के दौरान निकाल दें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों को अपने पास सुरक्षित रखें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौसम की यह मार प्रकृति का वह रूप है जिसके आगे किसी का जोर नहीं चलता। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह खबर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 18 जुलाई 2026 के लिए जारी किए गए आधिकारिक पूर्वानुमान और मौसम बुलेटिन पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए किसी भी प्रकार की यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाने से पहले कृपया IMD की आधिकारिक वेबसाइट (mausam.imd.gov.in) या अपने स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए नवीनतम अपडेट्स और एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। Khabreelal News मौसम में होने वाले अचानक बदलाव या प्राकृतिक आपदा से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें