खास बातें:
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    त्योहारी सीजन में रिकॉर्ड तोड़ महंगाई: धनतेरस और दिवाली की खरीदारी से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतें अपने चरम पर, क्या यह खरीदारी का सही समय है?
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अमेरिकी 'तालाबंदी' बनी भारत के लिए जैकपॉट: अमेरिकी सरकार के कामकाज ठप होने से कैसे भारतीय बुलियन बाजार में आई सुनामी?
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    न डेटा, न दिशा, फेडरल रिजर्व मजबूर: क्यों प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के बिना अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती के लिए हो सकता है मजबूर?
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    चांदी बनी 'सुपरस्टार': औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश की दोहरी ताकत से चांदी की कीमतें भर रही हैं ऊंची उड़ान, विशेषज्ञों ने बताया अगला टारगेट।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
नई दिल्ली. त्योहारी सीजन की दहलीज पर खड़े भारत में सोने और चांदी की कीमतों में आग लग गई है। एक ऐसे समय में जब लोग धनतेरस और दिवाली के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, कीमती धातुओं के भाव आसमान छू रहे हैं। पिछले हफ्ते घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोना ₹1,18,113 प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुंच गया, तो वहीं चांदी भी ₹1,45,744 प्रति किलोग्राम पर रॉकेट की गति से दौड़ती नजर आई। बाजार में इस अप्रत्याशित भूचाल के पीछे अमेरिका में गहराता एक बड़ा संकट है, जो भारतीय निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर आया है।READ ALSO:-बैंक, बीमा, शेयर या म्यूचुअल फंड में पड़ी “अनक्लेम्ड” रकम कैसे वापस पा सकते हैं? जानिए पूरा तरीका
\r\n\r\n

 

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n
क्यों अमेरिकी संकट बना 'सुनहरा' मौका?
\r\n\r\n
इस जबरदस्त तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी सरकार का आंशिक शटडाउन है। 1 अक्टूबर से शुरू हुए इस शटडाउन के कारण वहां की सरकारी मशीनरी ठप है, जिसका सीधा असर आर्थिक आंकड़ों की रिलीज पर पड़ा है। हर महीने जारी होने वाले महत्वपूर्ण नॉन-फार्म पेरोल (रोजगार) डेटा और महंगाई के आंकड़े अनिश्चित काल के लिए टल गए हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
ये आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व (वहां का केंद्रीय बैंक) के लिए किसी भी मौद्रिक नीति तय करने के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। अब जब फेड के पास अर्थव्यवस्था की सेहत मापने का कोई पैमाना ही नहीं है, तो बाजार यह मानकर चल रहा है कि किसी भी संभावित मंदी से बचने के लिए फेडरल रिजर्व के पास ब्याज दरों में कटौती करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जेपीएम फाइनेंशियल सर्विसेज के उपाध्यक्ष प्रणव मेर के शब्दों में, "कमजोर डॉलर और शटडाउन की आशंका ने सोने को एक सुरक्षित पनाहगाह बना दिया है। निवेशकों को पूरी उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगा, जिससे सोने में 3.5% से 4% तक की तेजी आई है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
चांदी की दोहरी उड़ान, भविष्य की धातु
\r\n\r\n
इस पूरी हलचल में चांदी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। चांदी सिर्फ एक कीमती धातु नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। एक तरफ जहां निवेशक इसे सोने की तरह ही सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 'ग्रीन एनर्जी' क्रांति इसकी मांग को पंख लगा रही है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और 5G टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के उद्योगों में चांदी का कोई विकल्प नहीं है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बढ़ती औद्योगिक मांग और सीमित आपूर्ति के इस समीकरण ने चांदी को एक 'सुपरस्टार' बना दिया है। स्मार्टवेल्थ.एआई के पंकज सिंह का मानना है कि, "घरेलू बाजार में चांदी की कीमतें बहुत जल्द ₹1.50 लाख से ₹1.70 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकती हैं।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
निवेशक अब क्या करें?
\r\n\r\n
कुल मिलाकर, बाजार का मौजूदा रुझान बेहद सकारात्मक है, लेकिन इसमें भारी उतार-चढ़ाव का जोखिम भी शामिल है। जब तक अमेरिका में स्थिति स्पष्ट नहीं होती, सोना और चांदी सुरक्षित निवेश के तौर पर चमकते रहेंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    लंबी अवधि के निवेशक: मौजूदा कीमतों पर थोड़ी खरीदारी कर सकते हैं, क्योंकि समग्र ट्रेंड ऊपर की ओर है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: उन्हें सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि किसी भी सकारात्मक खबर से तेज मुनाफावसूली हो सकती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी बड़े निवेश से पहले अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों और शटडाउन से जुड़ी खबरों पर पैनी नजर बनाए रखें। यह त्योहारी सीजन खरीदारी का मौका तो लाया है, लेकिन समझदारी से लिया गया फैसला ही आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें