वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुरू किए गए “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान ने देशभर में अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों (बैंक जमा, बीमा, शेयर, म्यूचुअल फंड आदि) को उनके वास्तविक मालिकों तक वापस लाने की दिशा में नई पहल शुरू की है। अनुमानित रूप से 1.84 लाख करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति नियामक संस्थाओं के पास लंबित है। READ ALSO:-बैंक या पॉलिसी में पैसा लगाकर भूल गए तो पाने का है मौका, “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान हुआ शुरू
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लेकिन सवाल ये है कि यदि आपके नाम पर ऐसी कोई अनक्लेम्ड रकम पड़ी हो — तो आप उसे कैसे वापस पा सकते हैं? इस लेख में हम विस्तार से बताएँगे — कदम दर कदम — कि बैंक खाते, बीमा पॉलिसी, शेयर या म्यूचुअल फंड का अनक्लेम्ड फंड कैसे ढूंढें और क्लेम करें।
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अनक्लेम्ड संपत्ति क्यों होती है? (Why assets become unclaimed)
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  • गतिविधि न होने पर: बैंक खाता या जमा तब “inoperative” या “दामनांत” माना जाता है जब 10 वर्ष तक कोई लेन-देन न हो। 
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  • मृत्यु या नाम परिवर्तन: यदि खाता धारक की मृत्यु हो जाए या नाम/पता बदल जाए और नियामक को सूचना न हो।
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  • भूल-चूक या लॉगइन न करना: ग्राहक पुराने खातों, बीमा पॉलिसियों या लंबी अवधि बाद निवेश को भूल जाते हैं।
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  • पता बदलना और संवाद न पहुँचना: कंपनी या बैंक अपडेट न होने से नागरिकों तक सूचना नहीं पहुंचती।
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  • कई नियामक संस्थाएँ: अनक्लेम्ड रकम विभिन्न संस्थाओं (बैंक, बीमा, SEBI, IEPF आदि) के पास होती है। 
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प्रमुख पोर्टल्स और व्यवस्था (Regulatory & Portals):-
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\r\nUDGAM (RBI) — बैंक अनक्लेम्ड जमा खोजने का केंद्रीय पोर्टल
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  • UDGAM = Unclaimed Deposits – Gateway to Access Information, RBI द्वारा लॉन्च किया गया है। 
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  • इस पोर्टल पर वर्तमान में लगभग 30 बैंक शामिल हैं, जो लगभग 90% अनक्लेम्ड जमा दर्शाते हैं। 
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  • अधिक जानकारी और दावा प्रक्रिया के लिए बैंक शाखा से संपर्क करना होगा — UDGAM केवल खोज सुविधा देता है। 
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  • अब तक UDGAM के ज़रिए 8 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने अपनी अनक्लेम्ड जमा खोजी है। 
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MITRA (SEBI) — म्यूचुअल फंड फोलियो ट्रेसिंग
\r\nSEBI ने MITRA (Mutual Fund Investment Tracing & Retrieval Assistant) नामक प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है ताकि निवेशक अपने inactive / unclaimed mutual fund folios को ट्रेस कर सकें। 
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इस प्लेटफ़ॉर्म में विभिन्न AMC (Mutual Fund Houses) और RTAs (Registrar & Transfer Agents) डेटा एकत्र कर निवेशकों को खोज सुविधा देता है। 
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कैसे करें दावा? (Step-by-Step Claim Process)
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\r\nनीचे बताया गया है कि आप अलग-अलग श्रेणियों की अनक्लेम्ड संपत्तियां कैसे खोज और क्लेम कर सकते हैं:
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बैंक जमा / बचत / चालू खाते / FD     : UDGAM पोर्टल पर नाम, PAN, बैंक चयन आदि से खोजें     संबंधित बैंक शाखा में जाकर दावा फॉर्म भरें, KYC दस्तावेज़ (आधार, पैन, पता प्रमाण) प्रस्तुत करें 
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म्यूचुअल फंड / Dividend / Redemption Bounty : 
\r\n    MITRA प्लेटफ़ॉर्म पर inactive folios ढूंढें     संबंधित AMC / RTA से संपर्क करें, दस्तावेज़ जैसे PAN, KYC, folio number, पहचानपत्र आदि प्रस्तुत करें 
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  • बीमा पॉलिसी / maturity amount / death claim    : बीमा कंपनी की वेबसाइट या सर्विस सेंटर में पूछताछ करें    पॉलिसी दस्तावेज़, पहचान पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लीगल हियर हो), बैंक खाते का विवरण आदि जमा करें
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  • शेयर / डिविडेंड बकाया    : कंपनी के रजिस्ट्रार या IEPF पोर्टल पर नाम खोजें    IEPF पोर्टल पर दावा करें — आवश्यक दस्तावेज  PAN, पहचान पत्र, बैंक विवरण आदि देने होंगे 
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  • उदाहरण: SBI की एक शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया कि SBI 1989 में जमा FD की राशि + ब्याज + मुआवज़ा हिरासतकर्ता वंशज को दे। 
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सावधानियाँ और चुनौतियाँ (Cautions & Challenges)
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  • दस्तावेज़ का मिलान: नाम, पते में बदलाव हो सकते हैं — सही KYC आवश्यक है।
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  • समयावधि: कुछ मामलों में यदि बहुत लंबा समय बीता हो, तो अतिरिक्त प्रमाण लगने चाहिए।
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  • डिजिटल पहुँच: ग्रामीण या कम डिजिटल साक्षर लोगों को पोर्टल और ऑनलाइन प्रक्रिया समझना मुश्किल हो सकता है।
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  • नियमों में परिवर्तन: RBI ने हाल ही में प्रस्ताव रखा है कि KYC अपडेट वीडियो कॉल या BC (Business Correspondent) के जरिए हो सके। 
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  • नियामक विविधता: बैंक, SEBI, IEPF, IRDAI आदि अलग-अलग नियमों के अनुसार काम करती हैं — इसलिए प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो सकती है।
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सार्वजनिक प्रतिक्रिया और उम्मीदें
\r\nवित्त मंत्री द्वारा अभियान की शुरुआत पर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, क्योंकि यह पुराने जमाने की भूली-बिसरी रकम को वापस पाने का अवसर देता है। 
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  • लेकिन यह भी कहा गया है कि जागरूकता बहुत कम है — कई लोग इस प्रकार की अनक्लेम्ड संपत्तियों के बारे में जानते ही नहीं।
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  • निवेशकों ने SEBI की MITRA पहल की सराहना की है क्योंकि इससे म्यूचुअल फंड बचे हुए हिस्से ट्रेस करना आसान होगा। 
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  • विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को ग्रामीण इलाकों में और अधिक सूचना शिविर लगाने चाहिए ताकि हर नागरिक इस अधिकार का लाभ उठा सके।
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FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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Q1: क्या मैं UDGAM पर बैंक के अलावा अन्य अनक्लेम्ड संपत्तियों की जानकारी पा सकता हूँ?
\r\nA: नहीं — UDGAM सिर्फ बैंक जमा (unclaimed deposits) के लिए है। बाकी संपत्तियाँ (mutual fund, insurance, shares) अन्य नियामक पोर्टल से खोजी जाएँगी। 
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Q2: यदि मेरा खाता 15 वर्ष inactive रहा हो, तो क्या मैं दावा कर सकता हूँ?
\r\nA: हाँ, समयसीमा की बाधा नहीं होनी चाहिए — यदि प्रमाण प्रस्तुत कर सकें तो दावा किया जा सकता है।
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Q3: IEPF क्या है और वह कैसे काम करता है?
\r\nA: IEPF = Investor Education and Protection Fund, जो अनक्लेम्ड शेयर, डिविडेंड, डेबेंचर आदि को सुरक्षित रखता है और क्लेम प्रक्रिया संचालित करता है। 
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Q4: क्या बकाया जमा राशि के साथ ब्याज भी मिलेगा?
\r\nA: हाँ, यदि बैंक / संस्था की नीति हो, तो ब्याज सहित राशि वापस की जाती है।
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Q5: यदि मैं न रहा हो या मृत्यु हो गई हो, तो मेरे वंशज कैसे क्लेम करें?A: वंशज कानूनी दस्तावेज (death certificate, succession certificate, परिवार प्रमाणपत्र आदि) के साथ दावा कर सकते हैं।
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