उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को अपना शिकार बनाता था। Bijnor Crime News के तहत थाना नगीना पुलिस, स्वाट (SWAT) और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने रैपो ऐप (Repo App) के जरिए फाइनेंस की बकाया किस्तों वाली गाड़ियों को निशाना बनाने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिजनौर के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने इस पूरे मामले का खुलासा किया।
शिकायतकर्ता से मारपीट कर छीनी थी बाइक पुलिस को दी गई शिकायत में खालिद नामक व्यक्ति ने बताया था कि 13 अक्टूबर को कुछ अज्ञात लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया था। आरोप है कि इन लोगों ने खालिद से 56 हजार रुपये की अवैध मांग की। जब उसने रुपये देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। शिकायत के अनुसार, आरोपी उसकी स्प्लेंडर प्लस (Splendor Plus) मोटरसाइकिल और 5,500 रुपये नकद छीनकर फरार हो गए। इस तहरीर के आधार पर नगीना पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
रैपो ऐप (Repo App) से निकालते थे डेटा जांच के दौरान पुलिस के सामने गिरोह का काम करने का चौंकाने वाला तरीका (Modus Operandi) सामने आया। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह रैपो ऐप के जरिए उन वाहनों की जानकारी जुटाता था, जिनकी फाइनेंस की किस्तें (EMIs) लंबे समय से बकाया होती थीं। डेटा मिलने के बाद आरोपी संबंधित वाहन मालिकों को रास्ते में रोककर खुद को रिकवरी एजेंट बताते थे और पैसों की वसूली करते थे। रकम न मिलने की स्थिति में वे जबरन वाहन छीनकर फरार हो जाते थे।
चार आरोपी गिरफ्तार, लूटी गई बाइक बरामद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी कर गिरोह के चार सदस्यों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिप्पू, अनुराग सक्सेना, पुष्पेंद्र और आकाश के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता खालिद की लूटी गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी सकुशल बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को इस तरह से अपना शिकार बनाया है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›
Sabse pehle comment karne wale banein.