उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया। ASHA Workers Protest Bijnor के तहत, आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

लखनऊ में सुनवाई न होने से नाराजगी प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी समस्याओं को लेकर एक शांतिपूर्ण धरना दिया था। लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। लंबे समय से अपनी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अब आशा वर्करों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि उनकी मांगें पूरी न होने के विरोध में 13 अक्टूबर से प्रदेशभर की आशा बहुएं और संगिनियां अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगी। मंगलवार को भी बिजनौर में कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।

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प्रदर्शन में शामिल प्रमुख कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आशा वर्कर मौजूद रहीं। इनमें मुख्य रूप से संगीता देवी, सरिता देवी, अनुराधा सैनी, दीपा देवी, लता देवी, रेखा, अनिता देवी और हसीना खातून शामिल थीं। इसके अलावा गुलशन, जयवती, सीमा, सोनम, चंचल, राखी देवी, कौशल, सुमन, सुजाता, मीना, ममता और नीरज समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपनी आवाज बुलंद की।

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कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपकर प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। अब आंदोलन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आएगी, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

नोट: कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव और प्रशासन की प्रतिक्रिया के संबंध में फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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