लखनऊ: कानपुर में 'आई लव मोहम्मद' के नारे से शुरू हुआ विवाद अब राजधानी लखनऊ की सड़कों पर एक पूर्ण सियासी संग्राम में तब्दील हो गया है। यह लड़ाई अब नारों से आगे बढ़कर दो विचारधाराओं की जंग बन चुकी है: 'बुलडोजर' बनाम 'विकास'। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 'आई लव योगी आदित्यनाथ' और 'आई लव बुलडोजर' के होर्डिंग्स के जवाब में अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी मोर्चा खोल दिया है। रविवार को सपा कार्यालय के ठीक सामने 'आई लव अखिलेश' और 'आई लव शिक्षा, विकास, रोजगार' के पोस्टर लगाकर सपा ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब 'बुलडोजर मॉडल' बनाम 'विकास मॉडल' की होने वाली है।READ ALSO:-बरेली पर योगी का प्रचंड प्रहार: "ये लातों के भूत हैं बातों से नहीं मानते, दुस्साहस करोगे तो पिटोगे... बिना मांगे जहन्नुम का टिकट कटवा देंगे"
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सपा का पलटवार: "बुलडोजर नहीं, रोजगार चाहिए"
\r\n\r\nबीजेपी युवा मोर्चा के नेता अमित त्रिपाठी द्वारा शनिवार को शहर भर में लगवाए गए 'आई लव योगी' होर्डिंग्स का जवाब देने में सपा ने 24 घंटे का भी समय नहीं लिया। सपा लोहिया वाहिनी के नेता विवेक यादव ने रविवार को पार्टी कार्यालय के बाहर एक बड़ा होर्डिंग लगवाया, जिसमें अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ लिखा था- 'आई लव अखिलेश'। इसके ठीक नीचे लिखा था- 'आई लव शिक्षा, विकास, रोजगार'।
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विवेक यादव ने इसे प्रदेश के युवाओं की भावना बताते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में बुलडोजर की राजनीति खत्म हो और शिक्षा, विकास व रोजगार की राजनीति शुरू हो। बीजेपी की होर्डिंग सिर्फ डर और दहशत फैलाने का प्रोपेगेंडा है। प्रदेश के युवाओं को नौकरी चाहिए, छात्रों को अच्छी शिक्षा चाहिए, लेकिन बीजेपी सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना जानती है।"
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कैसे शुरू हुआ 'आई लव...' पर संग्राम?
\r\n\r\nयह पूरा विवाद 6 सितंबर को कानपुर में 'जुलूस-ए-मोहम्मदी' के दौरान शुरू हुआ था, जब बड़ी संख्या में लोग 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर लेकर शामिल हुए थे। इस मामले में पुलिस द्वारा 22 लोगों पर एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
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इसकी आग बरेली तक पहुंची, जहां मौलाना तौकीर रजा की अगुवाई में हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और मौलाना तौकीर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि दंगा करने वालों को ऐसी सजा मिलेगी कि उनकी पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
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इसी सख्त एक्शन के समर्थन में बीजेपी नेता अमित त्रिपाठी ने लखनऊ में 'आई लव योगी' और 'आई लव बुलडोजर' के पोस्टर लगवा दिए। अब सपा ने इसे मुद्दों से भटकाने की राजनीति करार देते हुए अपने होर्डिंग के जरिए विकास के एजेंडे को सामने रखकर 2027 के लिए सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.