उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए रोशनी का पर्व दिवाली इस बार और भी ज्यादा खास और किफायती होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ा त्योहारी तोहफा (दिवाली गिफ्ट) दिया है। ऊर्जा विभाग और उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के फैसले के अनुसार, राज्य के उपभोक्ताओं को नवंबर 2026 के बिजली बिल में 9.17 प्रतिशत की भारी छूट मिलने जा रही है। इस UP Electricity Bill Discount के लागू होने से प्रदेश के घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। यह लगातार पांचवां महीना है जब राज्य के उपभोक्ताओं को ऊर्जा विभाग की ओर से बिजली बिल में इस प्रकार की बड़ी राहत प्रदान की जा रही है।

क्या है एफपीएएएस (FPPAS) जिसके तहत मिल रही है छूट?

यह आकर्षक छूट फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीएएएस - FPPAS) प्रणाली के तहत दी जा रही है। ऊर्जा विभाग के विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, एफपीएएएस एक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था है जिसके अंतर्गत यदि बिजली खरीद और ताप विद्युत संयंत्रों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन (जैसे कोयला आदि) की वास्तविक लागत, पूर्व निर्धारित टैरिफ में शामिल लागत से कम होती है, तो उसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट (राहत) के रूप में ट्रांसफर किया जाता है।

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वर्तमान में बाजार में ईंधन की कीमतों में स्थिरता और यूपीपीसीएल के कुशल बिजली खरीद प्रबंधन के चलते उत्पादन लागत में कमी आई है। इसी वित्तीय बचत का फायदा यूपीपीसीएल द्वारा सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के मासिक बिल में कटौती के जरिए दिया जा रहा है।

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लगातार पांचवें महीने मिली बंपर राहत, जानिए आंकड़े

यूपीपीसीएल द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह कोई पहला मौका नहीं है जब उपभोक्ताओं को बिल में कमी का आर्थिक लाभ मिला है, बल्कि यह सिलसिला पिछले पांच महीनों से अनवरत जारी है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो उपभोक्ताओं को लगातार मिल रही राहत का ग्राफ इस प्रकार है:

  • जुलाई 2026: मानसून की शुरुआत में उपभोक्ताओं को बिल में 4.43 प्रतिशत की राहत दी गई थी।

  • अगस्त 2026: यह क्रम जारी रहा और उपभोक्ताओं को बिल में 2.92 प्रतिशत की छूट मिली।

  • सितंबर 2026: इस महीने प्रबंधन बेहतर होने से यह राहत बढ़कर 7.93 प्रतिशत तक पहुंच गई।

  • अक्टूबर 2026: त्योहारी सीजन (दशहरा) की शुरुआत में 5.24 प्रतिशत का लाभ दिया गया।

  • नवंबर 2026: अब दिवाली के महीने में यह छूट ऐतिहासिक रूप से बढ़कर 9.17 प्रतिशत हो गई है।

हर वर्ग के उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ

इस बड़े फैसले से न केवल आम घरेलू उपभोक्ताओं के चेहरों पर मुस्कान आई है, बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छोटे-बड़े उद्योगों और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिली है। नवंबर महीने में लागू होने वाले बिजली शुल्क (टैरिफ) में 9.17 प्रतिशत की कटौती से सभी वर्गों के उपभोक्ताओं का मासिक बजट सुधरेगा। खासकर सर्दियों की शुरुआत और त्योहारी सीजन के भारी खर्चों के बीच बिजली बिल का कम आना आम जनता के लिए योगी सरकार की तरफ से किसी बड़े उपहार से कम नहीं है।

यूपीपीसीएल का पारदर्शी बिलिंग और उपभोक्ता हित पर जोर

यह बड़ी राहत ऐसे महत्वपूर्ण समय पर मिल रही है, जब उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) पूरे प्रदेश में विश्वसनीय, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लगातार पांच महीनों से मिल रही यह नकारात्मक एफपीएएएस (Negative FPPAS) राहत, उपभोक्ता हितों के प्रति ऊर्जा विभाग की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यूपीपीसीएल का मुख्य फोकस राज्य में पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था लागू करने और कुशल बिजली खरीद प्रबंधन पर है। इसी साफ-सुथरी और पारदर्शी नीति का सीधा परिणाम है कि ऊर्जा खरीद में जो भी वित्तीय बचत हो रही है, उसे बिना किसी देरी के राज्य के उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित किया जा रहा है।

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