लखनऊ (स्पेशल डेस्क): भारतीय शादियों और पारिवारिक आयोजनों में सबसे बड़ा सिरदर्द अगर कोई होता है, तो वह है मेहमानों और बारातियों को सुरक्षित, आरामदायक और समय पर उनके गंतव्य तक पहुंचाना। आमतौर पर इसके लिए लोगों को प्राइवेट बस ऑपरेटरों की मनमानी कीमतों और खटारा बसों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने आम जनता की इस बड़ी समस्या का एक बेहद शानदार और 'इको-फ्रेंडली' (Eco-friendly) समाधान निकाल लिया है।READ ALSO:-स्योहारा में 'शोले' फिल्म जैसा हाई-वोल्टेज ड्रामा: प्रेमिका से शादी की जिद में टावर पर चढ़ा सिरफिरा आशिक, पुलिस के फूले हाथ-पांव
\r\n\r\n\r\n\r\n
यूपी रोडवेज अब सिर्फ निर्धारित रूटों पर यात्रियों को ढोने का काम नहीं करेगा, बल्कि यह आपकी 'निजी खुशियों' का भी सारथी बनने जा रहा है। परिवहन निगम ने अपनी वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसों को निजी तौर पर किराए (Rental Scheme) पर देने की ऐतिहासिक योजना शुरू कर दी है। अब आपके घर के दरवाजे पर बारात, मुंडन या तीर्थयात्रा के लिए रोडवेज की लग्ज़री बसें तैयार खड़ी मिलेंगी। आइए, इस पूरी योजना की गहराई से पड़ताल करते हैं और जानते हैं कि यह आपके बजट और सुविधाओं के पैमाने पर कितनी खरी उतरती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
रोडवेज के बेड़े में 'इलेक्ट्रिक क्रांति': 7 महानगरों में शुरू हुई सुविधा
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का बस बेड़ा अब पहले जैसा नहीं रहा। कभी सिर्फ खटारा और साधारण बसों के लिए पहचाना जाने वाला रोडवेज आज हाई-टेक हो चुका है। अब तक बेड़े में साधारण बसें, एसी जनरथ बसें, शताब्दी बसें और एसी पवन हंस बसें शामिल थीं, लेकिन अब इसमें आधुनिक एसी इलेक्ट्रिक बसों (AC Electric Buses) और डबल डेकर एसी इलेक्ट्रिक बसों (Double Decker AC Electric Buses) का शानदार बेड़ा जुड़ गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वर्तमान स्थिति की बात करें तो उत्तर प्रदेश के कुल सात प्रमुख महानगरों में सिटी ट्रांसपोर्ट के पास इलेक्ट्रिक बसों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो चुका है:
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n प्रदेश भर के अलग-अलग शहरों में करीब 1400 एसी इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं।\r\n \r\n
- \r\n सिर्फ राजधानी लखनऊ (Lucknow City Transport Services Limited) की बात करें, तो यहां के बेड़े में 140 आधुनिक एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।\r\n \r\n
- \r\n इन बसों का संचालन सीधे परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (Regional Manager - RM) की देखरेख में किया जा रहा है, जो इन सिटी बसों के एमडी (MD) भी होते हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
दूरी की सीमा: 200 किलोमीटर तक के दायरे के लिए बुकिंग
\r\n\r\nअगर आप सोच रहे हैं कि आप इस बस को बुक करके यूपी से दिल्ली या अन्य किसी बहुत दूर के राज्य में ले जा सकते हैं, तो आपको अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n क्यों है 200 किलोमीटर की सीमा? एक इलेक्ट्रिक बस फुल चार्ज होने पर एक बार में औसतन 200 किलोमीटर तक का सफर तय करती है। वर्तमान में राज्य के हाईवेज और लंबे रूटों (Long Routes) पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पर्याप्त 'चार्जिंग स्टेशनों' (Charging Stations) का अभाव है।\r\n \r\n
- \r\n सिटी और आसपास के लिए परफेक्ट: लंबी दूरी पर चार्जिंग खत्म होने के जोखिम से बचने के लिए, परिवहन निगम ने फिलहाल इन बसों की बुकिंग का दायरा 200 किलोमीटर (आना-जाना मिलाकर) तक ही सीमित रखा है। शहर के भीतर या आसपास के जिलों में शादी, तिलक, मुंडन या किसी भी पार्टी के लिए यह सबसे बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित हो रहा है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जैसे-जैसे पूरे प्रदेश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा, इन बसों को लॉन्ग रूट के लिए भी बुक किया जा सकेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बुकिंग का किराया और पैकेज: आपके बजट में कितना फिट?
\r\n\r\nप्राइवेट ऑपरेटर शादियों के सीजन (Wedding Season) में मांग बढ़ने पर मुंहमांगा किराया वसूलते हैं। इसके विपरीत, सरकारी बसों की बुकिंग दरें पूरी तरह से पारदर्शी और तयशुदा हैं। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विमल राजन ने चार्टर्ड बसों की बुकिंग के पैकेजों की विस्तृत जानकारी दी है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 3 घंटे का पैकेज: ₹3,500 (शुरुआती बुकिंग)\r\n \r\n
- \r\n 6 घंटे का पैकेज: ₹7,000\r\n \r\n
- \r\n 12 घंटे का पैकेज: ₹14,000\r\n \r\n
- \r\n 24 घंटे (पूरे दिन) का पैकेज: ₹28,000\r\n \r\n
\r\n\r\n
नोट: यात्री अपनी सुविधा के अनुसार बस बुक कर सकते हैं। निर्धारित समय से ज्यादा होने पर 3 घंटे के अतिरिक्त स्लैब के हिसाब से शुल्क लिया जाता है।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
साधारण बसों का विकल्प भी है मौजूद: अगर कोई 200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए बस बुक करना चाहता है, तो रोडवेज अपनी 'साधारण बसों' (Non-AC) की सुविधा भी दे रहा है। वर्तमान में साधारण बस की 24 घंटे की बुकिंग का तय किराया 27,808 रुपए है। यदि बस निर्धारित किलोमीटर से अधिक चलती है, तो 59 रुपए प्रति किलोमीटर की अतिरिक्त दर से शुल्क लिया जाता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्राइवेट बसों के मुकाबले क्यों बेहतर है रोडवेज की इलेक्ट्रिक बस? (प्रमुख फायदे)
\r\n\r\nलोग प्राइवेट ऑपरेटरों की डीजल बसों को छोड़कर सरकारी इलेक्ट्रिक बसों की तरफ क्यों रुख कर रहे हैं? इसके पीछे कई ठोस और व्यावहारिक कारण हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n आरामदायक और झटके-रहित सफर: इलेक्ट्रिक बसों में भारी-भरकम इंजन नहीं होता, इसलिए इनमें बिल्कुल भी आवाज (Noiseless) नहीं होती और कंपन (Vibration) न के बराबर होता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह सफर किसी लग्जरी कार जैसा एहसास देता है।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा की 100% गारंटी: यह इसका सबसे बड़ा 'यूएसपी' (USP) है। इन बसों में 'पैनिक बटन' (Panic Button) लगे होते हैं। यदि रास्ते में बारातियों या यात्रियों को कोई भी परेशानी होती है, तो यह बटन दबाते ही सीधा संपर्क बस कंट्रोल रूम से हो जाता है और तत्काल पुलिस या प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराई जाती है।\r\n \r\n
- \r\n वेरीफाइड ड्राइवर और फुल इंश्योरेंस: इन बसों को चलाने वाले ड्राइवर पूरी तरह से प्रशिक्षित और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं, जिससे रात के सफर में परिवार खुद को सुरक्षित महसूस करता है। साथ ही, चार्टर बुकिंग में बस चालक, परिचालक और उसमें सवार सभी यात्री बीमा (Insurance Cover) से सुरक्षित होते हैं।\r\n \r\n
- \r\n पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly): शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ, आपकी एक बुकिंग पर्यावरण को साफ रखने में भी योगदान देती है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कैसे करें बस की बुकिंग? (How to Book)
\r\n\r\nयदि कोई व्यक्ति अपने परिवार या संस्था के लिए बस बुक करना चाहता है, तो प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी रखी गई है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n आप अपने नजदीकी रोडवेज डिपो (Depot) या एआरएम ऑफिस (ARM Office) में सीधे संपर्क कर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n क्षेत्रीय प्रबंधक (RM Office) कार्यालय से भी इसकी बुकिंग की जा सकती है।\r\n \r\n
- \r\n लखनऊ मुख्यालय से बुकिंग चाहने वाले लोग सीधे 'जीएम ऑपरेशन' (GM Operations) से संपर्क कर अपना स्लॉट सुरक्षित कर सकते हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
डेढ़ साल की रिपोर्ट कार्ड: योजना को मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स
\r\n\r\nलखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस योजना ने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। अक्टूबर 2024 से इलेक्ट्रिक बसों की प्राइवेट रेंटल स्कीम को विशेष जोर दिया गया है। पिछले लगभग डेढ़ साल के आंकड़ों के अनुसार:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n सरकारी बुकिंग: विभिन्न सरकारी विभागों ने 300 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की बुकिंग की है।\r\n \r\n
- \r\n निजी बुकिंग: आम जनता और संस्थाओं ने 76 इलेक्ट्रिक बसों की बुकिंग शादियों और दौरों के लिए की है।\r\n \r\n
- \r\n राजस्व: इस चार्टर बुकिंग से विभाग को अब तक 46 लाख, 7 हजार, 750 रुपए की शानदार अतिरिक्त इनकम हो चुकी है। खास तौर पर अयोध्या (Ayodhya) जाने वाले तीर्थयात्रियों के बीच यह बुकिंग काफी लोकप्रिय हो रही है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
प्राइवेट बस ऑपरेटरों की चिंता और उनका पक्ष
\r\n\r\nजहां एक तरफ परिवहन निगम इस नई शुरुआत का जश्न मना रहा है, वहीं प्राइवेट बस ऑपरेटर इससे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ईटीवी भारत से बातचीत में प्राइवेट बस ऑपरेटर मेजर खान और ऑल बस एंड कार फेडरेशन के अध्यक्ष नरेश ग्रोवर ने अपनी चिंताएं स्पष्ट कीं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्राइवेट ऑपरेटरों के मुख्य तर्क:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n इतिहास दोहराने का डर: ऑपरेटरों का कहना है कि जब सरकारें पहले सीएनजी (CNG) लाई थीं, तब भी बड़े वादे किए गए थे जो पूरे नहीं हुए। उन्हें डर है कि इलेक्ट्रिक बसों का हाल भी वैसा ही होगा।\r\n \r\n
- \r\n बेहद महंगी बसें: एक साधारण डीजल बस 50 से 60 लाख रुपए में आ जाती है, जबकि एक एसी इलेक्ट्रिक बस की कीमत कंपनियों ने 1 करोड़ 20 लाख रुपए तक रखी हुई है। इतनी महंगी बस खरीदना आम प्राइवेट ऑपरेटर के बस की बात नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n चार्जिंग स्टेशनों का अभाव: प्राइवेट ऑपरेटरों के पास अपने निजी चार्जिंग पॉइंट लगाने के लिए न तो जगह है और न ही संसाधन। सरकार से उन्हें कोई सब्सिडी या जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n बीच रास्ते खड़े होने का डर: डीजल या सीएनजी बस का ईंधन खत्म होने पर तुरंत भरा जा सकता है, लेकिन अगर लंबी दूरी पर इलेक्ट्रिक बस की बैटरी खत्म हो गई, तो वह बीच रास्ते में खड़ी हो जाएगी। बारातियों को लेकर जा रही बस का रास्ते में रुकना किसी भी ऑपरेटर के लिए बदनामी का कारण बन सकता है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
प्राइवेट ऑपरेटरों की मांग है कि सरकार उन्हें भी अनुदान (Subsidy) दे और जब हर जगह चार्जिंग स्टेशन बन जाएं, तब उन्हें भी इस इलेक्ट्रिक मुहिम में शामिल करे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक सकारात्मक और भविष्योन्मुखी कदम
\r\n\r\nकुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा इलेक्ट्रिक बसों को निजी बुकिंग के लिए उपलब्ध कराना एक बेहद सकारात्मक और जनता के हित में उठाया गया कदम है। यह योजना न केवल आम आदमी को सुरक्षित, सस्ती और आरामदायक यात्रा का विकल्प दे रही है, बल्कि राज्य के कार्बन फुटप्रिंट (Carbon Footprint) को कम करने में भी मदद कर रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हालांकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण अभी यह केवल 200 किलोमीटर के दायरे तक सीमित है। लेकिन परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक व प्रवक्ता अमरनाथ सहाय के उस आश्वासन से उम्मीद बंधती है कि जैसे-जैसे पूरे प्रदेश में चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछेगा, यूपी रोडवेज की ये शानदार एसी इलेक्ट्रिक बसें लंबी दूरी की बारातों और तीर्थयात्राओं के लिए भी उपलब्ध होंगी। तब तक, अपने शहर और आसपास की यात्राओं के लिए यह एक 'वैल्यू फॉर मनी' (Value for Money) डील है।
Sabse pehle comment karne wale banein.