लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ योगी सरकार (Yogi Govt) ने अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है। प्रदेश में प्रतिबंधित और नशीले कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) की अवैध बिक्री और तस्करी के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को लखनऊ में एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण और एफएसडीए (FSDA) की सचिव रोशन जैकब ने संयुक्त रूप से इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया।READ ALSO:-नोएडा में 'कबाड़' से खड़ा हुआ अद्भुत संसार! 400 टन स्क्रैप से बने 650 जानवर, 'जंगल ट्रेल पार्क' देख दुनिया हैरान
\r\n\r\n\r\n\r\n
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले की तह तक जाने के लिए अब एक एसआईटी (SIT) का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता आईजी (IG) स्तर के अधिकारी करेंगे। साथ ही, पैसों के लेन-देन और अवैध संपत्ति की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी करेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अब तक का एक्शन: आंकड़े चौंकाने वाले हैं
\r\n\r\nपिछले दो महीनों से यूपी पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीमें गुपचुप तरीके से इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही थीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी राजीव कृष्ण ने जो आंकड़े पेश किए, वे इस रैकेट की भयावहता को दर्शाते हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n कुल FIR: प्रदेश भर में अब तक 128 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n बरामदगी: 3.5 लाख से ज्यादा नशीले कफ सिरप की बोतलें जब्त की गई हैं।\r\n \r\n
- \r\n गिरफ्तारी: 35 बड़े सप्लायर और स्टॉकिस्ट गिरफ्तार किए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n गाड़ियाँ जब्त: गाजियाबाद में 4 ट्रक और एक अन्य जनपद में 1 ट्रक माल पकड़ा गया है।\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
बड़े मगरमच्छों पर शिकंजा: भोला जयसवाल और सौरभ त्यागी गिरफ्तार
\r\n\r\nइस कार्रवाई की खास बात यह है कि पुलिस ने छोटे दुकानदारों को परेशान करने के बजाय इस नेटवर्क की 'बड़ी मछलियों' पर हाथ डाला है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में भोला जयसवाल, राणा और सौरभ त्यागी शामिल हैं। ये वो लोग हैं जो पर्दे के पीछे रहकर इस काले कारोबार को संचालित कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दो अन्य मुख्य सरगनाओं की पहचान कर ली गई है और जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
SIT और ED की एंट्री: अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
\r\n\r\nप्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने बताया कि यह मामला सिर्फ अवैध दवा बिक्री का नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n SIT का गठन: पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए आईजी की अध्यक्षता में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। यह टीम पूरे नेटवर्क को खंगालेगी।\r\n \r\n
- \r\n ED की जांच: अवैध कमाई और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की जांच के लिए मामला ईडी (Enforcement Directorate) को सौंप दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n तस्करी के तार: खुफिया इनपुट मिले हैं कि यह नशीला सिरप उत्तर प्रदेश के रास्ते बांग्लादेश और नेपाल भेजा जा रहा था।\r\n \r\n
\r\n\r\n
अन्य नशीली दवाओं पर भी नजर
\r\n\r\nप्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी स्पष्ट किया गया कि जांच का दायरा केवल कोडीन कफ सिरप तक सीमित नहीं है। ट्रामाडोल (Tramadol) और एक्ट्राजोलम (Alprazolam) जैसी अन्य नारकोटिक दवाओं की अवैध बिक्री पर भी सरकार की नजर है। प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में थोक विक्रेताओं के यहां छापेमारी की गई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एफएसडीए कमिश्नर रोशन जैकब ने बताया कि फैंसीडिल सिरप बनाने वाली कंपनी और ग्लोबिन फार्मा जैसी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की भी जांच की गई है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मध्य प्रदेश में नशीले सिरप से हुई मौतों का यूपी के इस मामले से कोई सीधा लिंक अभी तक सामने नहीं आया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप केस में हुई यह कार्रवाई नशा माफियाओं के लिए एक बड़ा झटका है। 3.5 लाख बोतलों की बरामदगी और SIT का गठन यह बताता है कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी गंभीर है। अब देखना होगा कि ईडी और एसआईटी की जांच में और कितने सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब होते हैं। सीएम योगी का संदेश साफ है—यूपी में नशे के कारोबार के लिए कोई जगह नहीं है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोडीन कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 128 एफआईआर दर्ज कर 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3.5 लाख से अधिक बोतलें जब्त की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी की अध्यक्षता में SIT गठित की गई है और ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगी। यह सिरप नेपाल और बांग्लादेश तस्करी किया जा रहा था।
Sabse pehle comment karne wale banein.