नई दिल्ली: मोबाइल फोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन यही फोन साइबर अपराधियों के लिए ठगी का सबसे बड़ा जरिया भी बन गया है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने Sanchar Saathi App (संचार साथी ऐप) लॉन्च किया था। हाल ही में इस ऐप को मोबाइल में 'अनिवार्य' (Mandatory) करने की खबरों पर विपक्ष ने भारी हंगामा किया और इसे निजता का हनन बताया। हालांकि, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ कर दिया है कि यह ऐप पूरी तरह वैकल्पिक (Optional) है।READ ALSO:-नौकरी की तलाश खत्म! योगी सरकार ला रही है 'रोजगार महाकुंभ 2025': 300 कंपनियां, 20 हजार पद और हाथों-हाथ मिलेगी ज्वॉइनिंग
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विवाद अपनी जगह है, लेकिन एक आम मोबाइल यूजर के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर संचार साथी ऐप क्या है, यह कैसे काम करता है और इसे फोन में रखने के क्या फायदे या नुकसान हैं?
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क्या है संचार साथी ऐप? (What is Sanchar Saathi App)

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Sanchar Saathi App सरकार द्वारा तैयार किया गया एक एडवांस साइबर सिक्योरिटी टूल है। इसकी शुरुआत साल 2023 में एक वेब पोर्टल के तौर पर हुई थी, जिसका मकसद नागरिकों को मोबाइल से जुड़े साइबर हमलों से बचाना था। इसकी सफलता और जरूरत को देखते हुए सरकार ने 17 जनवरी 2025 को इसका मोबाइल ऐप वर्जन लॉन्च किया। यह ऐप एंड्रॉइड (Android) और आईओएस (iOS) दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में उपलब्ध है।
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सरकार का तर्क है कि इस ऐप के जरिए चोरी हुए फोन को ट्रेस करना, फर्जी सिम कार्ड का पता लगाना और साइबर फ्रॉड को रोकना आसान हो जाता है।
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कैसे काम करता है यह ऐप?

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यह ऐप सीधे तौर पर सरकार की टेलीकॉम सिक्योरिटी प्रणाली यानी CEIR (Central Equipment Identity Register) से जुड़ा हुआ है। यह एक केंद्रीय डेटाबेस है जहां देश के हर मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज होता है।
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    इंस्टॉलेशन और रजिस्ट्रेशन: जब यूजर इस ऐप को इंस्टॉल करता है, तो उसे अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के बाद फोन ऐप से लिंक हो जाता है।
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    IMEI स्कैनिंग: ऐप फोन के IMEI नंबर को केंद्रीय डेटाबेस से मैच करता है। यह तुरंत जांचता है कि आप जो फोन इस्तेमाल कर रहे हैं, वह वैध है या चोरी का तो नहीं है।
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    सुरक्षा चक्र: एक बार एक्टिवेट होने के बाद, यह ऐप संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखता है और डिजिटल ठगी से सुरक्षा प्रदान करता है।
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संचार साथी ऐप के 3 बड़े फायदे (Key Benefits)

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1. चोरी या खोया मोबाइल वापस पाएं अगर आपका फोन चोरी या गुम हो जाता है, तो Sanchar Saathi App संजीवनी साबित हो सकता है। आप इस ऐप (या पोर्टल) के जरिए अपने फोन को तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं। ब्लॉक होने के बाद चोर उस फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। जैसे ही उस फोन में कोई नया सिम डाला जाएगा, ऐप उसके नेटवर्क को ट्रेस कर पुलिस और आपको लोकेशन की जानकारी दे देगा। अब तक इस तकनीक से 7 लाख से ज्यादा फोन बरामद किए जा चुके हैं और 37 लाख डिवाइस ब्लॉक किए गए हैं।
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2. आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं? कई बार फ्रॉडस्टर आपकी आईडी का इस्तेमाल करके फर्जी सिम निकाल लेते हैं। इस ऐप में मौजूद TAFCOP फीचर के जरिए आप एक क्लिक में देख सकते हैं कि आपके आधार/ID पर कितने नंबर चल रहे हैं। अगर कोई अनजान नंबर दिखता है, तो आप उसे यहीं से रिपोर्ट करके बंद करवा सकते हैं। अब तक 3 करोड़ से ज्यादा फर्जी कनेक्शन इस तरह बंद किए जा चुके हैं।
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3. फ्रॉड कॉल और स्कैम की रिपोर्टिंग बैंक KYC, बिजली बिल या लॉटरी के नाम पर आने वाले फ्रॉड कॉल और वॉट्सएप मैसेज की शिकायत आप सीधे इस ऐप पर कर सकते हैं। यह चक्षु (Chakshu) पोर्टल से जुड़ा है, जो संदिग्ध नंबरों पर कार्रवाई करता है।
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विपक्ष का आरोप: जासूसी का नया 'पेगासस'?

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इस ऐप के फायदों के बीच निजता (Privacy) का सवाल भी खड़ा हुआ है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार संचार साथी ऐप के जरिए नागरिकों की निगरानी करना चाहती है। इसे 'पेगासस' का नया वर्जन तक कहा गया। विपक्ष का कहना है कि अगर यह ऐप हर फोन में अनिवार्य हुआ, तो सरकार यूजर के डेटा तक सीधी पहुंच बना सकती है। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह ऐप यूजर की सुरक्षा के लिए है और इसे इंस्टॉल करना पूरी तरह स्वैच्छिक है।
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कितना फायदा, कितना नुकसान?

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अगर सुरक्षा के नजरिए से देखें, तो Sanchar Saathi App एक बेहतरीन टूल है। 5 करोड़ से ज्यादा लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं। मोबाइल चोरी रोकने और फर्जी सिम बंद करने में इसका रिकॉर्ड शानदार रहा है। नुकसान की बात करें, तो प्राइवेसी को लेकर कुछ यूजर्स के मन में संशय हो सकता है, लेकिन सरकार के स्पष्टीकरण के बाद कि इसे डिलीट किया जा सकता है, यह चिंता कम होती नजर आ रही है। अगर आप अपने डिजिटल फुटप्रिंट को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो यह ऐप आपके लिए मददगार साथी बन सकता है।
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'संचार साथी ऐप' को लेकर सरकार ने साफ किया है कि यह अनिवार्य नहीं है। यह ऐप CEIR सिस्टम पर काम करता है, जो चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने और ट्रेस करने में मदद करता है। इसके जरिए आप यह भी जान सकते हैं कि आपकी आईडी पर कितने फर्जी सिम चल रहे हैं। विपक्ष ने इसे निजता का हनन बताया है, जबकि सरकार इसे साइबर फ्रॉड रोकने के लिए जरूरी मानती है।
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