नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Paytm की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (One 97 Communications Limited) ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए रेगुलेटरी नियमों का पालन करने के लिए एक बड़ा रणनीतिक और प्रशासनिक फेरबदल किया है। कंपनी ने अपने ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस को अपनी ही पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) को सौंपने का फैसला किया है।READ ALSO:-केदारनाथ का सफर अब 9 घंटे नहीं, सिर्फ 40 मिनट में! 16 KM की चढ़ाई से मिलेगी मुक्ति, अडानी ग्रुप बनाएगा 4000 करोड़ का रोपवे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य समूह के ऑनलाइन और ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस को एक ही इकाई (PPSL) के तहत लाना है, जिससे कामकाज और ज्यादा सुव्यवस्थित तथा नियामक नियमों के अनुरूप हो सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्यों किया गया यह बड़ा ट्रांसफर?
\r\n\r\nयह पूरा फेरबदल RBI के पेमेंट एग्रीगेटर्स (Payment Aggregators) के रेगुलेशन से जुड़े 15 सितंबर, 2025 को जारी हुए मास्टर डायरेक्शंस का पालन करने के लिए किया जा रहा है।
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n उद्देश्य: PPSL को पहले ही RBI से पेमेंट एग्रीगेटर (ऑनलाइन) के तौर पर काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब ऑफलाइन बिजनेस को भी PPSL को सौंपने से "वन एंटिटी, वन पेमेंट बिज़नेस" का मॉडल स्थापित होगा।\r\n \r\n
- \r\n ऑफलाइन बिजनेस: इस बिजनेस में वे सभी व्यापारी शामिल हैं जो Paytm के लोकप्रिय क्यूआर कोड, साउंडबॉक्स और ईडीसी (EDC) मशीनों के माध्यम से ग्राहकों से भुगतान स्वीकार करते हैं।\r\n \r\n
- \r\n लेनदेन का स्वरूप: यह ट्रांसफर "स्लंप सेल" के आधार पर होगा, जिसका अर्थ है कि पूरे बिजनेस को एकमुश्त बेचा जा रहा है। इसके लिए शेयरधारकों और PPSL बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कंपनी ने उम्मीद जताई है कि यह ट्रांसफर प्रक्रिया 31 दिसंबर, 2025 तक या उससे पहले पूरी हो जाएगी।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
Paytm की तिजोरी पर कोई असर नहीं
\r\n\r\nइस बड़े ट्रांसफर के बावजूद, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि चूँकि यह लेन-देन एक होल्डिंग कंपनी से उसकी ही 100% सहायक कंपनी के बीच हो रहा है, इसलिए कंपनी के समेकित वित्तीय नतीजों (Consolidated Financial Results) पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
| \r\n वित्तीय डेटा (31 मार्च 2025 तक) \r\n | \r\n \r\n आँकड़े \r\n | \r\n \r\n हिस्सेदारी \r\n | \r\n
| \r\n ट्रांसफर किए गए बिजनेस का रेवेन्यू (FY 2024-25) \r\n | \r\n \r\n ₹2,580 करोड़ \r\n | \r\n \r\n स्टैंडअलोन कुल राजस्व का लगभग 47% \r\n | \r\n
| \r\n ट्रांसफर किए गए बिजनेस की नेट वर्थ \r\n | \r\n \r\n ₹960 करोड़ \r\n | \r\n \r\n स्टैंडअलोन कुल नेट वर्थ का 7.45% \r\n | \r\n
\r\n\r\n
वित्तीय वर्ष 2024-25 में, ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस ने कंपनी के अकेले (स्टैंडअलोन) राजस्व का लगभग 47 प्रतिशत दर्ज किया था, जिससे इस ट्रांसफर का रणनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
व्यापक कॉर्पोरेट पुनर्गठन की योजना
\r\n\r\nपेमेंट बिजनेस को एक करने के साथ ही, वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने अपने कॉर्पोरेट ढांचे को सरल बनाने के लिए एक व्यापक आंतरिक पुनर्गठन योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना का लक्ष्य कंपनी की कई वित्तीय और टेक्नोलॉजी से जुड़ी सहायक कंपनियों को सीधे अपने स्वामित्व में लाना है, ताकि पारदर्शिता और दक्षता में सुधार हो।
\r\n\r\nमुख्य पुनर्गठन बिंदु
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज: कंपनी, पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में संस्थापक विजय शेखर शर्मा और उनकी कंपनी VSS इंवेस्टको प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 51.22% इक्विटी का अधिग्रहण करेगी। इससे पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज वन 97 की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n अन्य सहायक कंपनियाँ: एडमायरेबल सॉफ्टवेयर, मोबिक्वेस्ट मोबाइल टेक्नोलॉजीज, ऊर्जा मनी और फिनकलेक्ट सर्विसेज जैसी कंपनियों की शेयरहोल्डिंग को भी सीधे वन 97 कम्युनिकेशंस के तहत लाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n पूर्ण स्वामित्व: पेटीएम इमर्जिंग टेक लिमिटेड, पेटीएम इंश्योरटेक और पेटीएम लाइफ इंश्योरेंस में बची हुई हिस्सेदारी भी विजय शेखर शर्मा से खरीदी जाएगी, जिससे ये सभी भी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बन जाएंगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कंपनी ने बताया कि यह सभी लेन-देन निष्पक्ष बाजार मूल्य पर किए गए हैं और 31 जनवरी, 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है। यह पुनर्गठन समूह की संरचना को सरल, अधिक सुव्यवस्थित और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
\r\n\r\nसवाल 1: Paytm ने किस सहायक कंपनी को पेमेंट बिजनेस ट्रांसफर किया है?
\r\n\r\nजवाब: Paytm ने अपना पेमेंट बिजनेस अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Paytm Payments Services Ltd (PPSL) को ट्रांसफर करने का फैसला किया है।
\r\n\r\nसवाल 2: यह फेरबदल क्यों किया जा रहा है?
\r\n\r\nजवाब: यह फेरबदल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पेमेंट एग्रीगेटर्स से जुड़े मास्टर डायरेक्शंस का पालन करने और ऑनलाइन-ऑफलाइन पेमेंट बिजनेस को एक ही इकाई के तहत लाने के लिए किया जा रहा है।
\r\n\r\nसवाल 3: इस ट्रांसफर का वित्तीय असर क्या होगा?
\r\n\r\nजवाब: चूंकि यह ट्रांसफर होल्डिंग कंपनी से 100% सहायक कंपनी को हो रहा है, इसलिए कंपनी के कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
\r\n\r\nसवाल 4: ट्रांसफर किए जा रहे बिजनेस का रेवेन्यू कितना था?
\r\n\r\nजवाब: वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस ऑफलाइन बिजनेस ने लगभग ₹2,580 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था, जो स्टैंडअलोन रेवेन्यू का 47% था।
\r\n\r\nसवाल 5: पुनर्गठन के बाद पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज में क्या बदलाव आएगा?
\r\n\r\nजवाब: पुनर्गठन के बाद वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड, पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज में विजय शेखर शर्मा की हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लेगी, जिससे यह कंपनी भी वन 97 की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.