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मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की चिर-प्रतीक्षित मांग अब एक विशाल जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। 'हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति' के आह्वान पर आज पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहा, वहीं मेरठ में अधिवक्ताओं के साथ हजारों की संख्या में जनता सड़कों पर उतर आई। शहर के हृदय स्थल बेगमपुल पर मानव श्रृंखला बनाकर घंटों जाम लगाया गया, जिससे पूरे इलाके में यातायात बाधित हो गया।READ ALSO:-मेरठ के लिए ऐतिहासिक दिन: 30 सितंबर को PM मोदी करेंगे 'नमो भारत' और मेट्रो का उद्घाटन, रैपिड ट्रेन से दिल्ली से पहुंचेंगे मेरठ
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न्याय की आस में उमड़ा जनसैलाब: अधिवक्ता, व्यापारी और आम लोग एक साथ
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आज सुबह मेरठ बार कार्यालय से एक विशाल पैदल मार्च शुरू हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता, व्यापारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर 'हाई कोर्ट बेंच' की मांग से जुड़े नारे लिखे हुए थे। यह पैदल मार्च नारेबाजी करते हुए कचहरी से बेगमपुल तक पहुंचा, जहां आंदोलनकारियों ने बेगमपुल को पूरी तरह से जाम कर दिया।
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बेगमपुल पर दो घंटे से अधिक समय तक जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मेरठ में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग की, जिससे पश्चिम यूपी के लाखों लोगों को न्याय पाने में आसानी हो सके।
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भाजपा की 'गैरमौजूदगी' पर सवाल, MLC और महापौर ने दिया समर्थन
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आंदोलन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि प्रदर्शन में भाजपा का कोई बड़ा पदाधिकारी या जनप्रतिनिधि शुरुआती दौर में नजर नहीं आया। हालांकि, बाद में एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज और महापौर हरिकांत अहलूवालिया बेगमपुल पहुंचे। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि भाजपा हाई कोर्ट बेंच की मांग का पूरा समर्थन करती है और अन्य जनप्रतिनिधियों के शहर से बाहर होने के कारण वे आंदोलन में शामिल नहीं हो सके।
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22 जिलों में ठप रहा न्यायिक कार्य: एक ऐतिहासिक बंद
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पश्चिम उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति ने इस आंदोलन को 'जन आंदोलन' बनाने की घोषणा की थी, जिसकी झलक आज देखने को मिली। संघर्ष समिति के आह्वान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जनपदों में आज अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूरी तरह बहिष्कार किया। सभी जिलों में अधिवक्ताओं ने प्रमुख चौराहों और स्थानों पर प्रदर्शन किया। मेरठ में भी सुबह से ही कचहरी की सभी दुकानें और अधिवक्ताओं के चेंबर बंद रहे।
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सड़कों पर 'आर-पार की लड़ाई': युवा अधिवक्ताओं ने वाहनों को रोका
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लगभग 11 बजे कचहरी से शुरू हुआ पैदल मार्च प्यारेलाल शर्मा रोड से होता हुआ बेगमपुल पहुंचा। यहां सपा विधायक अतुल प्रधान, सपा जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी, संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता, नवीन गुप्ता, आबूलेन व्यापार संघ से सरदार राजबीर सिंह, कांग्रेस महानगर कमेटी, सफाई मजदूर संघ से कैलाश चंदोला, आजाद अधिकार सेना, मेरठ कॉलेज छात्रसंघ, कंकरखेड़ा व्यापार संघ से नीरज मित्तल और बसपा समेत तमाम संगठनों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हाई कोर्ट बेंच की मांग को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
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प्रदर्शन के दौरान जोश से भरे युवा अधिवक्ताओं ने बेगमपुल चौराहे पर वाहनों को रोकने के लिए सड़क पर लेटकर प्रदर्शन किया, जिससे संदेश स्पष्ट था कि वे इस मांग को लेकर किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
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यह आंदोलन पश्चिम यूपी में न्याय की आसान पहुंच के लिए एक बड़ी जन आकांक्षा का प्रतीक बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस व्यापक आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है।
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