उत्तर प्रदेश (UP) में ठंड की शुरुआत के साथ ही हवा में प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिसने Delhi NCR से सटे जिलों के निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अधिकांश शहरों की वायु गुणवत्ता (Air Quality) 'खराब' श्रेणी में पहुँच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, मेरठ (Meerut) इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बेहद खराब' श्रेणी को पार कर गया है।READ ALSO:-मेरठ में फिर गरमाया 'नाम बदलो' विवाद: बेगमपुल स्टेशन का नाम 'भारत माता चौक' करने की मांग पर हिन्दू राष्ट्र सेवा संघ का प्रदर्शन
\r\n\r\n\r\nदिल्ली से सटे जिलों में प्रदूषण का फैलाव
\r\nयह प्रदूषण मुख्य रूप से धीमी हवाओं, वाहनों के उत्सर्जन और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने (Stubble Burning) के कारण फैल रहा है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) से सटे होने के कारण, UP के ये जिले सीधे तौर पर राजधानी की जहरीली हवा से प्रभावित होते हैं।
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- खराब श्रेणी: UP के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे प्रमुख औद्योगिक और आवासीय शहरों का हाल अच्छा नहीं है और हवा 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। \r\n
- बेहद खराब: AQI का 300 से अधिक होना 'बेहद खराब' (Very Poor) श्रेणी में आता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। \r\n
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मेरठ में सबसे बुरा हाल
\r\nCPCB द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मेरठ में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहाँ AQI 300 के खतरनाक स्तर को पार कर गया है।
\r\n\r\n\r\nCPCB द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मेरठ में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहाँ AQI 300 के खतरनाक स्तर को पार कर गया है।
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- मेरठ की स्थिति (सबसे खराब): \r\n
- जयभीम नगर: AQI 316 (बेहद खराब श्रेणी) \r\n
- गंगानगर: AQI 248 (खराब श्रेणी) \r\n
- अन्य NCR शहरों का AQI (औसत): \r\n
- नोएडा: 285 (खराब श्रेणी) \r\n
- गाजियाबाद: 295 (खराब श्रेणी के करीब) \r\n
- बुलंदशहर: 270 (खराब श्रेणी) \r\n
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स्वास्थ्य जोखिम की चेतावनी
\r\nस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 'बेहद खराब' हवा में सांस लेने से फेफड़ों और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
\r\n\r\n\r\nस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 'बेहद खराब' हवा में सांस लेने से फेफड़ों और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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- सलाह: नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और शाम के समय बाहरी शारीरिक गतिविधियों (Outdoor Activities) से बचें और अनिवार्य रूप से N95 मास्क का प्रयोग करें। \r\n
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प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती
\r\nUP और Delhi NCR सरकारों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा लागू GRAP (Graded Response Action Plan) के नियमों को सख्ती से लागू करें। मेरठ जैसे शहरों में निर्माण गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखना अनिवार्य हो गया है।
\r\nUP और Delhi NCR सरकारों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा लागू GRAP (Graded Response Action Plan) के नियमों को सख्ती से लागू करें। मेरठ जैसे शहरों में निर्माण गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखना अनिवार्य हो गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.