मेरठ, उत्तर प्रदेश।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सोमवार को उस वक्त सियासत गरमा गई, जब एक झूठी सूचना के आधार पर पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक स्थानीय नेता के घर पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर दी। आरोप है कि जब तलाशी में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा, तो उन्होंने उल्टे घर के मालिक और भाजपा माधवनगर मंडल के अध्यक्ष सुमित बंसल को ही धमकी दे डाली। इस घटना के बाद से स्थानीय भाजपा इकाई में भारी रोष है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।READ ALSO:-35 मौतों का खौफ! आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ 'मौत का साया', बिजनौर के इस गाँव ने ली राहत की सांस
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घर में घुसकर अपराधी की तरह ली तलाशी
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मामला ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम इलाके का है। सोमवार दोपहर करीब सवा बजे, जब भाजपा नेता सुमित बंसल अपने घर पर थे, अचानक 10-12 पुलिसकर्मी उनके घर में घुस आए। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिसकर्मी अपने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए दाखिल हुए, मानो वे किसी बड़े अपराधी के ठिकाने पर दबिश दे रहे हों। इस औचक कार्रवाई से घर में मौजूद महिलाओं और बच्चों में दहशत फैल गई।
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जब सुमित बंसल ने इस तरह घर में घुसने का कारण पूछा, तो चौकी इंचार्ज हरिओम गौतम के नेतृत्व में आई टीम ने बताया कि उन्हें पक्की सूचना मिली है कि रात में उनके घर पर अवैध पटाखों की एक गाड़ी उतरी है। सुमित बंसल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और पूरे घर की तलाशी शुरू कर दी। करीब 15 मिनट तक हर कमरा, हर अलमारी और ट्रंक खंगाला गया, लेकिन पुलिस को एक भी पटाखा नहीं मिला।
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"शिकायत करोगे तो पटाखे मिल भी जाएँगे" - धमकी का आरोप
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भाजपा नेता सुमित बंसल के अनुसार, जब पुलिस तलाशी में नाकाम होकर खाली हाथ लौटने लगी, तो उन्होंने इस अपमानजनक कार्रवाई की शिकायत राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से करने की बात कही। आरोप है कि यह सुनते ही चौकी इंचार्ज हरिओम गौतम अपना आपा खो बैठे और धमकी भरे लहजे में कहा, "अगर किसी से शिकायत की, तो घर से पटाखे बरामद भी हो सकते हैं।" इस बात पर तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस टीम वहां से रवाना हो गई। पुलिस के आने और जाने की पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है।
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सूचना पर पहुँचे वरिष्ठ नेता, पुलिस को लिया आड़े हाथ
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मामले की खबर लगते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता कमलदत्त शर्मा और अन्य कार्यकर्ता सुमित बंसल के घर पहुँच गए। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को "पार्टी के कार्यकर्ता का घोर अपमान" बताया। कमलदत्त शर्मा ने मौके पर एसएचओ को तलब किया और उस व्यक्ति का नाम उजागर करने की मांग की, जिसकी झूठी सूचना पर यह शर्मनाक कार्रवाई की गई।
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उन्होंने साफ कहा, "यह तानाशाही है। आप एक सम्मानित व्यक्ति के घर में बिना किसी ठोस सबूत के इस तरह नहीं घुस सकते। हम इस मामले की शिकायत लखनऊ तक करेंगे और दोषी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति पर भी सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।" एसएचओ मौके पर खेद जताते रहे, लेकिन भाजपा नेता शांत नहीं हुए।
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इस घटना ने मेरठ की सियासत में उबाल ला दिया है और पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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